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भारत-ऑस्ट्रेलिया, चौथा वनडे: आत्मसम्मान बचाने के लिए मैदान में उतरेंगे कंगारू

मैच में बारिश डाल सकती है खलल

Updated On: Sep 27, 2017 03:34 PM IST

FP Staff

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भारत-ऑस्ट्रेलिया, चौथा वनडे: आत्मसम्मान बचाने के लिए मैदान में उतरेंगे कंगारू

भारत बेंगलुरु के मैदान पर जब गुरुवार को उतरेगा तो उसका मकसद सीरीज में अपना स्कोर 4-0 करने पर होग. इसके अलावा आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक रैकिंग को और मजबूत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया भी पलटवार कर सीरीज में कुछ मैच जीतकर अपने खोया विश्वास दोबारा हासिल करना चाहेगी.

मौसम जरूर भारत का मजा कुछ किरकिरा कर सकता है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से देश के इस भाग में बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने कुछ समय के लिए बारिश होने की संभावना जताई है. अगर मौसम पर गौर नहीं किया जाए तो भी भारत के लिए यह आसान नहीं होगा क्योंकि आस्ट्रेलियाई वापसी करके सीरीज में वापसी की हर मुमकिन कोशिश करेगी.

भारत के पास मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है. सदाबहार कोहली के अलावा वनडे में बड़ी पारियां खेलने में माहिर रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी जैसा 'सुपर फिनिशर' शामिल है. लेकिन इस सीरीज में भारत के गेंदबाजों ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. भुवेनश्वर कुमार अपनी स्विंग और तेजी से, जसप्रीत बुमराह अपनी यार्कर और बड़ी चालाकी से की गई धीमी गेंदों से तो आलराउंडर हार्दिक पंड्या अपनी उछाल वाली गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की परीक्षा ले रहे हैं

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स्टीव स्मिथ की टीम के लिए सबसे बड़ा सरदर्द कलाई के दो स्पिनर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव बने हुए हैं. इन दोनों में भी विविधता है. चहल अगर लेग स्पिनर हैं तो कुलदीप चाइनामैन गेंदबाज. सीरीज के तीनों मैचों में भारतीय स्पिनर्स ने ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजों की नाक में दम कर रखा है.

आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज अभी तक इन दोनों की बलखाती गेंदों का जवाब नहीं ढूंढ पाए हैं. चहल और कुलदीप ने सीरीज में अब तक कुल मिलाकर 13 विकेट लिए. इस साल के आईपीएल में बेंगलुरु की पिच काफी धीमी थी ज्यादा गेंदबाजों को मदद मिल रही थी इसलिए उम्मीद है कि इस मैच में भी गेंदबाज बल्लेबाजों पर हावी रहेंगे. मतलब ऑस्ट्रेलिया को चेन्नई, कोलकाता और इंदौर के बाद बेंगलुरु में भी राहत नहीं मिलेगी.

मध्यक्रम में केवल कप्तान स्टीव स्मिथ ही आत्मविश्वास से खेल पाए हैं जबकि ट्रेविस हेड, ग्लेन मैक्सवेल के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है. आलराउंडर मार्कस स्टोइनिस ने जरूर उम्मीदें जगाई हैं और बाकी ऑस्ट्रेलियाई उनसे प्रेरणा लेने की कोशिश करेंगे.

इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने तो अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन बल्लेबाज उनकी कमजोर कड़ी साबित हुए हैं. डेविड वॉर्नर का खामोश बल्ला कंगारू टीम के लिए परेशानी का सबब है. हालांकि फिंच ने चोट के बाद जिस तरह इंदौर वनडे में वापसी की. उससे ऑस्ट्रेलिया टीम को कुछ राहत मिली होगी. हार से परेशान ऑस्ट्रेलिया टीम को एक और झटका तब लगा जब एश्टन एगार चोट के कारण पूरी सीरीज में बाहर हो गए. उनकी जगह एडम जाम्पा टीम में स्पिन की बागडोर संभालेंगे

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