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किसी के अच्छे दिन आएं या ना आएं, टेस्ट क्रिकेट के तो आ गए!

बांग्लादेश और वेस्टइंडीज की जीत से लौटेगा टेस्ट क्रिकेट का रोमांच?

Lakshya Sharma Updated On: Aug 31, 2017 11:43 AM IST

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किसी के अच्छे दिन आएं या ना आएं, टेस्ट क्रिकेट के तो आ गए!

कुछ समय पहले की ही बात है जब कई क्रिकेट दिग्गज छोटी टीमों के टेस्ट क्रिकेट खेलने के खिलाफ थे. इस दौरान आईसीसी को सलाह और ज्ञान दिया गया कि कमजोर टीमों से टेस्ट क्रिकेट का दर्जा छीन लिया जाए क्योंकि इससे टेस्ट क्रिकेट का रोमांच कम हो रहा है.

उनका तर्क था कि कमजोर टीम बड़ी टीमों के सामने आसानी से घुटने टेक देती है जिससे टेस्ट क्रिकेट बोर हो जाता है. आप खुद सोचिए इसी साल की शुरुआत में जब बांग्लादेश की टीम पहली बार भारत दौर पर आई तो कई क्रिकेट जानकारों का कहना था कि इस दौरे की जरुरत ही क्या है? बीसीसीआई ने खुद इस टेस्ट सीरीज को ज्यादा तरजीह नहीं दी और केवल 1 टेस्ट मैच का आयोजन किया.

शायद 29 और 30 अगस्त क्रिकेट इतिहास के सबसे अच्छे दिनों में गिना जाएगा. क्योंकि इस दिन दो कमजोर टीमों ने अपनी से कही मजबूत टीमों को मात दी. उन्होंने ऐसी टीम को हराया जिस टीम के पूर्व दिग्गज इन दौरों को समय की बर्बादी मान रहे हैं.

एक तरफ जहां मंगलवार को लीड्स में इंग्लैंड को आईसीसी रैंकिंग में 8वें नंबर की टीम वेस्टइंडीज ने धूल चटाई. वहीं दूसरी ओर बुधवार को टेस्ट क्रिकेट में मजबूत मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम को बांग्लादेश ने शिकस्त देकर इतिहास रच दिया है. ये एक संयोग ही हो सकता है जब दो दिन में टेस्ट क्रिकेट की सुपरपावर मानी जाने वाली टीमों को आईसीसी रैंकिंग में 8वें और 9वें नंबर की टीमों से शिकस्त मिली है.

29 अगस्त को वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को उसी की घर में जिस तरह शिकस्त दी  तो लगा कि ये टीम भी अपनी विरोधियों को टक्कर दे सकती है. वेस्टइंडीज की ये जीत इसलिए भी यादगार हो जाती है क्योंकि उस टीम के खिलाड़ियों के लिए कहा जाता था कि वह सिर्फ टी20 खिलाड़ी हैं. एक बात पर और गौर करना चाहिए कि वेस्टइंडीज की टीम में सभी खिलाड़ी युवा हैं.

इंग्लैंड के लीड्स मैदान पर मंगलवार को इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच को वेस्टइंडीज ने 5 विकेट से जीत लिया. वेस्टइंडीज ने 17 साल बाद इंग्लैंड को उसकी धरती पर कोई टेस्ट मैच हराया. इसी के साथ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर हैं.

वेस्टइंडीज को मैच की चौथी पारी में जीत के लिए 322 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया. आपको बता दें कि इससे पहले आखिरी बार 2000 के बर्मिंघम टेस्ट में जिमी एडम्स की कप्तानी में वेस्टइंडीज की टीम ने इंग्लैंड को उसी की धरती पर मात दी थी.

वेस्टइंडीज की इंग्लैंड पर हैंडिग्ले टेस्ट में हासिल की गई इस जीत को इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन ने टेस्ट क्रिकेट में हाल के इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर करार दिया है. पूर्व ओपनर एथर्टन ने कहा कि इंग्लैंड के क्रिकेट प्रेमियों को एक और आसान जीत की उम्मीद थी. ‘यह वर्तमान समय के शानदार टेस्ट मैचों में से एक था. ऐसा मैच जिसने पूरी तरह से चौंकाने वाला परिणाम दिया. किसी ने भी मैच से पहले और आखिरी दिन से पूर्व वेस्टइंडीज की जीत के बारे में नहीं सोचा था.’

वहीं बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ढाका में खेले गए दो मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट जीतकर 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है. बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रनों से हराया. बांग्लादेश की इस जीत के हीरो रहे शाकिब अल हसन, जिन्होंने मैच में 10 विकेट झटके और 89 रन भी बनाए. ये पहला मौका है जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट में हराया है.

इससे पहले बांग्लादेश ने टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ जिंबाब्वे, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड को ही शिकस्त दी थी. टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश से हारने वाला ऑस्ट्रेलिया चौथा देश बन गया. दरअसल,  2000 में बांग्लादेश को टेस्ट का दर्जा मिला था,  इसके बाद से इन 17 सालों में पहली बार बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में जीत हासिल की है.

याद कीजिए 2 या 3 साल पहले की ही बात है कि हर जगह शोर मचने लगा था कि बांग्लादेश से टेस्ट का दर्जा छीन लिया जाए. वह टेस्ट खेलने लायक टीम नहीं है. लेकिन अब ये टीम क्या कर सकती है ये पूरी दुनिया देख रही है. अब कुछ लोगों का कहना हो सकता है कि बांग्लादेश सिर्फ अपने घर में जीत हासिल करती है. बाहर वह अभी भी कमजोर है.

ये बात मानी जा सकती है लेकिन केवल 50 प्रतिशत. क्योंकि अब रिकॉर्ड उठा कर देख लीजिए कौनसी टीम अपने घर के बाहर मैच लगातार जीतती है. इंग्लैंड तो सिर्फ इंग्लैंड में शेर है. ऑस्ट्रेलिया घर से निकलते ही हारने लग जाती है. भारत को तो वैसे ही घर का शेर कहा जाता है इसलिए ये सच है कि हर टीम अपने घरेलू परिस्थिति का फायदा उठाती है और यही काम बांग्लादेश कर रही है.

ये जीत शायद क्रिकेट की और उससे ज्यादा टेस्ट क्रिकेट की जीत है. क्योंकि ये उन लोगों को जवाब है जिनका कहना था कि कमजोर टीमों को टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए लेकिन अब इन टीमों ने साबित किया है कि अगर उन्हें भी बराबरी का मौके मिले तो वह बड़ी से बड़ी टीमों को टक्कर दे सकती हैं.

वेस्टइंडीज और बांग्लादेश दोनों टीमों की जीत शायद क्रिकेट की जीत है. इस मामले में आईसीसी की तारीफ भी होनी चाहिए क्योंकि लगातार विरोध के बाद भी उन्होंने इन टीमों को लगातार मौके दिए. अब इसी का फायदा है कि ये टीमें अपनी से बहुत मजबूत टीमों को पटखनी दे रही है. हाल ही में आईसीसी ने अफगानिस्तान और आयरलैंड को टेस्ट का दर्जा दिया है उम्मीद कि उन्हें भी अपनी काबिलियत दिखाने के पूरे मौके मिले.

 

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