S M L

वैलेंटाइन वीक 2018: एक दूजे के लिए ही बने थे सचिन-सारा

दो दबंग नेताओं का परिवार...लड़का हिंदू, लड़की मुस्लिम...घरवालों को मनाना और फिर शादी...ये प्रेम कहानी तो पूरी फिल्मी है

Pratima Sharma Pratima Sharma Updated On: Feb 13, 2018 05:26 PM IST

0
वैलेंटाइन वीक 2018: एक दूजे के लिए ही बने थे सचिन-सारा

कहते हैं कि प्यर करने वाले अपनी मंजिल खोज ही लेते हैं. दिलकश मुस्कान और शांत स्वभाव वाले सचिन पायलट और खूबसूरत सारा अब्दुल्ला की लव स्टोरी भी तो कुछ ऐसी ही है. दो दबंग नेताओं का परिवार...लड़का हिंदू, लड़की मुस्लिम...घरवालों को मनाना और फिर शादी...ये प्रेम कहानी तो पूरी फिल्मी है.

यह भी पढ़ें: वैलेंटाइन वीक 2018: क्यों खास है अखिलेश-डिंपल की लव स्टोरी

दोनों के प्यार की शुरुआत लंदन में हुई थी. वैसे तो दोनों के पिता यानी राजेश पायलट और फारूक अब्दुल्ला एक दूसरे के अच्छे दोस्त थे. लेकिन सारा और सचिन की मुलाकात कभी नहीं हुई थी. इन्हें सात समुंदर पार ही मिलना था. दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद व्हार्टन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए करने लंदन चले गए. 1990 के दशक में कश्मीर की स्थिति खराब होने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने अपनी बेटी सारा को उनकी मां के साथ लंदन भेज दिया. लंदन में जब सचिन एमबीए कर रहे थे, उसी दौरान वह सारा से मिले. यह उनकी पहली मुलाकात थी. मुलाकात दोस्ती और फिर दोस्ती प्यार में बदल गई.

किसने खोला दिल का राज

वैसे तो सारा के परिवार में सचिन को सब जानते थे लेकिन, एक दिन सारा ने अपनी मां को सचिन के बारे में बताया. सारा ने ही पहले अपनी मां के सामने अपना प्यार कबूला था. लेकिन यहां से उनकी मुश्किलें शुरू हो गईं. सचिन को पता था कि वह जब भी अपने परिवार को इस बारे में बताएंगे परिवार नाखुश ही होगा. लंबे समय तक उन्होंने यह बात अपने परिवार से छिपा कर रखी. लेकिन किसी ना किसी दिन उन्हें अपने घर में इस बात से पर्दा तो हटाना ही था. एक दिन उन्होंने बेमन से यह बात अपने घर में रखी. फिर क्या होना था. दोनों को पिता अच्छे दोस्त थे लेकिन, यह रिश्ता कबूल नहीं था. सचिन राजस्थान के गुर्जर परिवार से थे. वहीं सारा रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से थीं. दोनों परिवारों की तरफ से इस रिश्ते को ना था लेकिन, दिलवाले भला कहां मानते हैं.

प्यार और दूरियां

Farooq-Abdullah

 

कुछ महीने में भी सचिन पायलट ने अपना एमबीए का कोर्स पूरा कर लिया और उन्हें लौटकर भारत आना पड़ा. सारा लंदन में ही रहीं. अलग होने के बाद उन्हें यह अहसास हुआ है कि उनमें कितना प्यार है. करीब तीन साल तक सचिन और सारा ने लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप रखी. इस दौरान दोनों का सहारा सिर्फ ईमेल और फोन ही था. जैसे-जैसे वक्त बीतता गया दोनों का प्यार और गाढ़ा होता गया.

बैरी परिवार

सचिन पायलट ने जैसे तैसे अपने परिवार को राजी कर लिया लेकिन सारा की मुश्किलें अभी बाकी थीं. फारूक अब्दुल्ला का परिवार ही नहीं उनकी पार्टी के लोग भी इस रिश्ते के खिलाफ थे. इतना ही नहीं कश्मीर में इसका काफी विरोध भी हुआ था.

सचिन और सारा के पास सिर्फ दो रास्ते थे. पहला यह कि वह परिवारवालों के मानने का इंतजार करें. दूसरा यह कि वे अपनी दिल की सुनें और शादी कर लें. उन्होंने दूसरा रास्ता चुना. एक बेहद सादे समारोह में दोनों शादी कर ली. शादी होने तक सारा का परिवार उनसे नाराज था. उनकी शादी में फारूक अब्दुल्ला परिवार से कोई नहीं आया था. दोनों ने जनवरी 2004 में शादी कर ली. शादी बहुत ही साधारण समारोह में हुआ था. उन्हें उम्मीद थी कि सब ठीक हो जाएगा और हुआ भी यही.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Test Ride: Royal Enfield की दमदार Thunderbird 500X

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi