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भारत-साउथ अफ्रीका दूसरा टेस्ट : मेजबान तेज गेंदबाजों से टकराने से पहले चयन की दुविधाओं से उबरना होगा टीम इंडिया को

लगातार नौ सीरीज जीतने का भारत का रिकॉर्ड भी दांव पर होगा सेंचुरियन टेस्ट में

Updated On: Jan 12, 2018 03:35 PM IST

FP Staff

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भारत-साउथ अफ्रीका दूसरा टेस्ट : मेजबान तेज गेंदबाजों से टकराने से पहले चयन की दुविधाओं से उबरना होगा टीम इंडिया को

सेंचुरियन में शनिवार से खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच से दो दिन पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में अपना पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा था कि अगर एक असफलता से टीम का आत्मविश्वास डिगता है तो फिर वो टेस्ट क्रिकेट खेलने की हकदार नहीं है. उनका मानना है कि गलतियों से सीखो और आगे बढ़ो. कोई भी टीम या क्रिकेटर ऐसा नहीं है जिसने गलती नहीं की हो. ये बात भले ही टीम के सबसे नए सदस्य ने कही हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में टीम इंडिया पर सौ फीसद लागू होती है. पहले मैच में मिली पराजय के बाद भारतीय टीम को चयन की दुविधाओं से उबरकर सेंचुरियन में शुरू हो रहे ‘करो या मरो’ के दूसरे टेस्ट में पिच की उछाल और साउथ अफ्रीका के तेज आक्रमण का बेहतर ढंग से सामना करना होगा.

लगातार नौ सीरीज जीतने का भारत का रिकॉर्ड भी दांव पर होगा, क्योंकि मेजबान टीम ने पहला टेस्ट 72 रन से जीतकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है. भारत को 2018- 19 में विदेशी धरती पर 12 टेस्ट खेलने हैं और यह उनमें से दूसरा ही टेस्ट है. भारत को सीरीज में बने रहने के लिए यह टेस्ट हर हालत में जीतना होगा. साउथ अफ्रीका अगर 2- 0 की बढ़त बना भी लेता है तो भारत की नंबर वन टेस्ट रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन भारतीय टीम को स्वदेश में काफी आलोचना का सामना करना पड़ेगा. इससे बचने के लिए उसे अपने खेल का स्तर उठाना होगा.

सोच समझकर करना होगा चयन

भारतीय टीम प्रबंधन को ऐसे में काफी सोच समझकर चयन करना होगा. दूसरे टेस्ट की पहली गेंद फेंके जाने से 48 घंटे पहले भारतीय टीम ने सुपरस्पोर्ट पार्क पर करीब चार घंटे तक अभ्यास किया. चेतेश्वर पुजारा ने पहली स्लिप में कैचिंग का अभ्यास किया, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा ने मिलकर बल्लेबाजी की, जबकि अजिंक्य रहाणे अधिकांश समय मूक दर्शक बने रहे. उन्होंने और शिखर धवन ने आखिर में सहायक कोच संजय बांगड़ के साथ थ्रो डाउन अभ्यास किया. दोनों में से किसी ने असली तेज गेंदबाजी का सामना नहीं किया. केएल राहुल, मुरली विजय और पुजारा ने आसपास के नेट पर बल्लेबाजी की. उनके बाद कोहली और रोहित बल्लेबाजी के लिए आए और फिर हार्दिक पंड्या तथा ऋद्धिमान साहा उतरे.

राहुल को मिलेगी धवन की जगह

धवन की जगह राहुल का खेलना तय है. धवन का विदेश में खेले गए 19 टेस्ट में औसत 43 .72 है जो उनके करियर के औसत 42  62 से अधिक है. लेकिन साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड में उनके रिकॉर्ड को देखे तो यह 11 टेस्ट में सिर्फ 27. 81 है. साउथ अफ्रीका में तीन टेस्ट में उनका औसत 18 रहा है और वह एक भी अर्धशतक नहीं बना सके. उनका सर्वोच्च स्कोर यहां 29 रन है, जो उन्होंने 2013-14 में बनाया था. यह आंकड़े उनके लिए भी चिंता का सबब हैं. दूसरी ओर राहुल तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बल्लेबाज हैं.

रोहित को लेकर फैसला बदलना मुश्किल

रोहित और रहाणे में से एक का चयन भी कठिन है. हालांकि कोहली ने कहा था कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए पहले टेस्ट में रोहित को चुना गया. रोहित केपटाउन में दो पारियों में 11 और 10 रन ही बना सके, लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि टीम प्रबंधन एक मैच की नाकामी के बाद अपना फैसला बदलेगा.

गेंदबाजों के चयन में पिच की भूमिका अहम

गेंदबाजी में हार्दिक पांड्या अपनी जगह पक्की कर ही चुके हैं. कोहली को बाकी चार का चयन करना है और इसमें पिच की भूमिका अहम होगी. अगर पिच न्यूलैंड्स की तरह होगी तो भारत एक स्पिनर को बाहर कर सकता है. अब देखना यह है कि कोहली तेज गेंदबाजी आक्रमण में क्या बदलाव करते हैं. उमेश यादव ने गुरुवार को नेट पर गेंदबाजी और बल्लेबाजी का अभ्यास किया. बीमारी से उबर चुके इशांत शर्मा भी लय में दिखे. दोनों मिलकर 115 टेस्ट का अनुभव रखते हैं. लेकिन अगर कोहली टीम में बदलाव नहीं करते हैं तो मात्र एक मैच के अनुभव वाले जसप्रीत बुमराह को इन पर तरजीह मिल सकती है.

चोटिल डेल स्टेन का विकल्प तलाशना होगा मेजबान टीम को

भारतीय खेमे में जहां ऊहापोह का माहौल है, वहीं दक्षिण अफ्रीका खेमा उतना चिंतित नजर नहीं आ रहा. मेजबान टीम के लिए चिंता का सबब चोटिल डेल स्टेन का विकल्प तलाशना है. युवा लुंगी एंगिडि को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है. हरफनमौला क्रिस मॉरिस भी जगह पा सकते हैं.

टीमें : भारत : विराट कोहली ( कप्तान) , शिखर धवन, मुरली विजय, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋद्धिमान साहा, हार्दिक पांड्या, आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, पार्थिव पटेल.

साउथ अफ्रीका : फाफ ड्यू प्लेसी (कप्तान ), डीन एल्गर,  एबी डिविलियर्स, एडेन मार्कराम, हाशिम अमला, तेम्बा बावुमा,  टी डे ब्रूइन, क्विंटन डिकॉक, केशव महाराज, मोर्नी मोर्केल, क्रिस मॉरिस, वेर्नोन फिलेंडर, कैगिसो रबाडा, एंडिले पी, लुंगी एंगिडी, डुआने ओलिवियर.

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