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भारत-ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज: भारतीय जीत के '5 स्टार'

4 मैचों की सीरीज भारत ने 2-1 से जीती, लगातर 7वीं टेस्ट सीरीज जीती

Lakshya Sharma Updated On: Mar 28, 2017 12:46 PM IST

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भारत-ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज: भारतीय जीत के '5 स्टार'

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को चौथे टेस्ट में 8 विकेट से हराकर 4 मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली. इस सीरीज में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन भारतीय टीम आखिरी पलों में ऑस्ट्रेलिया से आगे निकल गई. भारत की सीरीज जीत में कई खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा है. तो देखते है सीरीज के वह 5 हीरो जिनके प्रदर्शन के बूते भारत ने सीरीज पर कब्जा जमाया

1.रवींद्र जडेजा 

अगर भारत ने ये सीरीज जीती है तो इसका पूरा श्रेय रवींद्र जडेजा को जाता है. इस सीरीज में जडेजा ने न केवल गेंदबाजी से कमाल किया बल्कि बल्ले से भी कई महत्वपूर्ण पारियां खेली है. जडेजा ने इस सीरीज के 4 मैचों में सबसे ज्यादा 25 विकेट लिए हैं. यह विकेट इसलिए भी स्पेशल है क्योंकि जडेजा ने बल्लेबाजों के लिए मददगार पिच पर ये विकेट लिए हैं. भारत के नंबर वन गेंदबाज अश्विन इस सीरीज में उस तरह का प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसी उम्मीद उनसे की जा रही थी. जडेजा ने 25 विकेट लेने के साथ ही 2 अर्धशतक सहित 127 रन भी बनाए. धर्मशाला टेस्ट की पहली पारी में बनाया गया अर्धशतक मैच का टर्निंग पॉइंट बना.

2.चेतेश्वर पुजारा

इस सीरीज में चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय टीम को कई बार मुश्किल से निकाला. 4 मैचों की इस सीरीज में पुजारा ने 405 रन बनाए हैं. वह भी 59 की शानदार औसत से. इस सीरीज में पुजारा ने एक दोहरा शतक के अलावा 2 अर्धशतक भी लगाए. बेंगलुरु टेस्ट की 92 रन की पारी के कारण ही भारत टेस्ट मैच जीत पाया था. उसके बाद रांची में 202 रन की पारी खेल उन्होने भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया था. धर्मशाला में भी उन्होने कोहली की गैरमौजूदगी में जिम्मेदारी से खेलते हुए 57 रन बनाए. पुजारा की तारीफ इसलिए भी होनी चाहिए क्योंकि इस सीरीज में कोहली का बल्ला बिल्कुल नहीं चला जिसकी वजह से उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई थी.

3. लोकेश राहुल

इस युवा ओपनर ने इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया. राहुल ने इस सीरीज की 7 पारियों में 6 अर्धशतक लगाए. राहुल ने हर मैच में रन बनाए. पुणे टेस्ट में हार के बावजूद उनके प्रदर्शन की तारीफ हुई. पुणे की कठिन परिस्थिति में राहुल ने दोनों पारियों में अर्धशतक लगाए थे. इस सीरीज में राहुल ने 65 से ज्यादा की औसत से 393 रन बनाए हैं. हालांकि इन पारियों को वह शतक भी तब्दील नहीं कर पाए जिसका दुख उन्हें भी होगा.

4. ऋद्धिमान साहा

इस विकेटकीपर बल्लेबाज की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम होगी. धोनी के रहते हुए साहा तो ज्यादा मौके नहीं मिले लेकिन धोनी के संन्यास के बाद उन्होने दस्ताने और बल्ले दोनों से अपनी जिम्मेदारी निभाई है. इस सीरीज में भी उन्होने बल्ले और दस्ताने से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस सीरीज में भी साहा ने कई मौकों पर जिम्मेदारी से खेलते हुए कई महत्वपूर्ण पारियां खेली. इस सीरीज में उन्होने करीब 35 की औसत से 174 रन बनाए हैं. रांची टेस्ट में उन्होने न केवल पुजारा का अच्छे तरीके से साथ दिया बल्कि अपने करियर का तीसरा शतक भी लगाया. धर्मशाला टेस्ट में भी उन्होने जडेजा के साथ मिलकर भारतीय टीम को बढ़त दिलाई.

5. उमेश यादव

अगर भारतीय पिचों पर किसी तेज गेंदबाज की तारीफ हो रही है तो आप समझ सकते है कि उसका प्रदर्शन कितना शानदार रहा है. उमेश यादव ने इस सीरीज में भारतीय टीम को हर परिस्थिति में विकेट दिलाए. नई गेंद से उन्होने भारत को शुरुआती विकेट दिलाए तो पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग से ऑस्ट्रेलिया को कई झटके दिए. इस सीरीज में उमेश ने 17 विकेट लिए हैं. वह भी करीब 23 की शानदार औसत से. धर्मशाला की दूसरी पारी में किया गया उनका स्पैल हर कोई याद रखना चाहेगा.

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