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कोच रवि शास्त्री ने मानी गलती, कहा- साउथ अफ्रीका दस दिन पहले आते तो नतीजा अलग होता

शास्त्री ने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने नंबर एक टीम के गेंदबाजों की तरह प्रदर्शन किया

Updated On: Jan 22, 2018 09:20 PM IST

FP Staff

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कोच रवि शास्त्री ने मानी गलती, कहा- साउथ अफ्रीका दस दिन पहले आते तो नतीजा अलग होता

साउथ अफ्रीका दौरे पर लगातार दो टेस्ट मैचों में लचर प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री ने  मान ही लिया कि टीम को दौरे की शुरुआत दस दिन पहले करनी चाहिए थी जिससे खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों से तालमेल बिठा पाते. शास्त्री ने कहा कि भविष्य में टीम के दौरे पर तैयारियों के लिए और अधिक समय दिया जाना चाहिए. शास्त्री ने कहा कि सीरीज में 0-2 से पिछड़ने का मुख्य कारण ‘विदेशी हालात’ हैं.

भारतीय टीम तीसरा और आखिरी टेस्ट मैच बुधवार से खेलेगी. भारतीय टीम साउथ अफ्रीका दौरे पर 28 दिसंबर को पहुंची थी और पहला टेस्ट मैच पांच जनवरी से था.

भारतीय कोच ने सोमवार को जोहानसबर्ग में अभ्यास सत्र के बाद कहा, ‘हम यहां विकेट की शिकायत करने के लिए नहीं हैं. क्योंकि जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि दोनों टीमें एक ही पिच पर खेल रही हैं. मैं कहना चाहूंगा कि यहां अभ्यास के लिए दस दिन और मिलते तो काफी बदलाव होता. हम कोई बहाना नहीं बनाना चाहते, हम जिस पिच पर खेले वह दोनों टीमों के लिए थी और मैं उस बात पर ध्यान देना चाहूंगा की दोनों टेस्ट में हमने बीस विकेट लिए. जिससे हमें दोनों मैचों में जीतने का मौका मिला. अगर हमारा शीर्षक्रम चला तो तीसरा मैच भी अच्छा होगा.’

शास्त्री से टेस्ट मैचों के विशेषज्ञ खिलाड़ियों को पहले भेजे जाने के बारे में भी पूछा गया. उनसे यह भी पूछा गया कि इस साल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर क्या खिलाड़ियों को परिस्थितियों से अभ्यस्त होने के लिए पहले भेजा जाएगा. उन्होंने कहा, ‘एक विचार था कि टेस्ट विशेषज्ञों को पहले भेजा जाए, लेकिन फिर टीम एक साथ नहीं होगी. ऐसे विचारों को पीछे रखकर मैं कहना चाहूंगा की आगे से किसी दौरे पर टीम को दो सप्ताह पहले भेजा जाए. दुर्भाग्य से इस बार कार्यक्रम ऐसा था कि श्रीलंका के खिलाफ हमारे मैच थे. लेकिन मैं आश्वस्त हूं कि आगे से टीम का कार्यक्रम तय करते समय इन बातों का खयाल रखा जाएगा. इसमें कोई शक नहीं है कि आपको दौरे पर दो सप्ताह पहले पहुंचना चाहिए.’

सीरीज के पहले दो टेस्ट मैचों के बारे में शास्त्री ने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने नंबर एक टीम के गेंदबाजों की तरह प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, ‘किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि हमारे गेंदबाज ऐसी गेंदबाजी करेंगे और बीस विकेट लेंगे. इस दौरे का सबसे बड़ी सकारात्मक चीज यही है. हम यहां अपनी गलतियों से सीखने आए हैं.’

शास्त्री ने दोनों टेस्ट मैचों के लिए चुनी गई प्लेइंग इलेवन के फैसले का भी बचाव किया. शास्त्री ने कहा, 'भारत में आपको बहुत बदलाव की जरूरत नहीं होती क्योंकि आपको स्थानीय हालात पता होते हैं. लेकिन विदेश दौरे पर आप मौजूदा फॉर्म और इस बात पर ध्यान देते हैं कौन सा खिलाड़ी जल्दी किसी हालात में खुद को ढाल सकेगा.'

रहाणे को ड्रॉप कर रोहित शर्मा को पहले दोनों मैचों में मौका दिए जाने पर शास्त्री ने कहा, 'यही होता है. अगर अजिंक्य ने खेला होगा और अच्छा नहीं करते तो आप मुझसे पूछते कि रोहित को क्यों नहीं मौका दिया. अब रोहित ने खेला, लेकिन प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो आप पूछे रहे हैं कि अजिंक्य क्यों नहीं. यही तेज गेंदबाजों के मामले में भी है. जब आपके पास विकल्प होते हैं फिर टीम प्रबंधन चर्चा करता है और सबसे बेहतर विकल्प को चुनता है.'

भारतीय टीम कभी भी साउथ अफ्रीका में सीरीज 0-3 से नहीं हारी है. शास्त्री ने कहा कि ड्रेसिंग रूम में टीम का मनोबल ऊंचा है, क्योंकि टीम विदेशी हालात में मैच जीतने के मौके बना रही है.

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