S M L

इतिहास में खास 3 अप्रैल: कंप्यूटर और मोबाइल का हुआ था आविष्कार

3 अप्रैल, 1973 को दुनिया में पहला मोबाइल कॉल किया गया था जबकि इसी दिन 1981 में पहले कंप्यूटर का आविष्कार हुआ था

Bhasha Updated On: Apr 03, 2018 08:30 AM IST

0
इतिहास में खास 3 अप्रैल: कंप्यूटर और मोबाइल का हुआ था आविष्कार

मोबाइल और कंप्यूटर के बिना आज की दुनिया की कल्पना ही नहीं की जा सकती. इन दो अविष्कारों ने जैसे दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) की सूरत ही बदलकर रख दी है. इन दोनों ही महान अविष्कारों का 3 अप्रैल के दिन से खास ताल्लुक रहा है.

वर्ष 1973 में आज ही के दिन मार्टिन कूपर ने हैंड हैल्ड मोबाइल फोन से बेल लैब्स के जोएल एस एंजेल को पहला फोन किया था. कूपर को आज के मोबाइल फोन का जनक कहा जाता है. उस समय कूपर मोटारोला कंपनी के लिए काम करते थे. अमेरिका में कार फोन का इस्तेमाल तो 1930 से हो रहा था, लेकिन हैंडहैल्ड फोन का इस्तेमाल 3 अप्रैल को पहली बार कूपर ने ही किया.

यह भी महज इत्तफाक ही है कि 1981 में 3 अप्रैल के ही दिन सैन फ्रांसिस्को के ब्रुक्स हाल में ओसब्रोर्न कंप्यूटर कोरपोरेशन के एडम ओसब्रोर्न द्वारा तैयार पहले पोर्टेबल कंप्यूटर का नमूना पेश किया गया. इसका वजन तकरीबन 24 पाउंड था.

3 अप्रैल भारत के लिए भी खास महत्व रखता है. भारतीय सेना के सबसे चर्चित और महानतम सैन्य अधिकारियों में शुमार एस एच एफ जे माणेकशॉ का जन्म 1914 में आज ही के दिन हुआ था. भारतीय सेना में वह पहले अधिकारी थे, जिन्हें फील्ड मार्शल की पदवी दी गई थी. चार दशक के अपने सैन्य करियर में उन्होंने 5 लड़ाइयां लड़ीं. दूसरे विश्व युद्ध में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं देने वाले माणेकशॉ ने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में भारत की जीत की ताबीर लिखी.

3 अप्रैल को घटी अन्य प्रमुख घटनाएं इस प्रकार से हैं...

वर्ष 1680: पश्चिम भारत में मराठा सम्राज्य की नींव रखने वाले छत्रपति शिवाजी की रायगढ़ में मृत्यु हुई थी

वर्ष 1903: समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी कमला देवी चट्टोपाध्याय का जन्म हुआ था

वर्ष 1929: हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार निर्मल वर्मा का जन्म हुआ था

वर्ष 1942: जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका पर आखिरी दौर की सैन्य कार्रवाई शुरू की थी

वर्ष 2010: अमेरिटी टेक कंपनी एप्पल का पहला आईपेड मार्केट में आया था

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
FIRST TAKE: जनभावना पर फांसी की सजा जायज?

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi