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सदाअत हसन मंटो: जिसने लिखा, 'मेरा कलम उठाना एक बहुत बड़ी घटना'

उनकी कहानियों पर अश्लीलता के कई आरोप लगे मगर समय के साथ मंटो की कहानियां और मौजूं होती रहीं

FP Staff Updated On: Jan 18, 2018 09:43 AM IST

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सदाअत हसन मंटो: जिसने लिखा, 'मेरा कलम उठाना एक बहुत बड़ी घटना'

सदाअत हसन मंटो 11 मई 1912 को पैदा हुए और 18 जनवरी 1955 को दुनिया से रुखसत कर गए. 42 साल और 8 महीने की जिंदगी में मंटो ने इश्क, त्रासदी, सांप्रदायिक झगड़ों पर खूब लिखा. बाइस लघु कथा संग्रह, एक उपन्यास, रेडियो नाटक के पांच संग्रह, रचनाओं के तीन संग्रह और व्यक्तिगत रेखाचित्र के दो संग्रह लिखने वाले मंटो पर अश्लीलता के कई आरोप लगे. उन्हें कुल 6 बार अदालत में जाना पड़ा. 3 बार ब्रिटिश भारत में 3 बार पाकिस्तान में. मगर मंटो की कहानियां पढ़ने वाले समाज को उधेड़ कर फेंक देती हैं.

उनकी कहानियों पर अश्लीलता के कई आरोप लगे. मगर समय के साथ मंटो की कहानियां और मौजूं होती रहीं. कह सकते हैं कि विभाजन की त्रासदी देख रहे मंटो ने बंटवारे के गम को कहानियों में उतार दिया. वैसे मंटो अपने बारे में कहते हैं,

……मेरे जीवन की सबसे बड़ी घटना मेरा जन्म था. मैं पंजाब के एक अज्ञात गांव ‘समराला’ में पैदा हुआ. अगर किसी को मेरी जन्मतिथि में दिलचस्पी हो सकती है तो वह मेरी मां थी, जो अब जीवित नहीं है. दूसरी घटना साल 1931 में हुई, जब मैंने पंजाब यूनिवर्सिटी से दसवीं की परीक्षा लगातार तीन साल फेल होने के बाद पास की. तीसरी घटना वह थी, जब मैंने साल 1939 में शादी की, लेकिन यह घटना दुर्घटना नहीं थी और अब तक नहीं है. और भी बहुत-सी घटनाएं हुईं, लेकिन उनसे मुझे नहीं दूसरों को कष्ट पहुंचा. जैसे मेरा कलम उठाना एक बहुत बड़ी घटना थी, जिससे ‘शिष्ट’ लेखकों को भी दुख हुआ और ‘शिष्ट’ पाठकों को भी.’

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