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आखिर क्यों सस्पेंड हो गईं कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट पूनम यादव!

गोल्ड कोस्ट में गोल्ड जीतने वाली वेटलिफ्टर पूनम यादव के लिए अब एशियन गेम्स की टीम में जगह बनाना होगा मुश्किल

Updated On: May 04, 2018 03:18 PM IST

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey

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आखिर क्यों सस्पेंड हो गईं कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट पूनम यादव!
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हाल ही में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर चर्चा में आने वाली महिला वेटलिफ्टर पूनम यादव को वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने सस्पेंड कर दिया है. पूनम यादव पर यह कार्रवाई अनुशासन हीनता के आरोप में की गई है. उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है. अगर पूनम ने वक्त रहते संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो फिर उनकी एशियन गेम्म में भागीदारी भी मुश्किल में पड़ सकती है.

दरअसल 69 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर पूनम वेटलिफ्टिंग दल के साथ 12 अप्रैल को वापस लौटी थीं. सभी वेटलिफ्टर्स को दिल्ली से सीधे पटियाला में वेटलिफ्टिंग के कैंप में रिपोर्ट करने को कहा गया था. पूमन की ही तरह कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली संजीता चानू और मीराबाई चानू जेसी लिफ्टर्स समेत पूरी टीम पटियाला चली गईं लेकिन पूनम एयरपोर्ट से सीधे अपने घर यानी यूपी के बनारस शहर में चली गईं.

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वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के मुताबिक इसी साल होने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों के मद्देनजर  सभी लिफ्टर्स को सम्मान समारोहों के अलावा कहीं और जाने की बजाय सीधे कैंप में ही रहने के निर्देश दिए दे थे लेकिन पूनम ने उनका उल्लंघन कर दिया. पूनम ने करीब 10 दिन बाद कैंप में रिपोर्ट किया जहां उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया.

पूनम ने इस नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब तो नहीं दिया और 25 अप्रैल को रेल मंत्रालय के सम्मान समारोह के बाद भी वह अपनी टीम के साथ वापस कैंप नहीं लौटीं.

वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के सैक्रेटरी जनरल सहदेव यादव ने फर्स्टपोस्ट हिंदी को बताया है कि ‘पूनम के इस अनुशासनहीना का असर पूरे कैंप पर पड़ रहा था और बाकी लिफ्टर्स के भीतर असंतोष की भावना पनप रही थी लिहाजा पूनम को अब अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है.’

अब कराना होगा डोप टेस्ट

फेडरेशन ने सस्पेंशन के साथ-साथ पूनम को अब अपने खर्चे पर डोप टेस्ट कराने का निर्देश दिया है जिसके नेगेटिव आने के बाद ही दोबारा उनकी कैंप में एंट्री हो पाएगी और वह एशियन गेम्स के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सर सकेंगीं. दरअसल फेडरेशन की परेशानी वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी यानी वाडा के ‘व्हेयर अबाउट क्लॉज’ को लेकर भी है. फेडरेशन ने पूनम के पता आईएनएस पटियाला लिखा हुआ था जहां कभी भी एक घंटे के नोटिस पर जाकर वाडा के अधिकारी उनक डोप सैंपल ले सकते थे. कैंप से पूनम की गैरहाजिरी के बाद अब फेडरेशन नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी के दफ्तर में जाकर उनके पते के कॉलम में कैंप की बजाय उनके घर पता दर्ज करा दिया है.

पूनम के पास वक्त है कम

आईएनएस पटियाला में चल रहे कैंप को अब 11 मई को हिमाचल प्रदेश के शिलारू में शिफ्ट कर दिया जाएगा. जहां से वापस आने के तीन सप्ताह बाद एशियन गेम्स के लिए 16 सदस्यीय टीम का ट्रायल शुरू होगा. और फिर इसी दल को ट्रेनिंग के लिए इंडोनेशिया भेजा जाएगा. अब सवाल है कि अगर पूनम यादव जल्द से जल्द डोप टेस्ट कराके कैंप में वापस नहीं लौटती हैं तो फिर एशियन गेम्स में उनकी भागीदारी मुश्किल हो जाएगी.

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फेडरेशन के एक अधिकारी के मुताबिक 69 किलोग्राम की कैटेगरी में पूनम से एशियन गेम्स में कम के कम ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीद जरूर है. लेकिन अगर वह टीम में शामिल नहीं हो पाती हैं तो फिर उनके विकल्प के तौर पर पश्चिम बंगाल की महिला लिफ्टर राखी हलधर को 69 किलोग्राम की कैटेगरी में उतारा जा सकता है. राखी फिलहाल 63 किलोग्राम की कैटगरी में शामिल हैं.

ऐसे में देखना होगा कि क्या पूनम यादव वक्त रहते खुद पर लगे अनुशासन हीनता के रोपों का जवाब देकर कैंप मे शामिल होकर एशियन गेम्स की दावेदारी पेश कर पाती है या नहीं.

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