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सावधान टीम इंडिया! रोमांच नहीं, विश्व कप में संभावनाओं पर आंच है यह टाई मैच

इस साल खेले गए 17 वनडे मैचों में सात में विपक्षी टीम के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी के सामने शतक बनाए हैं जिनमें बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसी कमजोर टीमें भी हैं

Updated On: Oct 25, 2018 12:19 PM IST

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu

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सावधान टीम इंडिया! रोमांच नहीं, विश्व कप में संभावनाओं पर आंच है यह टाई मैच
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स्कोर बोर्ड गवाह है कि हाल ही के सालों में विराट कोहली की टीम को वनडे की रैंकिंग में टॉप पर लाने में गेंदबाजों की भूमिका अहम रही है. बेशक यह टीम स्टार बल्लेबाजों से भरी है, लेकिन उसकी निर्भरता अपने कप्तान पर ज्यादा है. ऐसे में गेंदबाजों का प्रदर्शऩ कारगर साबित रहा है.  इस सब के बीच टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ विशाखापत्तनम में 321 का बड़ा स्कोर बनाने के बाद भी मैच टाई पर खत्म किया है. यह याद रखना जरूरी है कि इस साल टीम ने दूसरी बार टाई मैच खेला है. एशिया कप में अफगानिस्तान ने भी भारत के साथ मैच बराबरी के साथ खत्म किया था. यानी भारतीय टीम तीन सौ के पार पहुंच रही है तो टीमें भी उसके आसपास मैच को खत्म कर रही हैं.

अगले साल इंग्लैंड में होने वाला आईसीसी वर्ल्ड कप सिर्फ सात महीने दूर है और इससे पहले जिस तरह से टीम इंडिया वनडे में खेल रही है उसको लेकर चिंता होना लाजिमी है. अब सवाल किया जा सकता है कि टीम तो लगातार मैच जीत रही है. ऐसे में चिंता करने की बात क्या है! 

सात मैचों में भारतीय गेंदबजों के सामने शतक बने 

विश्व कप से ठीक पहले जिस तरह से गेंदबाजों के खिलाफ रन बनने का सिलसिला शुरू हुआ है, वह चिंताएं बढ़ाने वाला है. इस साल खेले गए 17 वनडे मैचों में सात में विपक्षी टीम के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी के सामने शतक बनाए हैं. यह शतक न केवल टॉप बल्लेबाजों ने बल्कि मिडिल पर खेलने आए बल्लेबाजों ने भी मारा है. एक तथ्य यह भी है कि टीम इंडिया की गेंदबाजी के खिलाफ शतक साउथ अफ्रीका या इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के बल्लेबाजों ने ही नहीं बनाए हैं.

अफगानिस्तान के ओपनर मोहम्मद शहजाद ने पिछले महीने एशिया कप में 116 गेंद पर 11 चौकों और सात छक्कों के साथ 124 रन ठोके थे. फिर बांग्लादेश के ओपनर लिटन दास 117 गेंद पर 121 रन बना कर गए. इसी टूर्नामेंट में  हॉन्गकॉन्ग के ओपनर निजाकत खान (92) और अंशुमान रथ (73) ने 174 रन की पार्टनरशिप  भारतीय गेंदबाजों के सामने खड़ी की थी.

टीम प्रबंधन की चिंता का विषय 

West Indies cricketers Shai Hope (R) and Shimron Hetmyer run between the wickets during the second one day international (ODI) cricket match between India and West Indies at the Dr. Y.S. Rajasekhara Reddy ACA-VDCA Cricket Stadium in Visakhapatnam on October 24, 2018. (Photo by NOAH SEELAM / AFP) / ----IMAGE RESTRICTED TO EDITORIAL USE - STRICTLY NO COMMERCIAL USE----- / GETTYOUT

मौजूदा सीरीज का आलम यह है कि लगातार दो मैचों में शेरॉन हेटमेयर और ओपनर शाई होप का शतक है. हेटमेयर नंबर पांच पर खेलते हैं और दूसरे वनडे में भी वह महज छह रन से अपनी आक्रामक सेंचुरी पूरी करने से चूक गए. यह सही है कि विराट कोहली लगातार रन बना रहे हैं और मौजूदा सीरीज में वह लगातार दो शतक बना चुके हैं. साथ ही टीम मैच भी जीत रही है. लेकिन टीम को मैच जिता रही गेंदबाजी लगातार ढीली पड़ रही है और वह भी विश्व कप से ठीक पहले, टीम प्रबंधन को इसे लेकर चिंता होनी चाहिए.

कहा जाता है कि बल्लेबाज ही मैच जिताते हैं. हालांकि हाल के सालों में खेल के साथ-साथ इस किंदवंती में बदलाव आया क्योंकि बल्लेबाज 300 से ऊपर रन बना रहे हैं तो गेंदबाजों के लिए इस स्कोर को बचाना आना चाहिए. दूसरे वनडे के आखिरी ओवर में जिस तरह से कप्तान कोहली अपने तेज गेंदबाज उमेश यादव की तरफ देख रहे थे, वह सब इन चिंताओं की तरफ इशारा करता है.

विश्‍व कप से पहले सुलझाना होगा मसला

Indian cricket captain Virat Kohli (R) leaves the field with teammates after they tied against West Indies during the second one day international (ODI) cricket match between India and West Indies at the Dr. Y.S. Rajasekhara Reddy ACA-VDCA Cricket Stadium in Visakhapatnam on October 24, 2018. (Photo by NOAH SEELAM / AFP) / ----IMAGE RESTRICTED TO EDITORIAL USE - STRICTLY NO COMMERCIAL USE----- / GETTYOUT / “The erroneous mention[s] appearing in the metadata of this photo by NOAH SEELAM has been modified in AFP systems in the following manner: [dateline Visakhapatnam] instead of [Chittagong]; slug change to CRICKET-IND-WIS; added editorial restrictions; adjust event ID. Please immediately remove the erroneous mention[s] from all your online services and delete it (them) from your servers. If you have been authorized by AFP to distribute it (them) to third parties, please ensure that the same actions are carried out by them. Failure to promptly comply with these instructions will entail liability on your part for any continued or post notification usage. Therefore we thank you very much for all your attention and prompt action. We are sorry for the inconvenience this notification may cause and remain at your disposal for any further information you may require.”

मसलन टीम प्रबंधन को यह मसला समझना और सुलझाना होगा कि आखिरी के ओवरों में ऑफ स्टंप के बाहर की लाइन के कारगर साबित होने के बावजूद उमेश जैसा अनुभवी गेंदबाज मिडिल-लेग पर गेंद डाल कर विकेट के पीछे चार रन क्यों खा गया!

टीम इंडिया तीन सौ से कम और तीन सौ से ऊपर के स्कोर पर भी मैच बराबरी पर खेल रही है और वह भी अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज की टीम के सामने. अगर टीम इंडिया के लिए यह चिंता ही नहीं, बल्कि गंभीर मसला है जो उसे विश्व कप से पहले सुलझाना होगा.

विश्व कप से पहले टीम को अब ऑस्‍ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम साथ वनडे मैच खेलने हैं. वहां उसे शायद ही ऐसी रियायत मिले. यह सही है कि टीम जीत का श्रेय मिलना चाहिए लेकिन इस जश्न के पीछे की चेतावनियों को न सुनना, विश्व कप में जल्द वापसी का सबब बन सकता है.

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