S M L

world book day: बारूद के बदले हाथों में आ जाए किताब तो अच्छा हो

दुनिया की तीन सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों में एक हैरी पॉटर है. हैरी पॉटर पर बैन की भी सबसे ज्यादा मांग की गई है

Updated On: Apr 22, 2018 10:47 PM IST

FP Staff

0
world book day: बारूद के बदले हाथों में आ जाए किताब तो अच्छा हो

World book Day यानि किताबों का दिन. किताबों के बारे में बात कही जाए तो दुनिया में किताबों की अच्छी खासी तादाद है. सही-सही कहा जाए तो 13 करोड़ से ज्यादा. मगर इनमें से सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब जानते हैं? बाइबल दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब है, इसके बाद दूसरे नंबर पर आती है माओ के विचार और इन दोनों के बाद आती है हैरी पॉटर. जेके रोलिंग की लिखी जादू के स्कूल हॉगवर्ट्स की ये कहानी दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ी गई. वैसे हैरी पॉटर ही वो किताब है जिसपर सबसे ज्यादा बार बैन लगाने की बात हुई है. क्योंकि लोगों को लगता है कि ये धर्म के खिलाफ है.

वैसे किताबें हमेशा से ऐसी नहीं थीं. लंबे समय तक बोलकर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक ज्ञान दिया जाता था. इसके बाद शिलालेख आए. भोजपत्र आया, कागज़ की किताबें आईं और ईबुक ऑडियो बुक का दौर आया. किताबों की इन बदलती शक्ल के बीच अलग-अलग बातें भी कहीं गई हैं.

book bible

मसलन कबीर कहते हैं कि पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोए, उन्हीं की बात को आगे बढ़ाते हुए निदा फाजली कहते हैं, धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो, ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो.

इन सबके बीच गुलज़ार हैं जिन्हें किताबें झांकती दिखती हैं. वो कहते हैं कि किताबों के बिना भी ज्ञान तो मिल जाएगा लेकिन किताबों गिरने के बहाने जो रिश्ते बनते हैं उनका क्या होगा?

वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा आइंदा भी मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल और महके हुए रुक्के किताबें मंगाने, गिरने उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे उनका क्या होगा वो शायद अब नही होंगे!!

इन्हीं के बीच राहत इंदौरी और बशीर बद्र जैसे शायर भी हैं. इन्हें कागज़ की किताब की जगह इंसान को पढ़ना अच्छा लगता है. राहत का शेर है, तेरे बदन की लिखावट में है उतार चढ़ाव. मैं तुझको कैसे पढ़ूं, मुझे किताब तो दे. वहीं बशीर बद्र ने अर्ज़ किया है, यूं ही बेसबब न फिरा करो, कोई शाम घर में भी रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है, उसे चुपके चुपके पढ़ा करो. बशीर ये भी कहते हैं, काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के, दीवाना बेपढ़े लिखे मशहूर हो गया. 

Fans of the Harry Potter book series pose for media at the start of the sales of J.K. Rowling's "Harry Potter and the Deathly Hallows" in Berlin July 21, 2007. REUTERS/Hannibal Hanschke (GERMANY) - RTR1S2Z0

वैसे किताबों की और बात कहें तो आपके जीवन की सबसे खास किताब कौन सी होगी. वो जिसने आपको आपका धर्म बताया. वो जिसने आपको धर्म से विज्ञान की तरफ मोड़ा. वो जिसने आपको कल्पनाओं की अद्भुत उड़ान दी, या बाल पोथी जैसी किताब जिस में A For Apple या राधा जा, घट पर जा, जल भर ला, जैसे शब्दों ने आपके सफर की शुरुआत की.

वैसे आने वाले समय में किताबें डिजिटल हो जाएंगी. उनमें ज्ञान तो होगा लेकिन किताबों की वो महक नहीं होगी. पुरानी किताबों की अलग, नई छपी किताबों की स्याही वाली महक अलग. जाते जाते दो बातें. आपके आसपास ऐसे लोग होंगे जिनके पास हर समय कोई किताब होती है, ऐसे लोगों को बुकबॉसम कहते हैं. किताबों की महक के लिए कोई खास शब्द नहीं है लेकिन इसे बिबिचॉर कहते हैं. ये पेट्रीचॉर से बना है, इसका मतलब होता है वो द्रव्य जो ईश्वर की नसों में बहता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi