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Asia Cup 2018: उस्मान की ख्वाहिश और रोहित की परीक्षा के बीच नफरतों का बढ़ता रन रेट

भारत और पाकिस्तान के बीच का हर मुकाबला आखिर क्यों बन जाता है महा मुकाबला!

Updated On: Sep 18, 2018 07:46 PM IST

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu

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Asia Cup 2018: उस्मान की ख्वाहिश और रोहित की परीक्षा के बीच नफरतों का बढ़ता रन रेट

अभी पिछले अक्टूबर की बात है. पाकिस्तान के खैबर एजेंसी इलाके से आए लेफ्ट आर्म मीडियम पेसर उस्मान खान ने श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था. अभी तक खेले सात वनडे में उस्मान के नाम  4.22 प्रति ओवर की औसत से 18 विकेट हैं.

बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप का मुकाबला होना है. भारतीय बल्लेबाजी के सामने गेंदबाजी उस्मान के करियर की पहली बड़ी चुनौती रहेगी. यकीनन यह बॉलर किसी को भी मजबूत बल्लेबाज को परेशान करने की क्षमता रखता है. लेकिन यह मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच है जिसमें दोनों ओर से कई क्रिकेटरों के करियर पर बुरा असर पड़ा है.

usman khan

खुद उस्मान ने कहा भी कि इन दोनों देशों के बीच होने वाले मुकाबलों में यादगार खेल दिखाने वाले क्रिकेटरों को इज्जत और शौहरत मिलती है. असल में ये मुकाबले किसी भी क्रिकेटर के लिए रातों-रात हीरो बनने का जरिया हैं. इसलिए वह इस मैच में पांच हिंदुस्तानी विकेट हासिल करने की इच्छा रखते हैं. जाहिर है कि इस शॉर्टकट में दबाव के न जाने कितने की स्पीड ब्रेकर हैं. मामला सिर्फ उस्मान का ही नहीं हैं.

टीम इंडिया का कप्तान रोहित शर्मा को बनाया गया है. वह विराट कोहली जैसे अपने टॉप जनरल के बिना चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी के सामने दबाव में कैसे खुद को उनका सही प्रतिनिधि साबित करते हैं, यह बुधवार की देर रात ही पता लग पाएगा.

टीम इंडिया की वनडे में निरंतरता हाल के महीनों में ज्यादा परेशान करने वाली नहीं हैं. लेकिन पाकिस्तानी टीम ऐसी है, जो न जाने किस दिन अपनी जिंदगी का सबसे बेहतरीन मैच खेल जाए.

क्या क्रिकेट मोहब्बत की बजाय नफरत को हवा दे रहा है!

हाल के सालों में सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या वाकई भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट दोनों देशों के बीच अमन कायम करने में मददगार साबित हो रहा है !

एक पक्ष इस बात पर भी जोर दे रहा है कि दोनों देशों के बीच आपसी क्रिकेटीय संबंधों की बहाली इस दिशा में मददगार साबित हो सकती है. वैसे हाल के सालों के रिकॉर्ड देखें तो भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट ने आग में घी डालने का काम किया है.

Supporters of Shiv Sena, a Hindu hardline group, burn a flag resembling Pakistan's national flag during a protest against the attack on an Indian army camp in Jammu

 

कई मौके ऐसे भी आए जब मैच का नतीजा के बाद बॉर्डर पर रहने वाले लोगों का गोलीबारी और मोर्टार अटैक के कारण अपने घर खाली करने पड़े. असल  में भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट में हार को सहजता से स्वीकार न कर पाने का पागलपन टीवी पर मैच देखने के बाद ड्राइंगरूम से निकल कर सीमाओं तक पहुंच रहा है.

साफ है कि हाल के सालों में क्रिकेट ने दोनों देशों के बीच संबंध खराब करने में अहम भूमिका निभाई है. लंबे अर्से से भारत और पाकिस्तान आपसी सीरीज नहीं खेल रहे हैं. हालांकि विश्व कप और एशिया कप जैसे टूर्नामेंटों में वह एक दूसरे की अनदेखी करने की स्थिति में नहीं हैं.

दुबई और आबू-धाबी में जो मौजूदा एशिया कप हो रहा है उसका मेजबान कोई ओर नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड है. तो फिर मैच भारत में न होकर वहां क्यों खेले जा रहे हैं! कारण साफ है कि पाकिस्तान की हिस्सेदारी तय करने के लिए मुकाबले बाहर खेलने का फैसला हुआ, क्योंकि पाकिस्तान के भारत में खेलने का लेकर मसला हो सकता था.

नफरत को बेचने की है तैयारी!

इस पूरी टेंशन का दूसरा पहलू भी है. दोनों देशों के बीच राजनैतिक तौर पर जबरदस्त दूरियां हैं और नफरतें भी. लेकिन यह नफरत बिक रही है. दुनिया की कोई भी प्रसारण कंपनी भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के कारण होने वाली कमाई गंवाने की स्थिति में नहीं हैं.

India's Virat Kohli(L) shakes hand with Pakistan's captain Shahid Afridi as he celebrates after victory in the World T20 cricket tournament match between India and Pakistan at The Eden Gardens Cricket Stadium in Kolkata on March 19, 2016. / AFP PHOTO / Dibyangshu SARKAR

एशिया कप को प्रसारित करने वाली कंपनी अगर भारतीय कप्तान विराट कोहली की गैरमौजूदगी पर सवाल कर रही है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसे कोई नुकसान होने जा रहा है.

असल में विराट की गैरमौजूदगी से सिर्फ उसके लाभ में कमी आने का अंदेशा है जो किसी भी सूरत में दोनों देशों के फाइनल में पहुंचने पर न केवल पूरा होगा बल्कि सारी हदें पार कर देगा.

इस सब में साफ दिखता है कि बुधवार को जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी तो मैदान के बाहर भी करोड़ों मुकाबले एक साथ चल रहे होंगे. और उसके हार-जीत दोनों देशों को फिर एक दूसरे से और दूर ले जाने के लिए काफी होगी.

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