S M L

'स्ट्रोकलेस वंडर' ने कैसे बनाया बल्लेबाजी में विश्व रिकॉर्ड

रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल में समित गोहल ने बनाया तिहरा शतक

Updated On: Dec 27, 2016 05:53 PM IST

FP Staff

0
'स्ट्रोकलेस वंडर' ने कैसे बनाया बल्लेबाजी में विश्व रिकॉर्ड

समित गोहेल ऐसा नाम है, जिन्हें क्रिकेट सर्किल से बाहर ज्यादा लोग नहीं जानते होंगे. 27 फर्स्ट क्लास मैच में 33 के आसपास की औसत के तमाम बल्लेबाज होते हैं. गोहेल को गुजरात क्रिकेट सर्कल मे स्ट्रोकलेस वंडर नाम से भी जाना जाता था. लेकिन 27 दिसंबर 2016 के बाद कोई ऐसा नहीं कहेगा. अब समित गोहेल के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड है. रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल में वो 359 रन पर नॉट आउट रहे हैं.

फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में किसी ओपनर का सबसे बड़ा स्कोर समित गोहेल ने बनाया है. जयपुर में ओडिशा के खिलाफ मैच में उन्होंने 117 साल पुराने रिकॉर्ड को बेहतर किया है. इससे पहले 1899 में सरे के बॉबी एबल ने 357 नॉट आउट रन बनाए थे. वो मैच द ओवल में समरसेट के खिलाफ खेला गया था.

samit gohel 1

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पारी शुरू करके नॉट आउट रहने वाले गोहेल ऐसे चौथे खिलाड़ी हैं, जिसने तिहरा शतक जमाया हो. गोहल ने 723 गेंदों में 45 चौके और एक छक्का लगाया. गुजरात की टीम अपनी दूसरी पारी में 641 पर आउट हुई. आखिरी दिन ओडिशा के सामने 706 रन का लक्ष्य रखा और अपनी टीम का सेमीफाइनल खेलना तय कर लिया.

नवजोत सिंह सिद्धू को भी एक समय स्ट्रोकलेस वंडर कहा गया था. लेकिन तब वह भारत के लिए खेल चुके थे. उन्हें यह खिताब क्रिकेट पत्रकार राजन बाला ने दिया था. लेकिन यहां मामला अलग है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में गुजरात के कोच विजय पटेल ने कहा था कि समित हाफ वॉली को भी पारी की शुरुआत में डिफेंड करता था. उनमें एक तरह का मेंटल ब्लॉक दिखता था. लेकिन एक मैच ने दुनिया बदल दी.

समित ने मिडिल ऑर्डर बैट्समैन के तौर पर खेलना शुरू किया था. अंडर 23 क्रिकेट में उन्होंने ओपनर के तौर पर खेलना शुरू किया. अब उन्होंने अपनी टीम के अहम बल्लेबाज के तौर पर जगह बना ली है. यहां भी पहली पारी में समित सिर्फ चार पर आउट हुए थे. लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने कमाल की बल्लेबाजी की. गुजरात ने पहली पारी में 263 रन बनाए. जवाब में ओडिशा ने 199 रन बनाए.

पिछली बार गुजरात की टीम 2008-09 में रणजी नॉक आउट राउंड तक पहुंची थी. तब उसे उत्तर प्रदेश से हार झेलनी पड़ी थी. पिछले साल टीम नॉक आउट राउंड के करीब थी, लेकिन अंक बराबर होने के बावजूद उसे रन रेट की वजह से मध्य प्रदेश से पिछड़ना पड़ा.

रणजी ट्रॉफी में इस सीजन में पांच तिहरे शतक जमाए गए हैं. दिलचस्प है कि दो तिहरे शतक गुजरात के बल्लेबाजों की तरफ से आए हैं. प्रियंक पांचाल ने 30 नवंबर को तिहरा शतक जमाया था. उससे सिर्फ एक महीने के भीतर दूसरा शतक टीम की तरफ से लगाया गया है. समित के नॉट आउट 359 रन रणजी ट्रॉफी में चौथा सबसे बड़ा स्कोर है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi