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महिला क्रिकेट टीम के मैनेजर को लेकर बीसीसीआई में घमासान

बोर्ड के कार्यवाहस सचिव अमिताभ चौधरी ने महिला क्रिकेट टीम के मैनेजर के विज्ञापन को लेकर सीईओ राहल जौहरी पर साधा निशाना

Bhasha Updated On: Dec 04, 2017 05:28 PM IST

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महिला क्रिकेट टीम के मैनेजर को लेकर बीसीसीआई में घमासान

बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिये ‘टीम मैनेजर’ के पद के लिये विज्ञापन में उनकी सहमति के बिना उनका नाम छापने की अनुमति दे दी.

बीसीसीआई में आम राय यह है कि किसी भी क्रिकेटीय नियुक्ति की अधिसूचना पर सर्कुलर पर मानद महासचिव की मंजूरी होनी चाहिए.

पता चला कि जौहरी ने 28 नवंबर को सदस्यों को यह जानकारी देने के लिये एक ईमेल भेजा कि 24 और 25 अक्तूबर को बैठक के दौरान प्रशासकों की समिति द्वारा लिये गये फैसले के अनुसार भारतीय महिला टीम के टीम मैनेजर पद के लिये आवेदन मंगाने का विज्ञापन आज बीसीसीआई की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा.

NEW DELHI, INDIA - SEPTEMBER 18: Rahul Johri, first ever Chief Executive Officer (CEO) of BCCI, during a press conference, on September 18, 2016 in New Delhi, India. BCCI President Anurag Thakur announced new tender for the Indian Premier League’s broadcast and digital rights that end with the 10th edition of the league in 2017. (Photo by Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images)

जब चौधरी को पता चला कि यह विज्ञापन जारी कर दिया गया है, उन्होंने जौहरी को तुरंत एक पत्र भेजा जिसकी एक प्रति पीटीआई के पास है.

चौधरी ने लिखा, ‘मैं इससे हैरान हूं. मैं 27 नवंबर से एक दिन पहले अपने कार्यालय (क्रिकेट सेंटर) में था और किसी ने भी इस विज्ञापन का जिक्र नहीं किया था और मेरे नाम से विज्ञापन अपलोड कर दिया गया, जबकि मैंने इसे एक बार देखा भी नहीं था. हैरानी की बात है कि इतनी जल्दबाजी की क्या जरूरत थी. ’

चौधरी का सवाल जायज भी है क्योंकि भारतीय सीनियर महिला टीम का अगला दौरा फरवरी में ही है. जब जौहरी से इस मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया लेकिन दिलचस्प बात है कि यह विज्ञापन अब वेबसाइट से हटा लिया गया है. अब केवल जीएम (क्रिकेट परिचालन) का पद ही अपलोड किया गया है.

हालांकि बीसीसीआई के अंदरूनी लोग इस बात से बिलकुल भी हैरान नहीं हैं कि एक बार फिर दो अधिकारियों के बीच के मतभेद खुले में सामने आने लगे हैं.

बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘इस पर अब भी कोई स्पष्टता नहीं है कि कौन बोर्ड का कार्यकारी पदाधिकारी है. अगर बीसीसीआई के इतने वर्षों के हिसाब से चला जाए तो कार्यकारी सचिव ही संस्था का पदाधिकारी होता है. लेकिन सीओए की व्यवस्था में यह सीईओ का हो गया. सीईओ एक वेतनभोगी कर्मचारी है तो उसे सचिव को रिपोर्ट करना होता है. ’ उन्होंने कहा, ‘सदस्यों ने एक और मुद्दा उठाया है कि सचिव और सीईओ की भूमिकाओं का एक स्पष्ट निर्धारण हो. ’ सीओए ने सीईओ के साथ आज मुंबई में क्रिकेट सेंटर में मुलाकात की.

 

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