S M L

जानिए खेलों के विकास के लिए कितनी रकम देते हैं औद्योगिक घराने!

खेल मंत्री राठौड़ ने संसद में दी जानकारी, इस साल सरकार को कॉर्पोरेट्स से खेलों के विकास के लिए कुल 42 करोड़ रुपए हासिल हुए

FP Staff Updated On: Jan 06, 2018 03:42 PM IST

0
जानिए खेलों के विकास के लिए कितनी रकम देते हैं औद्योगिक घराने!

बीते दिनों आईपीएल में तमाम कॉर्पोरेट घरानों के मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजीज ने अपने खिलाड़ियों को टीम में रिटेन करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए. आने वाले वक्त में यह टीमें खिलाड़ियों की नीलामी में भी करोड़ों की बोलियां लगाने वाली हैं.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के तमाम कॉर्पोरेट घराने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कितना धन खर्च करते हैं?  इस बात की जानकारी खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने शुक्रवार को संसद में दी. जानकारी के मुताबिक साल 2016-17 के वित्तीय वर्ष में सरकार को कॉर्पोरेट घराने से खेलों के प्रोत्साहन के लिए कुल 42 करोड़ रुपए हासिल हैं.

खेल मंत्री ने जानकारी दी है इस साल मिली 42 करोड़ रुपए की रकम एक साल में मिली सबसे बड़ी रकम है. पिछले 10 सालों में सरकार को कॉर्पोरेट से कुल 119 करोड़ रुपए की रकम हासिल हुई है.

सरकार को यह रकम कंपनीज एक्ट के तहत कॉर्पोरेट्स सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी सीएसआर के मद से हासिल हुए हैं. इस नियम के तहत पांच करोड़ रुपए से अधिक का मुनाफा कमाने वाले कारपोरेट को तीम सालों के भीतर अपने मुनाफे का दो फीसदी हिस्सा  कारपोरेट को अपनी तीन साल के मुनाफे का दो फीसदी हिस्सा सीएसआर में खर्च करना होता है.

यहां गौर करने वाली बात यह है कि तमाम औद्योगिक घराने अपनी सीएसआर के मद में खेलों को सबसे कम रकम मुहैया कराते हैं. एक वेबसाइट इनसाइड स्पोर्ट्स ने साल 2015-16 में सीआईआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि उस साल तमाम कारपोरेट्स ने सीएसआऱ के तहत हेल्थ एंड सेनीटेशन में 2.777 करोड़ रुपए, शिक्षा एवं कौशल विकास में 2,453 करोड़ रुपए, ग्रामीण विकास में 937.75 करोड़ रुपए, पर्यावरण के क्षेत्र में 520 करोड़ रुपए, जेंडर समानता में 122.66 करोड़ रुपए, पीएम राहत कोष में 80.55 करोड़ रुपए, नेशनल हेरीटेज और संस्कृति में 80 करोड़ रुपए और खेलों के विकास में महज 57 करोड़ रुपए खर्च किए.

इसके अलावा खेल मंत्री की दी जानकारी के मुताबिक भारत सरकार खेलों पर प्रतिव्यक्ति प्रति दिन के हिसाब से तीन पैसे खर्च करती है.

यह आंकड़े बताते हैं कि खेलों के विकास को सरकार के साथ साथ कॉरपोरेट्स की प्रथमिकता में पहुंचने में अभी लंबा वक्त लगेगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
गोल्डन गर्ल मनिका बत्रा और उनके कोच संदीप से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi