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टैटू आर्टिस्ट्स की दुनिया: जहां शौक और जुनून से बनाई जाती है अलग पहचान

एक टैटू आर्टिस्ट बनने के लिए कड़ी मेहनत और लगन के साथ-साथ प्रतिभा होनी भी बेहद जरूरी है

Updated On: Apr 21, 2018 02:21 PM IST

Kanica Ganjoo

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टैटू आर्टिस्ट्स की दुनिया: जहां शौक और जुनून से बनाई जाती है अलग पहचान

अगर कोई टैटू बनाने के काम को एक आर्ट यानी कला के तौर पर पेश करने की कोशिश करता है तो अक्सर आम लोगों को ये कोशिश काफी दिखावटी नजर आती है. लेकिन जब आपके भीतर इस बात की समझ हो कि एक दक्ष और अनुभवी टैटू कलाकार बनने के लिए किन-किन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है तो आप भी इस बात को मान लेंगे कि इन्हें आर्टिस्ट या कलाकार कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. क्योंकि एक टैटू आर्टिस्ट बनने के लिए कड़ी मेहनत और लगन के साथ-साथ प्रतिभा होनी भी बेहद जरूरी है. मंजीत टैटूज़ के संस्थापक मंजीत सिंह ऐसे ही एक शख्स हैं.

उनका दिल से मानना है कि जहां हमारे शौक और हुनर का आपस में मिलान हो जाता है, वहां जादू होना निश्चित है. पूरी दुनिया में टैटू बनाने की आर्ट कमोबेश एक तरह की ही है, उनके बेसिक्स या यूं कहे कि मूल तत्व एक से ही होते हैं. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति टैटू आर्टिस्ट बनना चाहता है तो वो पेंटिंग, ड्रॉइंग, इलस्ट्रेशन और विजुअल आर्ट के अन्य प्रकारों का अध्ययन भी कर सकता है. इससे उन्हें काफी मदद मिलेगी.

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मंजीत सिंह

मौजूदा हालात

खुशकिस्मती से मौजूदा समय में एक टैटू आर्टिस्ट को प्रोफेशनल दुनिया में काफी सम्मान से देखा जाता है. ऐसी कई किताबें और पत्रिकाएं हैं जिनमें खासतौर पर टैटू आर्ट के बारे में जानकारी दी जाती है. फास्ट फूड के कॉन्सेप्ट की तरह ही आजकल टैटू ज्वाइंट्स का चलन निकल पड़ा है, जिसमें सबकुछ कम समय में पूरी रचनात्मकता और निपुणता के साथ पेश किया जाता है. आजकल के ग्राहक कुछ अलग और एक्ज़ॉटिक आर्ट की डिमांड करते हैं जो पारंपरिक तितली की तस्वीर से काफी अलग होता है.

ये कलाकार इस डिजाइन आर्ट फॉर्म को अपनी क्रिएटिविटी, अनुभव और कुशलता दिखाने का एक बेहतर जरिया मानते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि पहली बार बनाई गई किसी असाधारण डिजाइन की तस्वीरें और उससे जुड़ी जटिल जानकारी भी ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाती है. हालांकि, कई लोग जो इन आर्टिस्ट के पास टैटू बनवाने आते हैं, वो चाहते या डिमांड करते हैं कि उनकी टैटू में परमानेंट स्याही का इस्तेमाल किया जाए ताकि टैटू ज्यादा दिनों तक उनके शरीर पर रहे, लेकिन काफी कम लोग हैं जो स्याही की जगह पियर्सिंग यानि गोदना या बींधने की प्रक्रिया को अपनाना चाहते हैं. टैटू और बींधने में काफी फर्क होता है. गोदना जहां स्थायी होता है वहीं टैटू को जब चाहें तब हटा सकते हैं.

कैसे बनते हैं टैटू आर्टिस्ट

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मंजीत ने टैटू का काम तब शुरू किया जब उन्हें इस बात का आभास हुआ कि ये काम उन्हें आकर्षित करता है, साथ में ये भी कि उन्हें बचपन से आर्टवर्क करने का शौक है. चूंकि, उन्हें पेंटर का काम करने का अनुभव पहले से था इसलिए उन्होंने एक दिन तय किया कि वे अपने इस शौक को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे और ऐसा हुआ भी. वो दुनिया के कुछ बेहतरीन टैटू आर्टिस्ट में शुमार होने लगे. येल यूनिवर्सिटी ने उन्हें दुनिया के टॉप 100 कलाकारों की लिस्ट में भी शामिल किया था.

इस काम में दक्षता हासिल करने के लिए औपचारिक ट्रेनिंग ही एकमात्र तरीका नहीं है. अगर आप में हुनर है और आप लगातार लंबे समय तक अभ्यास करने का माद्दा रखते हैं तो ये किसी भी कॉलेज कोर्स से ज्यादा महत्वपूर्ण है. इसके अलावा बाजार में ऐसी हजारों आर्ट-बुक मौजूद हैं जो आपको ऐसे कई अन्य तरीके या तकनीक सिखा सकते हैं जिसका इस्तेमाल आप टैटू की कला में कर सकते हैं.

जैसा कि हमने पहले बताया कि, टैटू आर्ट में ऐसे कई बेसिक या मूल तत्व हैं जो अन्य प्रकार के विजुअल आर्ट से मिलते-जुलते हैं. कलर थ्योरी, पर्सपेक्टिव, डेप्थ, डिजाइन और कुछ अन्य चीजें मिलाकर एक बेहतरीन टैटू बनाया जा सकता है, जो किसी भी पेंटिंग या ड्राइंग में भी किया जाता है.

जो सबसे बड़ा फर्क है जिसका एक टैटू आर्टिस्ट सामना करता है वो एक अलग तरह का कैनवास है. एक असल कैनवास या कागज की जगह एक टैटू आर्टिस्ट जीते-जागते इंसानों के शरीर या यूं कहे कि उनकी त्वचा पर अपना आर्टवर्क करते हैं. ये एक तरफ जहां कई तरह की चुनौतियां खड़ा करता है वहीं दूसरी तरफ इसके कई फायदे भी होते हैं जिसका सामना विजुअल आर्ट के अन्य कलाकारों को कम ही करना पड़ता होगा.

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टैटू आर्टिस्ट्स का जिक्र हो और हम राघव मेहता का जिक्र न करें तो ये ज्यादती होगी. राघव टैटू इंडस्ट्री का इस समय सबसे उभरता हुआ सितारा हैं. उन्हें ये काम करते हुए पांच साल हो गए हैं. उन्होंने ये काम 25 साल की उम्र से शुरू किया था जब इंडस्ट्री के तौर-तरीके बिल्कुल ही अलग किस्म के थे. ग्राहकों के साथ अपने अनुभव के आधार पर राघव ने अपना एक अलग नजरिया विकसित किया.

ऐसा नजरिया जिसमें क्लाइंट की सोच और पसंद को ज्यादा तरजीह दी जाती है और इस तरह उन्होंने कस्टम टैटू वर्क करना शुरू कर दिया. इसके जरिए उन्होंने अपने टैटू वर्क में पर्सनल टच भी देने की शुरुआत की. राघव को टैटू बनाने के पुरातन तरीके मंडाला में महारत हासिल है. इतनी कम उम्र में उनके ग्राहकों की संख्या न सिर्फ असीमित है, बल्कि काफी खास लोग भी उनके पास आते हैं.

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राघव के बनाए टैटू

हालांकि, इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि एक टैटू आर्टिस्ट बनने के लिए एक विशिष्ट तरह के जुनून और प्रतिभा दोनों का होना जरूरी है. इनमें कुछ मूल तत्व है जिनकी जानकारी न होने पर इस प्रोफेशन में कामयाब होना मुश्किल है.

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