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शराब की दुकान पर चोरी करते पकड़े गए पूर्व अंपायर डेरेल हेयर

साल 1995 में हेयर ने मुरलीधरन पर चकर होने का आरोप लगाते हुए उनकी गेंदों को नो बॉल करार दिया था

FP Staff Updated On: Oct 24, 2017 09:10 AM IST

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शराब की दुकान पर चोरी करते पकड़े गए पूर्व अंपायर डेरेल हेयर

आपको क्रिकेट की दुनिया के सबसे विवादास्पद अंपायर डेरल हेयर तो याद ही होंगे. साल 1995 में श्रीलंका के फिरकी गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन को चकर बताकर उनकी गेंदों को नो बॉल करार देने वाले.  या फिर साल 2006 में पाकिस्तान- इंग्लैंड के टेस्ट मैच के दौरान पाकिस्तान पर गेंद से छेड़-छाड़ का आरोप लगाने वाले. कभी क्रिकेट के सबसे मशहूर अंपायरों में से एक डेरल हेयर एक बार फिर से चर्चा में हैं.

लेकिन इस बार यह चर्चा क्रिकेट के लिए नहीं बल्कि चोरी के लिए हैं. जी हां.. ऑस्ट्रेलिया के अखबार सिडनी मोर्निंग हैराल्ड की खबर के मुताबिक डेरल हेयर चोरी करने के दोषी पाए गए हैं और उन्हें मजिस्ट्रेट से जेल की सजा तो नहीं मिली है लेकिन उनसे 18 महीने का अच्छे बर्ताव का बॉन्ड भराया गया है और साथ ही उन्हें काउंसलिंग के साथ-साथ चोरी किया गया पैसा वापस करने को कहा गया है.

शराब की दुकान पर काम करते थे हेयर

78 टेस्ट में अंपायरिंग करने वाले डेरल हेयर ने एक शराब की दुकान से 9,005.75 रु. चुराए थे. अंपायरिंग से रिटायर होने के बाद हेयर इस स्टोर पर काम कर रहे थे जहां उन्होंने 25 फरवरी से लेकर 28 अप्रैल तक मौका मिलने पर चोरी की. खबरों की मानें तो अंपायर डेरल हेयर को जुआ खेलने की लत है और वो इसीलिए पैसा चुराते थे.

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के रहने वाले डेरेल हेयर ने 17 सालों तक अंपायरिंग की. हेयर ने 138 वनडे, 78 टेस्ट और 6 टी20 मैचों में अंपायरिंग की. हेयर का करियर काफी बड़ा रहा लेकिन वो कई बार विवादों में आए. डेरेल हेयर ने 1995 में मेलबर्न टेस्ट के दौरान मुरलीधरन को चकर करार देते हुए उनकी गेंदों को नो बॉल करार दिया था. हेयर ने मुरलीधरन के 3 ओवर में 7 बार उनकी गेंदों को नो बॉल करार दिया.

डेरल हेयर 20 अगस्त 2006 को भी विवादों में आए जब उन्होंने पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच चल रहे ओवल टेस्ट के दौरान पाकिस्तानी टीम पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप मढ़ दिया. हेयर और बिली डॉक्ट्रोव ने पाकिस्तानी टीम पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाया और इंग्लैंड को 5 पेनल्टी रन दे दिए.

इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने दोनों अंपायरों के इस फैसले का विरोध करते हुए टी ब्रेक के बाद मैदान पर आने से इनकार कर दिया. हेयर और डॉक्ट्रोव ने भी बेल्स गिरा कर इंग्लैंड को जीता हुआ घोषित कर दिया. डेरल हेयर के इस फैसले की चारों ओर आलोचना हुई और 4 नवंबर 2006 को आईसीसी ने उनपर बैन लगा दिया था.

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