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भारत-बांग्लादेश, हैदराबाद टेस्ट:  किसको क्या मिला इस मैच से

टेस्ट में नंबर एक टीम को पांचवें दिन खींच कर बांग्लादेश ने बढ़ाया कद

Peter Miller Updated On: Feb 14, 2017 12:04 PM IST

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भारत-बांग्लादेश, हैदराबाद टेस्ट:  किसको क्या मिला इस मैच से

न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज तय थी. इसके बीच बांग्लादेश के खिलाफ एक टेस्ट डाल देना किसी को रोमांचित नहीं कर रहा था. ज्यादातर लोगों की राय थी कि ये तो मुकाबला है ही नहीं और मैच तीन दिन में खत्म हो जाएगा.

आकलन में इस बात को नजरअंदाज किया गया कि बांग्लादेश ने हालिया समय में काफी तरक्की की है. वे भले ही न्यूजीलैंड में हारे हों, लेकिन वहां उन्होंने एशिया से बाहर अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया. वे आठ विकेट पर 595 रन बनाने में कामयाब हुए थे.

इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में टीम ने किसी टॉप रैंक टीम के खिलाफ अपने 17 साल के टेस्ट इतिहास में पहली जीत दर्ज की. भले ही दो दशक लगे हों, लेकिन बांग्लादेश ने बेहतर होने के लक्षण दिखाए हैं.

208 रन भारी हार है. लेकिन बांग्लादेश के लिए इस टेस्ट से काफी कुछ पाने का मौका मिला है. भारत ने सात विकेट पर 687 रन बनाए. इसके बावजूद वे मैदान पर पॉजिटिव दिखाई दिए. उन्होंने 128 ओवर बल्लेबाजी की. 388 रन तक पहुंचे. मुशफिकुर रहीम ने शानदार 127 रन बनाए.

Hyderabad: Mushfiqur Rahim celebrates his century against India at the 4th day test between India and Bangladesh at Uppal stadium in Hyderabad on Sunday. PTI Photo(PTI2_12_2017_000062B) *** Local Caption ***

भारत ने मैच बहुत बड़े अंतर से जीता. लेकिन उन्हें जीत के लिए मशक्कत करनी पड़ी. बांग्लादेश के लिए नंबर एक टेस्ट टीम को आखिरी दिन तक खींच लाना और जीत के लिए मेहनत कराना काबिले तारीफ है. कोई टेस्ट टीम तेजी से ऊपर नहीं आती. बांग्लादेश भी इस मामले में अलग नहीं है. लेकिन अच्छी बात है कि काफी समय की जड़ता के बाद आखिर उन्होंने सही दिशा में आगे बढ़ना शुरू कर दिया है.

भारत के लिए अपने घर में उन्हें एक और जीत मिली. इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर हार के बाद से भारत ने 19 टेस्ट अपने घर में खेले हैं. 17 जीते और दो हारे हैं. इसमें श्रीलंका और वेस्ट इंडीज की जीत जोड़ लीजिए. इसका मतलब है कि 2014-15 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारत ने कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारी है.

अब भी इस टीम के लिए मुश्किल पिचों पर मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ क्षमता को लेकर सवाल हैं. लेकिन अब वो जमाना है, जब घर में जीतना बाहर के मुकाबले मुश्किल से मुश्किल होता जा रहा है. ये हर टीम के साथ है. भारतीय टीम विश्व विजेता नहीं है. लेकिन सही दिशा में आगे बढ़ रही है.

घर में लंबे समय से टीम खेल रही है. अब उसे विदेश दौरों पर निकलना है. ऐसे में हमें जल्दी ही पता चल जाएगा कि एमएस धोनी की कप्तानी में मिली बड़ी हारों के बाद इस टीम ने कितनी तरक्की की है. उन सीरीज में ऐसा लगता था कि भारतीय टीम जल्दी हताश हो जाती थी और फिर वापसी करने में कामयाब नहीं होती थी. अब यह कोच के तौर पर अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली की जिम्मेदारी है कि भविष्य में ऐसा न हो.

बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला कप्तान कप्तान कोहली की असाधारण फॉर्म का एक और नमूना था. उन्होंने अपना चौथा दोहरा शतक जमाया. ऐसा उन्होंने लगातार चार सीरीज में किया. ऐसा करने वाले वह पहले बल्लेबाज बने. इस घरेलू सीजन में वह 1206 रन बना चुके हैं. यह भी रिकॉर्ड है. अब भी घर में चार मैच बाकी हैं. देखना होगा कि वो इसे कितना आगे ले जा पाते हैं.

हालांकि कोहली बेहतरीन हैं. लेकिन भारतीय टॉप ऑर्डर का मतलब सिर्फ कोहली नहीं हैं. घर में खेले नौ मैचों में आठ भारतीय खिलाड़ियों ने 50 से ज्यादा औसत से रन बनाए हैं. 15 शतक और 29 अर्ध शतक जमाए गए हैं. एक तिहरा शतक लगाया गया है. यह उसने लगाया, जिसे मैच में ड्रॉप कर दिया गया.

Hyderabad : Members of the Indian cricket team pose with team's support staff for a group photograph on the last day of the one-off cricket test match against Bangladesh in Hyderabad on Monday. PTI Photo (AP2_13_2017_000088B)

इस मुकाबले में ऋद्धिमान साहा और मुरली विजय ने शतक जमाए. चेतेश्वर पुजारा ने 83 और अजिंक्य रहाणे ने 82 रन बनाए. टॉप ऑर्डर बेहतरीन टच में है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगली सीरीज में भी वे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे होंगे.

भारतीय गेंदबाजों ने फ्लैट विकेट पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए 20 विकेट झटके. सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन उमेश यादव का रहा, जिन्होंने रफ्तार और आक्रामकता दिखाई. यादव ने ही बांग्लादेश की पहली पारी में पहला विकेट लिया. मैच में 117 रन देकर तीन विकेट लिए. लेकिन उनका प्रदर्शन इससे कहीं बेहतर है.

जब भारतीय टीम एशिया से बाहर जाएगी, तो उसे सीम बॉलिंग की सख्त जरूरत होगी. मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को स्विंग के लिए जाना जाता है. इशांत शर्मा का कद उन्हें अलग किस्म का हथियार बनाता है. अगर वह अपनी रफ्तार में सटीकता और निरंतरता जोड़ लें, तो भारत को ऐसा गेंदबाज मिलेगा, जिसकी उसे लंबे समय से तलाश थी.

भले ही स्पिनर्स को ज्यादा विकेट मिले हों. लेकिन भारतीय सीमर ज्यादा घातक दिखाई दिए. रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की निर्जीव पिचों पर सीमितताएं हैं. अगर पिच में कुछ मदद हो, तो वे बेहद खतरनाक हैं. घर में हुई पिछले टेस्ट मैचों में अश्विन को 61 और जडेजा को 46 विकेट मिले हैं. ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल श्रीलंका में टर्निंग गेंदों के सामने कमजोरी दिखाई थी. ऐसे में दोनों स्पिनर अगली सीरीज को लेकर उत्साहित होंगे.

बांग्लादेश के खिलाफ जीत बहुत ज्यादा जश्न की हकदार नहीं है. लेकिन पिछले 12 महीनों में वेस्टइंडीज, श्रीलंका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ जीत और आने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में संभावित जीत भारत को टेस्ट क्रिकेट में बड़ी ताकत बनाएगी. सही है कि ज्यादातर मैच अपने घर में खेले गए हैं. लेकिन इससे नतीजों की अहमियत कम नहीं होती. जिस तरह जीत मिली है, वो तारीफ के काबिल है.

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