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बीसीसीआई को कोच्चि टस्कर्स केरल को देना होगा भारी मुआवजा

2011 में अनुबंध रद कर दिया था बीसीसीआई ने, भुना ली थी बैंक गारंटी

Updated On: Nov 08, 2017 04:20 PM IST

Bhasha

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बीसीसीआई को कोच्चि टस्कर्स केरल को देना होगा भारी मुआवजा

बीसीसीआई को आईपीएल की पूर्व टीम कोच्चि टस्कर्स केरल को 800 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा देना होगा जिसका अनुबंध 2011 में रद कर दिया गया था. आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने मंगलवार को बैठक के बाद कहा, ‘‘ कोच्चि टस्कर्स ने 850 रुपए मुआवजा मांगा है. हमने आईपीएल की संचालन परिषद की बैठक में इस पर चर्चा की. अब मसला आमसभा की बैठक में रखा जाएगा. वे फैसला लेंगे, लेकिन मामले पर बातचीत की जरूरत है,’’ कोच्चि टस्कर्स के मालिकों ने 2015 में बीसीसीआई के खिलाफ पंचाट में मामला जीता था, जिसमें अनुबंध के उल्लंघन को लेकर बैंक गारंटी भुनाने के बीसीसीआई के फैसले को चुनौती दी गई थी. आरसी लाहोटी की अध्यक्षता वाले पैनल ने बीसीसीआई को मुआवजे के तौर पर 550 करोड़ रुपए चुकाने के निर्देश दिए थे और ऐसा नहीं करने पर सालाना 18 प्रतिशत दंड लगाया जाना था. पिछले दो साल से बीसीसीआई ने ना तो मुआवजा चुकाया और ना ही टीम को आईपीएल में वापस लिया.

आईपीएल संचालन परिषद के एक सदस्य ने कहा, ‘‘हमें कोच्चि को मुआवजा देना होगा. सभी कानूनी विकल्पों पर चर्चा हो चुकी है. आम तौर पर पंचाट का फैसला खिलाफ आने पर इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देना बेवकूफी होती है. हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि रकम कितनी होगी.’’ कोच्चि का करार रद करने का फैसला बीसीसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष शशांक मनोहर ने लिया था. अधिकारी ने कहा,,‘‘ एक आदमी की जिद का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है. शशांक ने वह फैसला नहीं लिया होता तो हम कोई रास्ता निकाल लेते.’’ क्या है मामला? 2011 में यानी आईपीएल-4 में कोच्चि फ्रेंचाइजी 156 करोड़ रुपए के सालाना भुगतान की बैंक गारंटी नहीं दे सकी थी. इस वजह से बीसीसीआई ने इस फ्रेंचाइजी को निलंबित कर दिया था. फ्रेंचाइजी ने इस मामले में 2011 में ही बंबई हाई कोर्ट में आर्बिट्रेशन दायर किया था.

कोच्चि टस्कर्स केरल आईपीएल के चौथे सीजन में शामिल होने वाली 10वीं टीम थी. टीम के मालिकों को फ्रेंचाइजी खरीदने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था, क्योंकि अंतिम फ्रेंचाइजी के लिए अहमदाबाद, ग्वालियर, नागपुर और राजकोट के व्यापारियों व कंपनियों के बीच कड़ी टक्कर थी. रॉन्देवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड ने 1550 करोड़ रुपए चुकाकर फ्रेंचाइजी का अधिकार हासिल किया था.

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