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बीसीसीआई की पाबंदी के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत की शरण में पहुंचे श्रीसंत

श्रीसंत की गुहार, बीसीसीआई उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन कर रही है, कोर्ट में पांच फरवरी को होगी सुनवाई

FP Staff Updated On: Feb 02, 2018 09:17 PM IST

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बीसीसीआई की पाबंदी के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत की शरण में पहुंचे श्रीसंत

आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग में फंसने के चलते बीसीसीआई की पाबंदी झेल रहे क्रिकेटर एस श्रीसंत ने अब इस बैन के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया हैं. टीम इंडिया के लिए खेल चुके श्रीसंत ने केरल हाइकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है जिसमें उनपर लगे बैन को जायज ठहराया गया था.

सुप्रीम कोर्ट में श्रीसंत ने इसे उनके मौलिक धिकारों का हनन बताते हुए याचिका दायर कर ली है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए पांच फरवरी इसकी सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है.

इससे पहले केरल हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने 34 वर्षीय इस तेज गेंदबाज पर एकल पीठ के उस फैसले को पलट दिया था जिसमें बीसीसीआई द्वारा लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को निरस्त किया गया था. केरल हाई कोर्ट ने इससे पहले श्रीसंत को बीसीसीआई के दायरे में आने वाली किसी भी क्रिकेट गतिविधि में हिस्सा नहीं लेने के आदेश दिए थे. इसके बाद श्रीसंत ने केरल कोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है.

साल 2013 में राजस्थान रॉयल्स की खेल रहे श्रीसंत को दिल्ली पुलिस ने दो अन्य क्रिकेटरों के साथ स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. हालांकि अदालत में पुलिस के आरोप टिक नहीं सके और श्रीसंत को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया. शरीसंत अदालत से तो बरी हो गए लेकिन बीसीसीआई की उनपर लगी आजीवन पाबंदी जारी है.

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