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सबसे ज्यादा पाक क्रिकेटर ही क्यों आते हैं फिक्सिंग के घेरे में

बहुत पुराना है पाकिस्तान में फिक्सिंग का इतिहास

Updated On: Feb 15, 2017 12:05 PM IST

Shailesh Chaturvedi Shailesh Chaturvedi

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सबसे ज्यादा पाक क्रिकेटर ही क्यों आते हैं फिक्सिंग के घेरे में

1980 की बात है. कोलकाता तब कलकत्ता हुआ करता था. ईडन गार्डन में भारत और पाकिस्तान के बीच टेस्ट था. भारत के कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और पाकिस्तान के कप्तान आसिफ इकबाल टॉस के लिए गए. कहा जाता है कि सिक्का जमीन पर गिरते ही आसिफ इकबाल ने इसे उठा लिया. उन्होंने विश्वनाथ से हाथ मिलाया और कहा- आप टॉस जीत गए हैं.

विश्वनाथ को लग रहा था कि टॉस उन्होंने हारा है. लेकिन बेहद सौम्य व्यवहार वाले विश्वनाथ ने कुछ नहीं कहा. उन्होंने ड्रेसिंग रूम में आकर जरूर कहा कि मैं हार गया, लेकिन वो कह रहा है कि तुम जीत गए! इस बात को विश्वनाथ के हवाले से कई लोग कह चुके हैं.

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज सरफराज़ नवाज़ ने मुद्दा बाद में उठाया था. भारतीयों के लिए फिक्सिंग का यह पहला अनुभव था. हालांकि यह सही है कि विव रिचर्ड्स 1975 में एक और पाकिस्तानी कप्तान के बारे में इसी तरह की ‘टॉस फिक्सिंग’ के बारे में बात कर चुके हैं.

दाऊद इब्राहिम से भी जुड़े रहे हैं फिक्सिंग के तार

उसके बाद से लेकर लगातार फिक्सिंग कांड आते रहे. सबसे ज्यादा जिस मुल्क के खिलाड़ियों के नाम संदेह के घेरे में रहे, वो पाकिस्तान है. चाहे शारजाह की बात हो, जहां आरोप लगते रहे कि दाऊद इब्राहिम के हाथ में सभी मैचों की चाभी होती है. चाहे कासिम उमर के आरोप हों. चाहे बासित अली की बात हो, जिनका करियर वक्त से पहले खत्म कर दिया गया. इन सबके करियर खराब होने की वजह यही बताई जाती रही कि उन्होंने फिक्सिंग के खिलाफ बोलने की हिम्मत की. इन्हीं में एक नाम राशिद लतीफ का भी है.

Pakistani cricket players Saeed Anwar (R), Wasim Akram (C) and Waqar Younis announce their participation in a fundraising campaign for Afghan refugees, in Lahore November 17, 2001. The cricketing heroes urged fellow Pakistanis to give clothes and other goods and announced that Pakistan's entire cricket team would visit some cities to collect the donations. REUTERS/Mohsin Raza JIR/RCS - RTR14V5G

पाकिस्तान के ज्यादातर बड़े नामों पर आरोप लगते रहे हैं. जिस कलकत्ता टेस्ट का जिक्र हमने पहले किया, उसमें टॉस ही नहीं, और भी बातें शक के दायरे में थीं. मैच ड्रॉ था. लेकिन भारत के 331 रन के जवाब में पाकिस्तान का चार विकेट पर 272 के स्कोर पर पारी घोषित करना लोगों की समझ में नहीं आया.

बार-बार लगते हैं पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर आरोप

कुछ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने पुरानी घटनाओं का जिक्र किया. इनमें पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर का बयान शामिल है. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के कप्तान मुश्ताक मोहम्मद ने उन्हें इंग्लैंड में टेस्ट हारने के लिए पांच लाख पाउंड का ऑफर दिया था. मुश्ताक ने हालांकि बाद में कहा कि वो सिर्फ मजाक कर रहे थे.

