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आखिर क्यों दे दिया वीरेंद्र सहवाग ने डीडीसीए से अचानक इस्तीफा!

सहवाग के साथ आकाश चोपड़ा और राहुल सांघवी का भी इस्तीफा, मनोज प्रभाकर को दिल्ली का गेंदबाजी कोच बनाए जाने की इनकी सिफारिश पर गौतम गंभीर ने जताया था ऐतराज!

Updated On: Sep 17, 2018 01:49 PM IST

Bhasha

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आखिर क्यों दे दिया वीरेंद्र सहवाग ने डीडीसीए से अचानक इस्तीफा!

हाल ही में हुए चुनाव के बाद दिल्ली डिस्ट्रिक्ट  क्रिकेट ऐसोसिएशन की क्रिकेट कमेटी में एडवायजर के तौर पर शामिल हुए पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने इस्तीफा दे दिया है वीरेंद्र सहवाग ने सोमवार को कहा कि उन्होंने डीडीसीए के सर्वश्रेष्ठ हितों को ध्यान में रखते हुए संस्था की क्रिकेट समिति से इस्तीफा दिया है.

सहवाग के अलावा समिति के अन्य सदस्यों आकाश चोपड़ा और राहुल संघवी ने गेंदबाजी कोच के रूप में मनोज प्रभाकर को बरकरार रखने की सिफारिश की थी लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली थी.

हालांकि अभी यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि क्या यह सहवाग के इस्तीफा देने का कारण था कोई कोई और वजह है.

हालांकि डीडीसीए सूत्रों के अनुसार इन तीनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है क्योंकि राज्य संस्था को अगले दो दिन में सूप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नया संविधान सौंपना है जिसके बाद नई समितियों के गठन की जरूरत होगी. सहवाग से जब यह पूछा गया कि क्या प्रभाकर की नियुक्त नहीं होने के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया तो इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘हम सब एक साथ आए और अपना समय और प्रयास दिया जिससे कि क्रिकेट कमेटी के रूप में अपनी भूमिका के दायरे में दिल्ली क्रिकेट के सुधार में मदद और योगदान दे सकें.’

उन्होंने कहा, ‘हालांकि दिल्ली क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ हित में हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि हम तीनों अपने दैनिक जीवन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण डीडीसीए की क्रिकेट समिति के काम को आगे जारी नहीं रख पाएंगे.’

क्या गौतम गंभीर के साथ थे मतभेद! माना जा रहा है कि कप्तान गौतम गंभीर प्रभाकर की नियुक्ति के खिलाफ थे क्योंकि उनका नाम वर्ष 2000 के मैच फिक्सिंग प्रकरण में आया था.

डीडीसीए के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘गौतम हमेशा इस सिद्धांत पर चला है कि वह दिल्ली के ड्रेसिंग रूम में ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहता जो मैच फिक्सिंग या किसी अन्य तरह से गलत काम से किसी भी तरह जुड़ा रहा हो.’

उन्होंने कहा, ‘हालांकि यह कहना गलत होगा कि सहवाग और गंभीर के बीच इस मुद्दे को लेकर मतभेद थे क्योंकि कप्तान पैनल के विशेष आमंत्रित सदस्य थे.’ अधिकारी ने कहा, ‘नए संविधान को स्वीकार किए जाने के बाद सहवाग हितों के टकराव नियम के दायरे में आ जाते क्योंकि वह डीडीसीए अध्यक्ष के चैनल में विशेषज्ञ हैं. इसी तरह सिंघवी मुंबई इंडियंस से जुड़े हैं. इसलिए उन्हें पता था कि उन्हें जाना पड़ेगा.’

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