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भारत ऑस्ट्रेलिया चौथा टेस्ट: इन खिलाड़ियों की बदौलत मिली धर्मशाला टेस्ट में जीत

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया, जडेजा बने मैन ऑफ द मैच

FP Staff Updated On: Mar 28, 2017 01:44 PM IST

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भारत ऑस्ट्रेलिया चौथा टेस्ट: इन खिलाड़ियों की बदौलत मिली धर्मशाला टेस्ट में जीत

भारत ने सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में जोरदार वापसी करते हुए मैच 8 विकेट से जीत लिया. इस जीत के साथ भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया है. आइए जानते हैं कि भारत की ओर से इस मैच के हीरो कौन रहे जिनकी बदौलत भारत ने ये जीत हासिल की.

कुलदीप यादव

इस टेस्ट मैच में पदार्पण करने वाले कुलदीप यादव ने पहली पारी मे ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी. कुलदीप ने ऑस्ट्रेलिया के चार महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. एक वक्त ऑस्ट्रेलिया 131 पर एक विकेट खोकर मजबूत स्थिति में नजर था. लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कानपुर के इस चाइनामैन की फिरकी पर नाचते हुए नजर आए. कुलदीप ने पहली पारी में 4 विकेट लेते हुए भारत की मैच में वापसी कराई. कुलदीप यादव भारत की ओर खेलने वाले पहले चाइनामैन गेंदबाज बने.

रवींद्र जडेजा

रवींद्र जडेजा ने यह साबित कर दिया कि उन्हें ऐसे ही सर जडेजा नहीं कहा जाता है. जडेजा ने इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखाया. पहली पारी में जब जडेजा बल्लेबाजी करने आए तो भारत तकरीबन 100 रनों से पीछे था. इसके बाद जडेजा ने बेहतरीन 63 रनों की पारी खेलकर भारत को बढ़त दिलाने में अहम योगदान दिया. बल्ले के बाद बारी थी गेंदबाजी में कमाल करने की. जिसमें जडेजा ने 3 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजो को पवेलियन का रास्ता दिखाया. रवींद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया.

के एल राहुल

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज के एल राहुल इस सीरीज मे गजब की लय में नजर आए. जहां सीरीज में राहुल नें 6 अर्धशतक जमाए तो वहीं इस मैच की दोनों पारियों में पचासा जड़ा. हालांकि राहुल एक बार भी अर्धशतक को शतक में तब्दील नहीं कर पाए लेकिन उन्होने हर बार भारत को एक मजबूत शुरुआत दी.

उमेश यादव

भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव के लिए यह सीरीज बहुत अच्छी रही. इस मैच में तो उमेश ने तूफानी गेंदबाजी की और किसी भी बल्लेबाज को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया. यादव ने लगातार ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों से कठिन सवाल पूछे. धर्मशाला की पिच उमेश यादव को खूब रास आई. इनको इस मैच में पांच महत्वपूर्ण सफलताएं मिली. दूसरी पारी में उमेश का स्पैल काफी लंबे अरसे तक याद रहेगा.

अजिंक्य रहाणे

सीरीज के अंतिम टेस्ट मैच कप्तानी संभाल रहे अजिंक्य रहाणे ने सबको प्रभावित किया. कप्तानी करते हुए रहाणे ने जिस तरह से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया उसकी खूब सराहना की गई. वहीं बल्लेबाजी में भी रहाणे ने कप्तानी पारी खेली. पहली पारी में इन्होंने जहां 46 रन बनाए वही दूसरी पारी में महज 43 गेंदों में 38 रनों की उम्दा पारी खेली.

 

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