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अताउर्रहमान ने वसीम अकरम पर आरोप लगाया था कि मैच हारने के लिए उन्हें तीन लाख रुपये ऑफर किए गए थे. कई पाक खिलाड़ियों के एजेंट रहे मजीद मज़हर ने अपनी गवाही में दावा किया था कि वसीम अकरम, वकार यूनुस, मोईन खान और इजाज़ अहमद जैसे खिलाड़ी फिक्सिंग में शामिल हैं.

आमिर सोहैल ने 1994 में आरोप लगाए थे. उन्होंने सलीम मलिक और मुश्ताक अहमद के बारे में कहा कि पैसा लेकर खराब प्रदर्शन किया है. उसी दौर में शेन वॉर्न, मार्क वॉ और टिम मे ने भी सलीम मलिक पर खराब प्रदर्शन के लिए पैसे ऑफर करने का आरोप लगाया.

खिलाड़ियों पर लगता रहा है बैन

मैच फिक्सिंग की जांच कर रहे पाकिस्तान के जस्टिस कय्यूम ने अपनी रिपोर्ट में कई खिलाड़ियों को सजा की सिफारिश की थी. इनमें सलीम मलिक पर आजीवन प्रतिबंध शामिल था. वसीम अकरम को संदेह का लाभ दिया गया था. लेकिन उन्हें कप्तानी से हटाने के लिए कहा गया. अताउर्रहमान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रतिबंध लगाया गया था. सलीम मलिक, वसीम अकरम, मुश्ताक अहमद, अताउर्रहमान, वकार यूनुस, इंजमाम उल हक, अकरम रज़ा और सईद अनवर पर जुर्माना लगाया गया.

कुछ साल पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में पाकिस्तान टीम के कई खिलाड़ियों पर एक्शन लिया गया. पाकिस्तान वो मैच हारा था. पीसीबी की जांच में मोहम्मद यूसुफ और यूनुस खान को अनिश्चित काल के लिए बैन किया गया. शोएब मलिक, नावेद उल हसन पर एक साल का बैन लगा. शाहिद आफरीदी, उमर और कामरान अकमल पर जुर्माना किया गया.

A combo of pictures created on November 1, 2011 show Former Pakistan cricketer Mohammad Asif (C) and former captain Salman Butt (L) leaving Southwark Crown Court in London on November 1, 2011 after being found guilty of fixing parts of a Test against England and former Pakistan bowler Mohammad Aamer (R) arriving at Westminster Magistrates court in central London, on March 17, 2011 over the same charges. Asif, 28, and Butt, 27, face jail after a court in London convicted them of deliberately bowling three no-balls during the Lord's Test in August 2010 as part of a "spot-fixing" betting scam. After the verdicts it was revealed that young Pakistan bowler Mohammad Aamer pleaded guilty to the same charges two weeks before. AFP PHOTO / FACUNDO ARRIZABALAGA (C) / CARL COURT (L and R) / AFP PHOTO / CARL COURT AND FACUNDO ARRIZABALAGA

2010 का वो किस्सा तो खैर सबको याद होगा ही, जब सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को स्पॉट फिक्सिंग मामले में जेल और पांच साल की सजा हुई. सरफराज़ नवाज़ से लेकर क़ासिम उमर, राशिद लतीफ, अताउर्रहमान, शोएब अख्तर, बासित अली जैसे तमाम खिलाड़ी अपने साथियों पर फिक्सिंग के आरोप लगाते रहे हैं. उसके बावजूद पाकिस्तान में फिक्सिंग का दौर नहीं थमा है. ताजा मामला पाकिस्तान सुपर लीग का है, जिसमें और न जाने कितनी बातें सामने आएंगी.

ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ पाकिस्तान ही शामिल हो. भारत में लगातार इस तरह की खबरें आती रही हैं. लेकिन पाकिस्तान में मुल्क और क्रिकेट के हालात जिस तरह के हैं, उसमें फिक्सिंग होने की आशंका और बढ़ जाती है.

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