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#metoo के चक्कर में फंसे जौहरी को राहत नहीं, आईसीसी की बैठक का नहीं होंगे हिस्सा

सीओए प्रमुख विनोद राय ने बताया कि बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी बैठक में बोर्ड का प्रतिनिधित्व करेंगे

Updated On: Oct 15, 2018 01:20 PM IST

FP Staff

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#metoo के चक्कर में फंसे जौहरी को राहत नहीं, आईसीसी की बैठक का नहीं होंगे हिस्सा
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यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी को एक और झटका लगा है. आईसीसी ने बीसीसीआई को इस सप्‍ताह सिंगापुर में होने वाली मीटिंग में जौहरी को न भेजने के लिए कहा है और इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त दो प्रशासक विनोद राय और डायना इडुल्‍जी ने जौहरी को सिंगापुर जाने से रोक दिया है. गौरतलब है कि जौहरी पर एक अज्ञात महिला ने सोशल मीडिया पर कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद जौहरी को फिलहाल बीसीसीआई का प्रतिनिधित्‍व करने से रोक दिया गया है.  यही नहीं प्रशासकों की समिति (सीओए) ने आरोपों के स्पष्टीकरण के लिए उन्हें और समय देने का उनका अनुरोध ठुकरा दिया.सीओए प्रमुख विनोद राय ने बताया कि बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी बैठक में बोर्ड का प्रतिनिधित्व करेंगे. बैठक सिंगापुर में 16 से 19 अक्टूबर को होनी है.

राय के चहेते हैं जौहरी

टेलीग्राफ के छपी खबर के अनुसार आईसीसी के आदेश के बाद राय ने इस मामले में अपने कदम को पीछे खींचा था. यह भी माना जा रहा है कि इडुल्‍जी ने सीनियर प्रशासकों पर काफी दबाव बनाया था. लेकिन इसके बाद एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आईसीसी ने बोर्ड को जौहरी को न भेजने का आदेश क्‍यों दिया तो खबर के मुताबिक लंदन से एक सूत्र ने कहा था कि जहां पहले से तय चीजों पर चर्चा होनी है, वहां कैसे यौन उत्‍पीड़न के कथित आरोपी मीटिंग में हिस्‍सा ले सकता है.

खबर के मुताबिक इसके फैसले के पीछे आईसीसी चैयरमेन शशांक मनोहर और पहली स्‍वतंत्र महिला डायरेक्‍टर इंदिरा नूयी का प्रभाव हो सकता है, क्‍योंकि कोई भी उनके साथ सहज नहीं हो पाएगा. इसके बाद ही राय यू टर्न लेने को मजबूर हुए. राय ने जौहरी के मामले को अलग अलग तरह से प्रस्‍तुत किया था. वैसे बोर्ड में हर कोई इस बात से वाकिफ है कि जौहरी राय के काफी चहेते हैं.

अज्ञात पीडिता ने पूर्व साथी होने का दावा किया

गौरतलब है कि राय ने कहा था कि राहुल ने विस्तृत स्पष्टीकरण के लिए 14 दिन का समय मांगा था क्योंकि उन्होंने कहा था कि वह अपनी विधिक टीम के साथ काम कर रहे हैं. राय के कहा कि हालांकि उन्‍होंने राहुल को स्पष्ट कर दिया था कि वह इस मुद्दे को 14 दिन तक खिंचने नहीं दे सकते क्योंकि इससे बीसीसीआई ऑफिस प्रभावित होगा. चूंकि वह अब अपने वकीलों के साथ चर्चा करना चाहते हैं, मैंने उन्हें आईसीसी बैठक से छूट की इजाजत दे दी.’ चौधरी पहले ही सिंगापुर पहुंच चुके हैं. इससे पहले सीओए ने जौहरी से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अज्ञात अकाउंट से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था. लेखक हरनिध कौर ने इस अज्ञात पीड़ित के आरोपों को पोस्ट किया है जिन्होंने डिस्कवरी चैनल पर जौहरी की पूर्व साथी होने का दावा किया है. जौहरी ने अभी तक इस पर कोई प्रतिकिया नहीं दी. जौहरी ने 2001 से 2016 तक इस चैनल के साथ विभिन्न पदों पर काम किया, इसके बाद वह बीसीसीआई के सीईओ बने. जौहरी फिक्की और एसोचेम की विभिन्न समितियों के भी सदस्य रहे हैं.

कौर की ट्वीट में स्क्रीनशॉट भी हैं और इसमें कथित घटना को विस्तार से बताया गया है. इसके अनुसार, ‘कई आला अधिकारियों के खिलाफ मीडिया में ईमेल भेजे गए हैं. पीड़ित ने सभी नाम नहीं बताने को कहा है. राहुल जौहरी, तुम्हारा समय खत्म, #मीटू.’ इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए सीओए ने कहा कि अज्ञात व्यक्ति ने ट्विटर हैंडल पर राहुल जौहरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों का खुलासा किया है. ये आरोप उनकी पिछले कार्यकाल से संबंधित हैं. हालांकि, ये आरोप बीसीसीआई में उनके कार्यकाल के दौरान से संबंधित नहीं है, पर बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति को यह उचित लगा कि उनसे इन आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाए.

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