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अश्विन के फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी

भारत की जीत में अश्विन का महत्वपूर्ण योगदान

Updated On: Dec 12, 2016 04:48 PM IST

Lakshya Sharma

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अश्विन के फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी

इस समय भारतीय टेस्ट टीम के सितारे बुलंदियों पर हैं. भारतीय टीम एक के बाद एक सीरीज पर कब्जा कर रही है. विराट एंड कंपनी अपने पिछले 17 टेस्ट से हारी नहीं है, जो किसी भी टीम के लिए यादगार प्रदर्शन है. इस जीत में विराट कोहली का प्रदर्शन बल्लेबाजी और कप्तानी में शानदार रहा है. इस समय विराट की कप्तानी की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है. लेकिन शायद विराट की टीम एक खिलाड़ी के बिना ये शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाती. वह खिलाड़ी गेंदबाजी के मामले में हर किसी को पीछे छोड़ रहा है. हम बात कर रहे है दुनिया के नंबर वन गेंदबाज आर अश्विन की. भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन के पीछे अश्विन का महत्वपूर्ण योगदान है.

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इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में भी अश्विन ने मैच में 12 विकेट लेकर मेहमान टीम की कमर तोड़ दी. इस मैच में ही क्यों पूरी सीरीज में अश्विन ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों के नाक में दम कर रखा है. अब तक खेले गए 4 टेस्ट मैचों में अश्विन ने करीब 25 की औसत से 27 विकेट लिए है. इस दौरान उन्होंने 3 बार पारी में 5 विकेट और 1 बार मैच में 10 विकेट भी लिए. अश्विन के लिए पिछले दो साल शायद किसी सपने की तरह रहे हैं. गेंदबाजी में वह एक के बाद रिकॉर्ड ध्वस्त करते जा रहा हैं. अगर साल 2015 की बात करें तो अश्विन ने 9 टेस्ट मैचों में करीब 18 की बेहतरीन औसत से 62 विकेट लिए, इन 9 मैचों की 7 पारियों में उन्होंने 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए, वहीं 2 मैचों में उनके नाम 10 विकेट शामिल है.

Mumbai: India bowler R Ashwin celebrates the wicket of Ben Stokes (not in pic) during the second day of fourth test match in Mumbai on Friday. PTI Photo by Santosh Hirlekar(PTI12_9_2016_000032B)

2015 की तरह साल 2016 भी अश्विन के लिए यादगार रहा, अश्विन इस साल टेस्ट मैचों में विकेट लेने के मामले में दुनिया के नंबर वन बॉलर है. अश्विन ने इस साल 11 टेस्ट मैचों में 71 विकेट लिए है. 2016 में उनकी गेंदबाजी औसत करीब 21 रही. इस साल उन्होंने 8 बार पारी में पांच विकेट और 3 बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया. अश्विन इस समय कितनी जबरदस्त फॉर्म में हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि पिछली 4 टेस्ट सीरीज में वह मैन ऑफ द सीरीज रहे हैं. अश्विन ने अब तक अपने टेस्ट करियर में 14 सीरीज खेली हैं. इनमें 7 सीरीज में उन्हे मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड मिला.

अश्विन को ये सफलता ऐसे ही नहीं मिली, आपको याद होगा साल 2014, जब अश्विन एक-एक विकेट के लिए तरस रहे थे. उन्हें साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में तो चुना गया, लेकिन एक भी मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया. उस समय अश्विन का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका था, वह अपनी गेंदबाजी के साथ तरह तरह के प्रयोग भी करने लगे, 2014 में बांग्लादेश में हुए एशिया कप में तो उन्होंने अपना पूरा गेंदबाजी एक्शन तक बदल दिया. इसके बाद भी उन्हे सफलता नहीं मिल पाई. लेकिन कहते है ना कि जो खिलाड़ी गिर कर उठे, वही चैंपियन खिलाड़ी है. अश्विन के साथ भी यही हुआ, पहले उन्होंने अपने बेसिक्स ठीक किए और ज्यादा प्रयोग करना बंद कर दिए. अश्विन सिर्फ अपनी ऑफ ब्रेक गेंदबाजी पर ध्यान देने लगे. इस दौरान उन्होंने दिन रात अपनी गेंदबाजी पर काम किया. इसका फायदा भी अश्विन को हुआ, अश्विन ने खुद माना कि उन्होंने अपनी गेंदबाजी के साथ बहुत प्रयोग किए इसी कारण उनका प्रदर्शन गिरा, लेकिन अब वह अपनी कड़ी मेहनत के दम पर शानदार प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार हूं. आज के समय में भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली भी मानते है कि अश्विन के बिना वह अपनी टीम की कल्पना भी नहीं कर सकते, अश्विन भी अपने कप्तान और फैंस के भरोसे को सही साबित करते हुए भारतीय टीम को लगातार जीत दिलवा रहे है.

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