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बेंगलुरु में जीत के बाद भी क्यों परेशान है विराट कोहली

भारतीय बल्लेबाज लगातार नाकाम हो रहे हैं.

Lakshya Sharma Updated On: Mar 17, 2017 08:39 AM IST

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बेंगलुरु में जीत के बाद भी क्यों परेशान है विराट कोहली

भारतीय टीम ने बेंगलुरु टेस्ट जीतकर सीरीज में शानदार वापसी की. इस जीत के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद है. लेकिन जीत के बाद भी एक परेशानी है जो कप्तान और कोच को सता रही होगी और वह 16 मार्च से रांची में शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से पहले इस परेशानी को दूर करना चाहेंगे.

अब तक 19 टेस्ट तक अजेय रही तो इसके पीछे उसकी बल्लेबाजी का बड़ा हाथ रहा है. श्रीलंका से लेकर घरेलू जमीन पर न्यूजीलैंड फिर इंग्लैंड के साथ खेले गए टेस्ट मैचों में गेंदबाजों के साथ-साथ बल्लेबाजों का प्रदर्शन दमदार रहा है.

शतकवीर कोहली ने खुद मोर्चा संभालते हुए 4 दोहरे शतक बनाए. लेकिन इस सीरीज में कोहली अपने करियर के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं तो टीम इंडिया के बाकी बल्लेबाज भी संघर्ष करते नजर आ रहे हैं.

जीत के बाद छिप गई बड़ी कमजोरी

बेंगलुरु में लोकेश राहुल 90 और 51 रन बनाते हुए मैन ऑफ द मैच बने, वहीं चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने भी संयम भरी पारी खेलते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई, लेकिन क्या इससे कमजोरियां छिप जाएंगी.

जीत टीम की कमजोरियों पर परदा डाल देती है. यहां भी कुछ ऐसा होता दिखाई दे रहा है. मैच के बाद किसी ने कप्तान कोहली से यह नहीं पूछा की क्यों भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर रही है.

भारतीय बल्लेबाजी में अब वह दम नहीं?

अपनी दमदार बल्लेबाजी लाइन अप के लिए लंबे अरसे से मशहूर भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर रही हैं. सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग जैसे बल्लेबाजों ने दुनिया में टीम इंडिया की एक अलग पहचान बनाई लेकिन अब वह खत्म होता दिखाई दे रहा है.

सबसे पहले पुणे टेस्ट की बात करें तो इस टेस्ट में गेंदबाजी में टीम कुछ सम्मान जरूर बचा पाई लेकिन बल्लेबाजी में फ्लॉप रही. टेस्ट की पहली पारी में लोकेश राहुल 64 रन बनाकर आउट हुए. राहुल का विकेट चौथा विकेट रहा जो भारत के 94 के स्कोर पर गिरा. इसके बाद टीम इंडिया के बाकी बल्लेबाज 11 रन के भीतर पैवेलियन लौट गए और 105 रन पर पारी खत्म हुई.

दूसरी पारी में भी हाल कुछ अलग नहीं रहा. टीम के आखिर के 7 विकेट सिर्फ 30 रन पर गिरे. ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नैथन लायन और स्टीव ओ कीफ की फिरकी के सामने भारतीय बल्लेबाज बेबस नजर आए. खराब शुरुआत के बाद भारत का चौथा विकेट अजिंक्य रहाणे के रूप में 77 रन पर गिरा. रहाणे का विकेट गिरने के बाद बाकी के बल्लेबाज 30 रन ही जोड़ सके और टीम 107 रन पर ऑल आउट हो गई.

बेंगलुरु टेस्ट में भी टीम इंडिया के बल्लेबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. बेंगलुरु में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी लेकिन बल्लेबाज इस मौके का फायदा नहीं उठा सके. टीम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और टीम 189 रन पर ऑलआउट हुई.

राहुल ने अच्छी बल्लेबाजी की और 90 रन बनाए लेकिन एक बार फिर टीम के बाकी बल्लेबाजों ने निराश किया. भारत के दूसरे तिहरा शतक बनाने वाले बल्लेबाज करुण नायर का विकेट भारतीय पारी का पांचवां विकेट रहा जो 156 रन के स्कोर पर गिरा. इसके बाद के बाकी 6 बल्लेबाज इस स्कोर में 33 रन ही जोड़ सके.

वहीं इसी टेस्ट की दूसरी पारी में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर देखने को मिली. चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने पांचवें विकेट के लिए 118 रन जोड़े. दोनों की साझेदारी को देखकर लगा कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया तो एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दे पाएगी लेकिन 188 रन के लक्ष्य को देखकर फैन्स को मायूसी हाथ लगी.

इस पारी में एक बार फिर 6 भारतीय बल्लेबाज सिर्फ 36 रन जोड़ सके. भारत के 238/4 के स्कोर रहते टीम का पांचवां विकेट रहाणे के रूप में गिरा. इसके बाद 274 रन पर पूरी पारी सिमट गई.

भारतीय टीम के बल्लेबाज भले जूझ रहे हों, लेकिन विराट कोहली पिछले कई मैचों में टीम की नैया पार लगाते आए हैं. इस बार दोनों टेस्ट में 10 के औसत से रन बनाने वाले कप्तान कोहली का आउट ऑफ फॉर्म होना टीम इंडिया को भारी पड़ रहा है.

अब टीम मैनेजमेंट को जल्दी अपनी रणनीति पर काम करना होगा और रांची और धर्मशाला में बल्लेबाजों को इस आंकड़े को बदलना होगा क्योंकि हर बार गेंदबाज ही मैच नहीं जिता पाएंगे.

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