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भारत-साउथ अफ्रीका पहला टेस्ट, दूसरा दिन : पांड्या के ऑलराउंड खेल के बावजूद साउथ अफ्रीका को 142 रन की अच्छी बढ़त

हार्दिक ने साउथ अफ्रीका के दोनों सलामी बल्लेबाजों को भी पवेलियन भेजा, 93 रन की शानदार पारी खेली

FP Staff Updated On: Jan 06, 2018 10:35 PM IST

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भारत-साउथ अफ्रीका पहला टेस्ट, दूसरा दिन : पांड्या के ऑलराउंड खेल के बावजूद साउथ अफ्रीका को 142 रन की अच्छी बढ़त

आज (शनिवार) का दिन ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या कभी नहीं भूलना चाहेंगे. पांड्या ने केपटाउन में दूसरे दिन बड़ी अर्धशतकीय पारी खेलने के बाद साउथ अफ्रीका के दोनों सलामी बल्लेबाजों को भी पवेलियन भेजा और भारत की पहले टेस्ट मैच में वापसी की उम्मीदों को बरकरार रखा. यह भी संयोग है कि देश के उदीयमान ऑलराउंडर का प्रदर्शन जिस दिन आया है, वह दिन भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव का 59वां जन्म दिन है. पांड्या ने पहले 95 गेंदों पर 93 रन की आकर्षक पारी खेली. उसके बाद भारत की तरफ से साउथ अफ्रीका के शनिवार को गिरने वाले दोनों विकेट झटके. उन्होंने दिखाया कि वह वास्तव में देश का दूसरा कपिल देव बनने की क्षमता रखते हैं. सही मायनों में खेल का दूसरा दिन पांड्या के नाम रहा,

भारत के मुख्य बल्लेबाजों का फीका प्रदर्शन जारी रहा, लेकिन अगर टीम 200 रन के पार पहुंच पाई तो उसका पूरा श्रेय पांड्या को जाता है. उन्होंने भुवनेश्वर कुमार (86 गेंदों पर 25 रन) के साथ आठवें विकेट के लिए 99 रन जोड़े. इससे एक समय सात विकेट पर 92 रन के स्कोर पर संघर्ष कर रही भारतीय टीम 209 रन तक पहुंचने में सफल रही. बल्लेबाजी में पांड्या ने कपिल की तरह बेपरवाह बल्लेबाजी करके 14 चौके और एक छक्का लगाया.

अपनी पहली पारी में 286 रन बनाने वाले साउथ अफ्रीका ने 77 रन की बढ़त बनाई. उसने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट पर 65 रन बनाए हैं. इस तरह से उसकी कुल बढ़त 142 रन की हो गई है. साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में सहज शुरुआत की. एडेन मार्कराम (34) ने रन बनाने का बीड़ा उठाया, जबकि पहली पारी में तीसरी गेंद पर आउट होने वाले डीन एल्गर (25) ने विकेट बचाए रखने को तरजीह दी. इन दोनों ने लगभग एक घंटे तक भारत को सफलता से वंचित रखा.

आखिर में पांड्या ही भारत के बचाव में आगे आए, जिन्होंने 11वें ओवर में दूसरे बदलाव के रूप में गेंद संभाली और अपने तीसरे ओवर में टीम को सफलता दिलाई. पांड्या की शॉर्ट पिच गेंद को मार्कराम ने पुल करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर हवा में लहरा गई और पाइंट पर भुवनेश्वर के पास पहुंच गई. अगले ओवर में उन्होंने दूसरे सलामी बल्लेबाज एल्गर को विकेट के पीछे कैच कराकर भारतीय खेमे में दिन में दूसरी बार जोश भरा. स्टंप उखड़ने के समय हाशिम अमला चार और नाइट वॉचमैन कैगिसो रबाडा दो रन पर खेल रहे थे.

... जब छा गए पांड्या

इससे पहले भारत ने सुबह तीन विकेट पर 28 रन से पारी आगे बढ़ाई और पहले सत्र में 25 ओवरों में केवल 48 रन बनाए और इस बीच एक विकेट गंवाया. दूसरा सत्र शुरू में साउथ अफ्रीका के नाम रहा, लेकिन बाद में पांड्या ने उसे अपने नाम किया. भारत ने उनकी आक्रामक पारी से इस सत्र में 109 रन जोड़े और इस बीच तीन विकेट गंवाए. पांड्या ने उसी तरह की रणनीति अपनाई जैसी कल एबी डिविलियर्स ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ अपनाई थी.

उन्हें 15 और 71 रन के निजी योग पर दो जीवनदान भी मिले, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उठती गेंदों पर शॉट खेलने से परहेज नहीं किया. जब लग रहा था कि वह सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए विदेशी धरती पर शतक जड़ने वाले सातवें भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे तब कैगिसो रबाडा (3/34) की अधिक उछाल लेती गेंद उनके बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर डिकॉक के दस्तानों में समा गई.

पहले सत्र में भारत की सतर्क शुरुआत

इससे पहले सुबह भारत ने पहले सत्र की बेहद सतर्क शुरुआत की. चेतेश्वर पुजारा (92 गेंदों पर 26 रन) और रोहित शर्मा (59 गेंदों पर 11 रन) ने संयम की प्रतिमूर्ति बनकर विरोधी गेंदबाजों को काफी सताया. आलम यह था कि फिलैंडर ने अपने पहले पांच ओवरों में एक भी रन नहीं दिया. इस बीच उन्होंने रोहित को पूरी तरह से बांधे रखा. महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब रबाडा गेंदबाजी के लिए आए. उन्होंने अपनी तेजी, उछाल और मूवमेंट से रोहित को परेशान किया. आखिर में 29वें ओवर में उन्होंने रोहित को एलबीडब्ल्य आउट कर दिया.

भारत के लिए निराशाजनक रहा दूसरा सत्र

भारत की दूसरे सत्र की शुरुआत बेहद खराब रही. उसने दो घंटे से भी अधिक समय क्रीज पर बिताने वाले पुजारा का विकेट पहली गेंद पर गंवा दिया, जिन्होंने फिलेंडर (3/33) की बाहर जाती गेंद को छेड़कर स्लिप में कैच दिया. फिलेंडर ने इसके बाद रविचंद्रन अश्विन (12) को विकेट के पीछे कैच कराया जो उनका अपनी घरेलू सरजमीं पर 100वां टेस्ट विकेट था. स्टेन (2-51) ने ऋद्धिमान साहा (00) को एलबीडब्ल्यू आउट करके स्कोर सात विकेट पर 92 रन कर दिया. मोर्ने मोर्कल ((2/57) ने पांड्या और भुवनेश्वर के बीच की साझेदारी तोड़ी. उनकी फुललेंथ गेंद भुवनेश्वर के बल्ले को चूमकर डिकॉक के पास पहुंची. इसके बाद पांड्या पवेलियन लौटे, जबकि रबाडा ने अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे जसप्रीत बुमराह (02) को आउट करके भारतीय पारी का अंत किया. मोहम्मद शमी चार रन बनाकर नाबाद रहे.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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