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भारत बनाम श्रीलंका, तीसरा टेस्ट : धनंजय डिसिल्वा और रोशन सिल्वा ने श्रीलंका को हार से बचाया

तीन मैचों की सीरीज भारत ने 1-0 जीती, ऑस्ट्रेलिया के लगातार नौ सीरीज जीतने के विश्व रिकॉर्ड के बराबरी की

FP Staff Updated On: Dec 06, 2017 05:18 PM IST

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भारत बनाम श्रीलंका, तीसरा टेस्ट : धनंजय डिसिल्वा और रोशन सिल्वा ने श्रीलंका को हार से बचाया

श्रीलंकाई टीम ने इस परिणाम की तो कल्पना भी नही की होगी. भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 410 रन का रिकॉर्ड लक्ष्य रखा जिसके जवाब में मेहमान टीम चौथे दिन स्टंप तक 31 रन पर तीन विकेट पर गंवाकर संघर्ष कर रही थी. लेकिन बुधवार को पांचवें और अंतिम दिन श्रीलंकाई टीम ने टी ब्रेक तक पांच विकेट पर 226 रन बना लिए. उस समय पहला टेस्ट खेल रहे रोशन सिल्वा 38 और निरोशन डिकवेला 11 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे. उससे पांच ओवर पहले धनंजय डिसिल्वा अपना तीसरा शतक लगाने के बाद रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. दूसरी नई गेंद केवल एक ओवर पुरानी थी. सपाट नजर आ रही पिच पर भारत को अब भी उम्मीद थी कि उसके तेज गेंदबाज और स्पिनर कुछ कमाल कर सकते हैं. लेकिन सिल्वा और डिकवेला ने कुछ और ठान रखा था. दोनों ने अटूट साझेदारी कर भारत को सफलता से दूर किए रखा. भारतीय जब सात अनिवार्य ओवर बचे थे तभी कप्तान विराट कोहली मैच ड्रॉ कराने पर राजी हो गए.

लेकिन मेजबान टीम 1-0 से सीरीज जीतने और ऑस्ट्रेलिया के लगातार नौ सीरीज जीतने के विश्व रिकॉर्ड के बराबरी करने में सफल रही. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के नाम पर लगातार नौ सीरीज जीतने का रिकॉर्ड दर्ज था, जिसने यह कमाल 2005 से 2008 के बीच किया था. भारत के विजय अभियान की शुरुआत 2015 में श्रीलंका की सरजमीं पर हुई जब कोहली की अगुआई में टीम ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती और तब से भारत की जीत का क्रम जारी है.

बुधवार को धनंजय डिसिल्वा और रोशन सिल्वा की जुझारू पारी आकर्षण का केंद्र रही. डिसिल्वा ने कूल्हे में दर्द के कारण रिटायर्ड हर्ट होने से पहले 219 गेंद में 15 चौकों और एक छक्के की मदद से 119 रन की पारी खेलने के अलावा कप्तान दिनेश चंडीमल (36) के साथ पांचवें विकेट के लिए 112 रन भी जोड़े. रोशन ने इसके बाद 154 गेंद में 11 चौकों की मदद से नाबाद 74 रन की पारी खेलने के अलावा निरोशन डिकवेला (नाबाद 44) के साथ छठे विकेट के लिए 99 रन की अटूट साझेदारी करके श्रीलंका को स्कोर पांच विकेट पर 299 रन तक पहुंचाकर मैच ड्रॉ कराया. डिसिल्वा पिछले 10 साल में विदेशी सरजमीं पर चौथी पारी में शतक जड़ने वाले पहले श्रीलंकाई बल्लेबाज हैं.

श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने पूरे संकल्प के साथ बल्लेबाजी की. टीम ने पहले सत्र में 31 ओवर में एक विकेट पर 88 और दूसरे सत्र में 34 ओवर में एक विकेट गंवाकर 107 रन जोड़े. अंतिम सत्र में टीम ने 22 ओवर में 73 रन जोड़े और कोई विकेट नहीं गंवाया. श्रीलंका ने सुबह के सत्र में एकमात्र विकेट एंजेलो मैथ्यूज (01) का गंवाया. मैथ्यूज हालांकि दुर्भाग्यशाली रहे क्योंकि जडेजा की जिस गेंद पर पवेलियन लौटे वह नोबॉल थी. जडेजा ने 24 रन के स्कोर पर चंडीमल को भी बोल्ड कर दिया था, लेकिन यह नोबॉल हो गई.

रोशन ने जडेजा पर दो चौकों के साथ 105 गेंद में अपने करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया. वह श्रीलंका के चौथे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पदार्पण करते हुए पहली पारी में शून्य पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में 50 या इससे अधिक रन बनाए. श्रीलंका का स्कोर भारतीय सरजमीं पर चौथी पारी में बना सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले वेस्टइंडीज ने 1987 में इसी मैदान पर पांच विकेट पर 276 रन बनाकर जीत दर्ज की थी.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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