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चैंपियंस ट्रॉफी 2017 : नए मुकाम पर पहुंच सकती है भारत-बांग्लादेश की कड़वाहट

भारत को दुश्मन नंबर एक मानता है बांग्लादेश

Updated On: Jun 14, 2017 07:11 PM IST

FP Staff

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चैंपियंस ट्रॉफी 2017 : नए मुकाम पर पहुंच सकती है भारत-बांग्लादेश की कड़वाहट

साल  2015 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप का क्वार्टर फाइनल मुकाबला था. पहली बार वर्ल्ड कप के नॉक आउट राउंड में पहुंची बांग्लादेश की टीम गेंदबाजी कर रही थी और टीम इंडिया बल्लेबाजी. भारतीय पारी के 40वें ओवर में रूबेल हुसैन की चौथी और फुलटॉस गेंद को रोहित शर्मा ने पुल किया. डीप स्क्वायर लेग के खिलाड़ी ने कैच लपका और अंपायर ने इसे नो बॉल करार दे दिया. उस वक्त 90 रन पर खेल रहे रोहित ने उस मुकाबले में 137 रन बनाए. जवाब में बांग्लादेश की बल्लेबाजी के दौरान शिखर धवन ने बाउंड्री लाइन पर महमूदुल्लाह एक कैच पकड़ा. कैच संदेहास्पद था लेकिन अंपायर ने फैसला महमूदुल्लाह के खिलाफ दिया. भारत मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गया.

यह मैच रोहित के शतक या भारत की जीत के लिए ही नहीं याद किया जाता. इस मैच ने भारत और बांग्लादेश के बीच एक ऐसी राइवलरी को जन्म दे दिया जो आगे चलकर भारत –पाकिस्तान की राइवलरी को भी मात दे सकती है. इस मुकाबले के बाद हर बांग्लादेशी के मन में यह कड़वाहट भर गई कि भारत ने आईसीसी में अपनी ताकत का इस्तेमाल किया. अंपायर भारत को जिताने के लिए पहले ही मन बनाए हुए थे.

इस मुकाबले के बाद,उस वक्त के आईसीसी के अध्यक्ष, बांग्लादेश के मुस्तफा कमाल ने बांग्लादेश की हार के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए इस ‘फिक्स्ड’ करार दे दिया. मैदान के बाहर भी बांग्लादेशी मूल के फैंस का गुस्सा चरम पर था. बांग्लादेशी पत्रकार भी अपना आक्रोश दबा नहीं पा रहे थे. बांग्लादेश में क्रिकेट का क्रेज किस कदर चढ़कर बोलता है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए पत्रकारों का सबसे बड़ा दल बांग्लादेश से ही आया था.

इसके बाद सिडनी में सेमीफाइनल मुकाबले में जब टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना पड़ा तो प्रेस बॉक्स में मौजूद बांग्लादेशी पत्रकारों ने एक-दूसरे को बधाई दी. भारत के खिलाफ बांग्लादेशियों का आक्रोश उनके देश में भी दिखाई दिया और ढाका में प्रदर्शन हुए. अपने देश के जनमानस को भांपते हुए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी इस मुकाबले में भारत की जीत में अंपायरों की भूमिका की आलोचना की.

जरा सोचिए...किसी देश की प्रधानमंत्री को एक क्रिकेट मैच में,हार के बाद बयान देना पड़ जाए तो उस देश में क्रिकेट के प्रति दीवानगी का आलम क्या होगा? वर्ल्ड कप के इस मुकाबले ने बांग्लादेश मन में टीम इंडिया के प्रति जो जहर भरा उसकी बानगी उस समय देखने को मिली जब वर्ल्ड कप के बाद टीम इंडिया वनडे सीरीज के लिए बांग्लादेश गई.

बांग्लादेश में भारतीय खिलाड़ियों का मजाक उड़ाते हुए विज्ञापन बनाए गए. और इस सीरीज में बांग्लादेश की जीत को इस तरह पेश किया गया जैसे बांग्लादेश ने वर्ल्ड कप की हार का बदला ले लिया हो. चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले से पहले भी बांग्लादेशी फैंस के इस तरह के पोस्टर और विज्ञापन ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं.

भारतीय फैंस साल 2007 के वर्ल्ड कप में भारत की पहले ही राउंड में हुई हार के लिए बांग्लादेश को खलनायक के तौर पर अब भी याद करते हैं. लेकिन बांग्लादेश के फैंस अगर किसी टीम को हराने और बार बार हराने का ख्वाब देखते हैं तो वह टीम इंडिया ही है. दो पड़ोसी देशों के बीच इस खेल की एक राइवलरी खड़ी हो चुकी है. और चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में यह राइवलरी एक नया मुकाम हासिल कर सकती है.

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