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अपनी तनख्वाह बढ़वाने के लिए किस हद तक जाएंगे कोहली!

स्टीव स्मिथ और जो रूट से भी कम है कोहली की तनख्वाह, छह दिसंबर को दिल्ली में सीओए के साथ फिर हो सकती है कोहली-धोनी की मुलाकात

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey Updated On: Dec 02, 2017 10:38 PM IST

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अपनी तनख्वाह बढ़वाने के लिए किस हद तक जाएंगे कोहली!

क्रिकेट के मैदान पर टीम इंडिया के कप्तान जहां कामयाबी के झंडे गाढ़ रहे हैं वहीं मैदान के बाहर भी कमाई के मामले में वह बहुत बड़े-बड़े खिलाड़ियों को पीछे छोड़ चुके हैं. फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक पिछले साल कोहली ने 141.9 करोड़ रुपए की कमाई की. लेकिन इसके बावजूद कोहली बीसीसीआई से अपने तनख्वाह को बढ़वाने पर अड़े हुए हैं.

पिछले दिनो कोहली ने अपने साथी एमएस धोनी और कोच रवि शास्त्री के साथ सुप्रीम कोर्ट की बनाई बोर्ड की संचालकों की समिति से भी मुलाकात की. आखिर ऐसी क्या वजह है कोहली अपनी और अपने साथियों की तनख्वाह बढ़वाना चाहते हैं. कोहली को आखिरकार बोर्ड से कितना पैसा मिलता है और दुनिया के बाकी क्रिकेटरों से यह  कितना कम है.

स्टीव स्मिथ और जो रूट से कम है कोहली की तनख्वाह

विराट कोहली को इस वक्त बोर्ड के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाले सालाना दो करोड़ रुपए और मैच फीस से कुल मिलाकर एक साल में साढ़े छह करोड़ रुपए हासिल होते हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ को अपने बोर्ड से सालाना साढ़े नो करोड़ रुपए की तनख्वाह मिलती है जबकि इंग्लैंड के दो रूट की तनख्वाह करीब नौ करोड़ रुपए है.

यही नहीं कोहली की तनख्वाह अपने कोच रवि शास्त्री से भी कम है. बोर्ड की ओर से शास्त्री को एक साल के लिए साढ़े सात करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है.

यानी स्पष्ट है कि कोहली अपनी तनख्वाह को उसी पैमाने पर बढ़वाना चाहते है जिस पैमाने पर स्टीव स्मिथ और जो रूट को उनके बोर्ड से पैसा मिलता है.

दरअसल बोर्ड की ओर से क्रिकेटरों को जिस पैसे का भुगतान किया जाता है वह बोर्ड के रेवेन्यू के 26 फीसदी हिस्से के कोटे से मिलता है. इस कोटे में इंटरनेशनल खिलाड़ियों के अलावा घरेलू क्रिकेटर, जूनियर क्रिकेटर और महिला क्रिकेटर भी शामिल हैं. इस 26 फीसदी रेवेन्यू में आईपीएल से होने वाली कमाई शामिल नहीं है.

बोर्ड का मानना है कि जब क्रिकेटरों को उनकी फ्रेंचाइजीज से तनख्वाह मिलती है तो फिर उन्हें दोबारा उस रकम से भुगतान क्यों किया जाए. कोहली को उनकी फ्रेंचाइजी आरसीबी से करीब 15 करोड़ रुपए सालाना की तनख्वाह मिलती है.

बोर्ड अपने रेवेन्यू को स्टेस ऐसोसिएशंस और अपने खर्चे के के लिए 70-30 के अनुपात में बांटता है. स्टेट ऐसोसिएशंस को सामान्यत: 25-30 करोड़ रुपए सालाना मिलते हैं.

हालांकि सीओए ने तनख्वाह बढ़ाने की खिलाड़ियों की मांग पर  मांग पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन तो दिया है लेकिन बोर्ड के अधिकारी इससे सहमत नहीं दिख रहे हैं.

अगर सीओए खिलाड़ियों की मांग को मान भी लेते हैं तो इसे बोर्ड की जनरल बॉडी की सहमति की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में अब देखना होगा कि क्या कोहली बोर्ड की जनरल बॉडी को भी अपना मांग से सहमत करा पाते हैं या नहीं.

अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या कोहली और बाकी क्रिकेटर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों की राह पर चलेंगे जिन्होंने अपनी मांगों को मंगवाने के लिए हड़ताल करके एशेज सीरीज के बॉयकॉट करने की धमकी तक दे दी थी.

बोर्ड की स्पेशल जनरल बॉडी की मीटिंग 11 दिसंबर को होगी . इससे पहले दिल्ली में ही छह दिसंबर सीओए के साथ कोहली-धोनी और शास्त्री की एक और मीटिंग हो सकती है.

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