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दो साल में तो 'शिखर' तक पहुंच जाएगी रोहित और धवन की जोड़ी

रोहित और शिखर की जोड़ी ने 3881 रन जोड़े हैं. इस जोड़ी की बेहतर आपसी समझ इसे नित नई सफलताएं दिला रही है.

Updated On: Sep 29, 2018 04:00 PM IST

Manoj Chaturvedi

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दो साल में तो 'शिखर' तक पहुंच जाएगी रोहित और धवन की जोड़ी

रोहित शर्मा और शिखर धवन की ओपनिंग जोड़ी वनडे क्रिकेट की मौजूदा समय की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी है. मौजूदा जोड़ियों में सबसे ज्यादा 13 शतकीय साझेदारियां इस भारतीय जोड़ी के ही नाम हैं. हां, रन बनाने के मामले में जरूर हाशिम अमला और क्विंटन डिकॉक की जोड़ी रोहित और शिखर से 38 रन आगे है. रोहित और शिखर की जोड़ी जिस रफ्तार से रन जुटा रही है, उससे लगता है कि वह जल्द ही साउथ अफ्रीकी जोड़ी को पीछे छोड़ सकती है. अमला और डिकॉक जोड़ी ने अब तक 83 पारियों में  48.38 के औसत से 3919 रन बनाए हैं. वहीं रोहित और शिखर की जोड़ी ने 3881 रन जोड़े हैं. इस जोड़ी की बेहतर आपसी समझ इसे नित नई सफलताएं दिला रही है.

एशिया कप की सफलतम ओपनिंग जोड़ी

एशिया कप के फाइनल में भारत को चैंपियन बनाने के दौरान भले ही यह जोड़ी चमक नहीं बिखेर सकी और 35 रन ही जोड़ पाई, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने 48 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को चैंपियन बनाने में योगदान दिया. भारत को इस एशिया कप में अजेय रहकर चैंपियन बनाने में इस जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई. इस जोड़ी ने इस चैंपियनशिप में ओपनिंग साझेदारी में सर्वाधिक 437 रन जोड़े. यह नहीं शिखर धवन दो शतकों के सहयोग से सबसे ज्यादा 342 रन बनाकर मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने. वहीं भारतीय कप्तान रोहित शर्मा एक शतक और दो अर्धशतकों से 317 रन बनाकर दूसरे स्थान पर रहे. इन दोनों भारतीय ओपनरों के अलावा बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम) ही 300 से ज्यादा रन बनाने वाले रहे.

Dubai: Bangladesh's Mustafizur Rahman, left, watches as India's captain Rohit Sharma, right, and Shikhar Dhawan run between the wickets during the final one day international cricket match of Asia Cup between India and Bangladesh, in Dubai, United Arab Emirates, Friday, Sept. 28, 2018. AP/PTI Photo(AP9_28_2018_000183B)

इस जोड़ी का जवाब नहीं

रोहित शर्मा और शिखर धवन 2013 से जोड़ी बनाकर खेल रहे हैं. पांच सालों से साथ खेलने की वजह से दोनों के बीच अच्छी आपसी समझ बन चुकी है. यह जोड़ी एक-दूसरे की मुश्किलों को ध्यान में रखकर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है. रोहित शर्मा के बारे में माना जाता है कि वह विकेट पर टिकने में थोड़ा समय लेते हैं और पूरी तरह जमने के बाद ही अपने शॉट खेलना शुरू करते हैं. वहीं शिखर धवन शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेलने वाले बल्लेबाज हैं. वह आमतौर पर 100 के स्ट्राइक  रेट से खेलते हैं. इसका फायदा रोहित को यह मिलता है कि उनके जमने में समय लेने की वजह से स्कोर के आगे बढ़ने में दिक्कत नहीं होती है. हां, इतना जरूर है कि जब रोहित रंगत में खेलने लगते हैं तो उन्हें धवन के करीब पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होती है. रोहित शर्मा की खूबी है कि उन्हें छोटी गेंद मिलते ही वह इसे सीमा रेखा के पार पहुंचाने में जरा भी गुरेज नहीं करते हैं. यही नहीं इस जोड़ी की आपसी समझ बेहतर होने का फायदा यह भी होता है कि विकेट के बीच अच्छी दौड़ से वह गेंदबाजों पर दवाब बनाते हैं. यह जोड़ी दाएं और बाएं हाथ से खेलने वालों की हैं और बेहतर आपसी समझ की वजह से एक-एक रन लेने में महारत होने की वजह से गेंदबाजों के लिए लाइन ऑफ एक्शन  को लेकर किसी भी योजना को अंजाम देने में दिक्कत होती है.

जोड़ी में शिखर पर पहुंचने का माद्दा

वनडे क्रिकेट में दुनिया की सफलतम जोड़ी सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की है. इस जोड़ी ने 1996 से 2007 के बीच 136 पारियों में साथ खेलकर सबसे ज्यादा 6609 रन बनाए हैं. इस जोड़ी के ही नाम सबसे ज्यादा 21 शतकीय साझेदारी निभाने का रिकॉर्ड दर्ज है. इसके अलावा 16 शतकीय साझेदारियों से 5372 रन बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी एडम गिलक्रिस्टऔर मैथ्यू हेडन, 15 शतकीय साझेदारियों से 5150 रन बनाने वाली ग्रीनिज और हेंस की जोड़ी तक पहुंचने में बहुत संभव है कि रोहित शर्मा और शिखर धवन को थोड़ा समय लग जाए. पर वह 39 रन और जोड़ते ही सहवाग और सचिन तेंदुलकर, हाशिम अमला और क्विंटन डि कॉक की जोड़ी को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर काबिज हो सकते हैं.  रोहित और शिखर पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में 7 पारियों में 636 रन बनाकर इस चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा रन बनाने  वाली जोड़ी बनी थी.  इस जोड़ी ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया है, इससे लगता है कि यह जोड़ी दो साल टिककर खेल गई तो दुनिया की सबसे सफल जोड़ी भी बन सकती है.

Cricket - India v England - Second T20 International - Vidarbha Cricket Association Stadium, Nagpur, India - 29/01/17. India's Lokesh Rahul celebrates his half century. REUTERS/Danish Siddiqui - RTSXWOL

 विश्व कप तक बदलाव से बचने की जरूरत

लगता है कि टीम इंडिया प्रबंधन को बदलाव का बहुत चस्का है. इसलिए उनके बदलावों से ओपनिंग जोड़ी भी नहीं बच सकी है. पर अब अगले साल होने वाले आईसीसी विश्व कप को ध्यान में रखकर तैयारियां करने की जरुरत है. शिखर धवन और रोहित शर्मा के साथ लोकेश राहुल की अदला बदली का खेल खेलने की जरूरत नहीं है. ऐसा करने से कई बार खिलाड़ियों का विश्वास टूट जाता है, जिसे जोड़ना फिर खासा मुश्किल होता है. एशिया कप के बाद अब भारत को वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया से सीरीज खेलनी है. इन दोनों सीरीजों में खेलने से रोहित और शिखर को अगले साल इंग्लैंड में होने वाले आईसीसी विश्व कप की तैयारी का मौका मिलेगा. हां, इतना जरूर है कि लोकेश राहुल को तीसरे ओपनर के नाम पर बैठाए रखकर उनकी प्रतिभा को कुंद करने की जरूरत भी नहीं है. वह नई और पुरानी गेंद दोनों को खेलने में महारत रखते हैं, इसलिए उन्हें मध्यक्रम में खिलाया जा सकता है.  कभी जरूरत पड़ने पर ओपनिंग पर लाया जा सकता है.

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