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बॉल टेंपरिंग के मामले कम करने के लिए क्रिकेटरों का 'बॉस' उठा सकता है यह कदम

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के महासंघ (फिका) के प्रमुख टोनी आयरिश ने ​कहा कि यदि खिलाड़ी बॉल टेंपरिंग को अवैध नहीं मानते तो उन्हें क्रिकेट खेलना नहीं खेलना चाहिए

Updated On: Nov 09, 2018 04:23 PM IST

FP Staff

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बॉल टेंपरिंग के मामले कम करने के लिए क्रिकेटरों का 'बॉस' उठा सकता है यह कदम

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के महासंघ (फिका) के प्रमुख टोनी आयरिश ने गेंद से छेड़खानी जैसे मसलों से बचने के लिए जागरुकता कार्यक्रम शुरू करने की अपील की. इसी साल के शुरुआती माह में मार्च में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट के दौरान गेंद से छेड़खानी मामले में आस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और बल्लेबाज कैमरून बेनक्रोफ्ट पर प्रतिबंध लगाया गया था. जिसके बाद क्रिकेट जगत में आॅस्ट्रेलिया क्रिकेट की साख दांव पर लग गई थी. आॅस्ट्रेलियन कोच जस्टिन लैंगर ने दावा किया था कि बॉल टेंपरिंग अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है और यह हकीकत में चिंता का विषय है.
टोनी आयरिश ने फेयरफेक्स मीडिया से कहा कि इस शिक्षा ही इस समस्या का समाधान है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर शुरुआत से ही खिलाड़ियों में कुछ गलतफहमी है और दुनिया भर के कुछ खिलाड़ियों ने इस निशान को और अधिक बढ़ा दिया है. आयरिश ने कहा कि कड़ी सजा ठीक है, लेकिन सजा से बचाव बेहतर होता है. हमें वैश्विक स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम चलाने चाहिए. हमने आईसीसी समेत अन्य वैश्विक संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की पेशकश की है. एक अधिकारी ने कहा कि अब यदि खिलाड़ी नहीं  जानते कि बॉल टेंपरिंग अवैध है, तब उन्हें यह खेल नहीं खेलना चाहिए.
केपटाउन् में स्लेलिंग और बॉल टेंपरिंग सहित जो कुछ हुआ, उसके परिणाम स्वरूप इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल  ने चार नए कोड आॅफ कंडक्ट अपराध और तीन अपराध के स्तर के बराबर पेनल्टीज जोड़ी. जिसमें बॉल टेंपरिंग की शामिल थी.  खिलाड़ी यदि बॉल टेंपरिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसमें छह टेस्ट सेे ज्यादा का बैन झेलना पड़ता. उस समय स्टिव स्मिथ पर आईसीसी ने एक मैच का प्रतिबंध, कैमरून बेनक्रॉफ्ट पर मैच फीस का 75 प्रतिशत और 3 डिमेरिट पॉइंट सजा के रूप में  लगाया गया था. हालांकि क्रिकेट आॅस्ट्रेलिया ने स्मिथ और वार्नर पर 12 माह का बैन और बेनक्रॉफ्ट पर नौ माह बैन लगा दिया था. आॅस्ट्रेलिया के बाहर इस साल केवन दिनेश चांदीमल बॉल टेंपरिंग के दोषी पाए गए थे और उन पर जून में एक टेस्ट का बैन लगाया गया था. केप टाउन मामले से पहले साउथ अफ्रीका के कप्तान फाफ ड्यू प्लेसी इस मामले में पकड़े गए आखिरी खिलाड़ी थे, जो 2016 में हॉबर्ट टेस्ट में गेंद पर मिंट लगाने की कोशिश कर रहे थे.

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