S M L

डे-नाइट टेस्ट वह सच्चाई हैं, जिनसे नजरें नहीं चुराई जा सकतीं : गांगुली

जब टेस्ट क्रिकेट वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है इसे नकारा नहीं जा सकता

Bhasha Updated On: Dec 14, 2017 10:32 PM IST

0
डे-नाइट टेस्ट वह सच्चाई हैं, जिनसे नजरें नहीं चुराई जा सकतीं : गांगुली

भारत के घरेलू मैदानों पर टेस्ट मैचों के प्रति दर्शकों में उदासीनता देखी जा रही है. तो क्या डे-नाइट टेस्ट लोगों में लंबे प्रारूप को लेकर दिलचस्पी पैदा कर सकता है? भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने गुरुवार को कोलकाता में कहा कि डे-नाइट टेस्ट वह सच्चाई हैं, जिनसे नजरें नहीं चुराई जा सकती हैं. गांगुली के मुताबिक ऐसे में जबकि टेस्ट क्रिकेट वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है, डे-नाइट टेस्ट के आयोजन को किसी भी सूरत में नकारा नहीं जा सकता.

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) के अध्यक्ष गांगुली ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा,“यह अटल है. यह तो एक दिन होना ही है. बहुत साधारण सी बात है कि लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद उपयोग में लाई जाएगी और लोग शाम के वक्त टेस्ट देखने के लिए आएंगे. ये भी पता चला है कि कुछ क्रिकेट संघ टेस्ट मैच आयोजित करवाने को लेकर अधिक उत्साहित नहीं हैं. इसकी बड़ी वजह यह है कि टेस्ट मैचों से राजस्व की प्राप्ति कम होने लगी है.

खुद कैब को भारत और श्रीलंका के बीच हाल में आयोजित करवाए गए टेस्ट मैच से सिर्फ 42 लाख रुपए की कमाई हुई. दूसरा टेस्ट मैच नागपुर में हुआ जहां संघ के खाते में टिकट बिक्री से 49 लाख रुपए आए. दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में डीडीसीए को कुल एक करोड़ रुपये की कमाई हुई. इस आंकड़ों को अगर वनडे और टी-20 क्रिकेट के सामने रखा जाए तो तस्वीर और साफ हो जाती है, जहां सिर्फ एक दिन के खेल से 4 से 6 करोड़ रुपए की कमाई हो जाती है.

एफटीपी पर बीसीसीआई वर्किंग ग्रुप का हिस्सा हो सकते हैं गांगुली

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली आईसीसी फ्यूचर्स टूर और कार्यक्रम (एफटीपी) पर बीसीसीआई के वर्किंग ग्रुप का हिस्सा हो सकते हैं, जबकि सीईओ राहुल जौहरी को तभी शामिल किया जाएगा जब सीओए पदाधिकारियों पर दबाव बनाए. पिछले सोमवार को बीसीसीआई की आमसभा की बैठक में वर्किंग ग्रुप के गठन का फैसला किया गया था जो नए एफटीपी पर अध्ययन करेगा जिसमें भारतीय टीम को 2019- 2023 के बीच तीनों प्रारूपों में 81 मैच खेलने हैं.

वर्किंग ग्रुप में बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी होंगे. ऐसी संभावना है कि हर क्षेत्र से एक सदस्य भी इसमें होगा. बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली को सभी इस पैनल में चाहते हैं.

एसजीएम में मौजूद एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘ कार्यवाहक सचिव और कोषाध्यक्ष का मानना है कि गांगुली को इसमें शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि यह क्रिकेट से जुड़ा मसला है. उनके जैसे क्रिकेटर की एफटीपी पर राय काफी अहम होगी.’ ऐसा लगता है कि जौहरी को इसमें शामिल करने पर एकराय नहीं है. अधिकारी ने कहा, ‘ इस साल एक एसजीएम से जौहरी को बाहर जाने को कहा गया था. तीनों पदाधिकारियों को सीओए ने कारण बताओ नोटिस जारी किए. सीईओ को वैसे भी वर्किंग ग्रुप का हिस्सा होने की क्या जरूरत है.’

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
गोल्डन गर्ल मनिका बत्रा और उनके कोच संदीप से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi