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कुलदीप की हैट्रिक के मुरीद हुए हरभजन, कहा - अब अश्विन-जडेजा के लिए टीम में वापसी करना है मुश्किल

2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कोलकाता के ईडन गार्डंस में ही लगाई थी हरभजन ने हैट्रिक

Bhasha Updated On: Sep 22, 2017 06:38 PM IST

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कुलदीप की हैट्रिक के मुरीद हुए हरभजन, कहा - अब अश्विन-जडेजा के लिए टीम में वापसी करना है मुश्किल

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में हैट्रिक ले चुके हरभजन सिंह ने आज कहा कि बांये हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव ने हैट्रिक लेकर टीम में अपनी जगह वैसे ही पक्की कर ली है जैसे उन्होंने 2001 में की थी .

हरभजन ने उस ऐतिहासिक मैच की हैट्रिक को याद करते हुये कहा, ‘ वहीं विपक्ष, वहीं लम्हा, वहीं मैदान और उसी उम्र का दूसरा स्पिनर. जब मैं कुलदीप को गेंदबाजी करते देख रहा था तो मुझे मार्च 2001 में खेली गयी कोलकाता टेस्ट मैच की याद आ रही थी. यह महान उपलब्धि है.’ उन्होंने कहा, ‘ एक युवा स्पिनर के तौर पर जब आप अपने करियर के शुरूआती दौर में हैट्रिक लेते है तो आपका आत्म विश्वास दूसरे स्तर पर चला जाता है. ये ऐसी उपलब्धि है जिसकी याद हर क्रिकेटर पूरी जिंदगी संजो कर रखना चाहता है.’ इंटरनेशनल क्रिकेट में सात सौ से ज्यादा विकेट लेने वाले भज्जी ने कहा, ‘ ईडन गार्डन कभी किसी को खाली हाथ नहीं भेजता और यह इस उपलब्धि को हमेशा क्रिकेट इतिहास में याद रखा जायेगा. ’

हरभजन को लगता है कि 22 वर्षीय कुलदीप के इस प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंध को एकदिवसीय मैचों में रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा को टीम में लाने में परेशानी होगी.

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भज्जी से जब पूछा गया कि टीम के दूसरे स्पिनर युजवेन्द्र चहल भी अच्छी गेंदबाजी कर रहे ऐसे में अश्विन और जडेजा के लिये टीम में जगह बनाना कितना मुश्किल है तो उन्होंने कहा, ‘ यह हमेशा मुश्किल होने वाला है. अगर आपके मौजूदा दोनों स्पिनर अच्छा कर रहे तो वरिष्ठ स्पिनरों के लिये टीम में जगह बनाना मुश्किल हो जाता है. जड्डू (जडेजा) और अश्विन के लिये एकदिवसीय टीम में वापसी करना काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है. फिलहाल दोनों युवा (कुलदीप और चहल) अच्छा कर रहे और मुझे नहीं लगता उन्हें बदलने की जरूरत है. भविष्य में क्या होगा इसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते.’

हरभजन ने दोनों गेंदबाजों की तारीफ करते हुये कहा कि कुलदीप और चहल की जोड़ी इसलिये भी खास हैं क्योंकि दोनों कलाई के स्पिनर है, कलाई के स्पिनर हालत और पिच से मिलने वाली मदद पर निर्भर नहीं होते. चहल के पास अच्छी गुगली का विकल्प है और उस में गेंद का ज्यादा घूमाने की क्षमता भी है. कुलदीप के पास भी गेंद को दोनों ओर घूमाने की कला है. इंटरनेशनल स्तर पर अच्छा करने के लिये जरूरी एक्स-फैक्टर भी उनके साथ है. ’

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