S M L

आईसीसी अंडर-19 विश्व कप : पृथ्वी शॉ की कप्तानी में भारत की 'फर्स्ट क्लास टीम' पेश करेगी चुनौती

टीम में छह ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इसी साल फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना डेब्यू किया है

Snehal Pradhan Updated On: Dec 27, 2017 03:54 PM IST

0
आईसीसी अंडर-19 विश्व कप : पृथ्वी शॉ की कप्तानी में  भारत की 'फर्स्ट क्लास टीम' पेश करेगी चुनौती

2018 में खेले जाने वाले आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम को हम फर्स्ट क्लास टीम कह सकते है. वजह साफ है, टीम में चुने गए खिलाड़ियों में से छह ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इसी साल फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना डेब्यू किया है. वहीं गत चैंपियन वेस्टइंडीज में यह अनुभव सिर्फ एक खिलाड़ी के खाते में है. अंडर-19 विश्व कप 13 जनवरी से न्यूजीलैंड में खेला जाएगा.

टीम के 18 वर्षीय कप्तान पृश्वी शॉ टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित होने वाले हैं. इस साल घरेलू क्रिकेट में करियर का आगाज करने वाले शॉ की शुरुआत शानदार रही है. उन्होंने दलीप ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी दोनों में ही अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ा था. अपने रोल मॉडल सचिन तेंदुलकर के बाद ऐसा करने वाले वह सबसे युवा बल्लेबाज हैं. इस सत्र में खेले अपने आठ मैचों में अब तक वह पांच शतक और तीन अर्धशतक लगा चुके हैं. इस विश्व कप में भारत की सफलता काफी हद तक शॉ की फॉर्म पर निर्भर करेगी. . शॉ के अलावा इस साल रणजी में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में उप कप्तान शुभम गिल (दो मैच), हिमांशु राणा (तीन मैच), अभिषेक शर्मा (चार मैच), इशान पोरेल (दो मैच) और रियान पराग शामिल हैं. घरेलू  क्रिकेट का स्तर अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय स्तर से ऊंचा होता है. इन सभी खिलाड़ियों को  घरेलू अनुभव का फायदा विश्व कप में जरूर मिलेगा.

टीम के कोच राहुल द्रविड़ फर्स्ट क्लास क्रिकेट की अहमियत को जानते हैं और उन्होंने हमेशा इसे प्राथमिकता दी है. यही वजह है कि कप्तान पृथ्वी शॉ का उन्होंने अंडर-19 एशिया कप की टीम में चयन ना करके उन्हें रणजी खेलने के लिए भेजा. इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाई थी. शॉ और पोरेल दोनों रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की वजह से बेंगलुरु में लगे प्रैक्टिस कैंप के शुरुआती दिनों में गैरहाजिर रहे थे. यह बदलाव ही है कि 2014 में जहां तत्कालीन अंडर-19 कप्तान विजय जोल को वर्ल्ड कप ट्रेनिंग कैंप के चलते रणजी फाइनल में नहीं खेलने दिया गया था वहीं आज प्राथमकिता खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट करियर है.

किन खिलाड़ियों पर होगी नजर

भारत की बल्लेबाजी मजबूत नजर आती है. कप्तान शॉ तो शानदार फॉर्म में हैं ही. पराग अभिषेक और राणा ने भी हाल ही में खत्म हुई अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में खुद को साबित किया है. यह तीनों चैलेंजर ट्रॉफी में टॉप तीन बल्लेबाजों में शामिल थे. वहीं गेंदबाजी में शुभम मावी भी टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. शुभम और पोरेल की जोड़ी से अच्छी शुरुआत दिलाने की उम्मीद होगी, वहीं लेफ्ट आर्म स्विंग गेंदबाज अर्शदीप सिंह इसमें वैरायटी देते नजर देते आएंगे. लेग स्पिनर पंकज यादव और राहुल चहर भी अहम भूमिका में होंगे. आईपीएल में सुपरजायंट्स के लिए खेलने वाले चहर शुभम के साथ चैलेंजर ट्रॉफी में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. वहीं भारत के तेज गेंदबाज ऑलराउंडर कमलेश नागरकोटी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होगी. इंग्लैंड दौरे पर हुए यूथ टेस्ट मैचों में नागरकोटी ने सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए थे. उस दौरे पर टीम कुछ खास तो नहीं कर पाई पर वहां कि परिस्थितियों में खेलने का फायदा उन्हें न्यूजीलैंड में जरूर मिलेगा.

बीसीसीआई की नई पॉलिसी

बीसीसीआई ने हाल ही में अंडर-19 विश्व कप को लेकर एक नया नियम लागू किया था. जिसके मुताबिक कोई भी खिलाड़ी एक बार से ज्यादा बार अंडर-19 विश्व कप नहीं खेल सकता. बीसीसीआई की तरफ से इस नए नियम की कोई वजह तो नहीं दी गई, लेकिन माना जा रहा है कि ऐसा खिलाड़ियों की उम्र में होने वाली हेराफेरी रोकने के लिए किया गया है. नए नियम लागू होने के बाद यह पहला विश्व कप है जो भारतीय टीम खेल रही है. इस नियम की वजह से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू करने वाले सुंदर वॉशिंगटन को टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया है.

Indian cricket player Rahul Dravid speaks to the media as he announces his retirement from international cricket at the Chinnaswamy Stadium in Bangalore March 9, 2012. India batting great and former skipper Dravid announced his retirement on Friday, saying it was the right time to "move on" and make way for the next generation of players. The 39-year-old second highest run scorer in test history announced his decision at a news conference in Bangalore with Indian cricket board (BCCI) president N. Srinivasan and former India leg spinner Anil Kumble also in attendance. REUTERS/Stringer (INDIA - Tags: SPORT CRICKET) - RTR2Z3C0

द्रविड़ की कोशिश थी कि वह ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को विश्व कप टीम में हिस्सा लेने का मौका दें. यही वजह है कि 20 लोगों की टीम में से 15 चुनने के बजाय उन्होंने चयन को एक ओपन प्रक्रिया बनाया. द्रविड़ साल की शुरुआत से ही कह रहे थे कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रतिभा दिखाने का मौका मिलना चाहिए. 2016 में एशिया कप जीतने के बाद द्रविड़ ने साफ किया था टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले हर खिलाड़ी को मौका मिलेगा.

इसके बाद से साल 2016-17 में 45 खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. इससे सभी के बीच में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और टीम को और कई विकल्प मिले. इसी वजह से युवाओं को मौका देने के लिए टीम ने अंडर-19 एशिया कप में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं भेजी, जिस वजह से उसे नेपाल और बांग्लादेश जैसी टीमों से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद से अब तक टीम में आठ मुख्य बदलाव किए जा चुके हैं.

इस टूर्नामेंट में भारत एक मजबूत दावेदार बनकर उतरेगा. तीन बार इस खिताब पर कब्जा करने वाली इस टीम की नजर एक बार फिर जीत पर होगी. न्यूजीलैंड की परिस्थितियां अक्सर बल्लेबाजों के अनुरुप नहीं रहती हैं. ऐसे में भारत किस तरह खुद को ढालता है, इस पर उसकी सफलता निर्भर करेगी.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi