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रवि: देश को 'नागिन डांस' देने वाले को सब भूल क्यों जाते हैं

रवि के बारे में कहते हैं कि उनके गानों के बिना हिंदुस्तान की कोई शादी पूरी नहीं हो सकती है

Updated On: Mar 07, 2018 08:23 AM IST

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee

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रवि: देश को 'नागिन डांस' देने वाले को सब भूल क्यों जाते हैं

हिंदी सिनेमा के किसी संगीत प्रेमी से उसके पसंदीदा पुराने संगीतकारों के नाम पूछने पर पहली बार में शायद ही किसी को म्यूज़िक डायरेक्टर रवि का नाम सुनाई दे. लेकिन अगर बेहतरीन पुराने गानों की बात करेंगे तो रवि के गाने के बिना लिस्ट नहीं बनेगी. रवि जो कहते थे कि उनके गाने तो हिट हुए, मगर वो खुद हिट नहीं हुए.

रवि के बारे में कहते हैं कि उनके गानों के बिना हिंदुस्तान की कोई शादी पूरी नहीं हो सकती है. ऐसा सही भी है. उन्होंने आज मेरे यार की शादी है और बाबुल की दुआएं लेती जा जैसे गाने कंपोज़ किए. ऐसा शायद ही हुआ हो कि किसी शादी में इन दोनों गानों का जिक्र न आया हो. लेकिन रवि के शादी से लेकर ब्रेकअप तक हर मौके पर सहारा बनते हैं. चलिए एक नजर डालते हैं रवि के गानों पर उनके मूड के हिसाब से.

शादी वाले गाने

'आज मेरे यार की शादी है' और 'बाबुल की दुआएं लेती जा' के अलावा, 'मेरा यार बना है दूल्हा' और 'दुल्हन ससुराल चली' जैसे गाने हैं. इसके अलावा मन्ना डे का गाया 'ऐ मेरी ज़ोहराजबी भी' इस लिस्ट में शामिल होता है. बाकी के गाने बारात में बजते हों. डीजे और संगीत में ये वक्त फिल्म का ये फ्लर्ट करने वाला गाना जरूर बजता है.और हां, जिस नागिन डांस के बिना बारात में नाचना अधूरा माना जाता है उसे बनाने वाले भी रवि थे. इसको बजाने में क्लेवायलिन पर कल्याण जी ने साथ दिया.

ब्रेकअप और फ्रेंडजोन

अब मोहब्बत होती है दिल भी टूटता है. ऐसे में रवि के दो गाने अपने आप याद आ जाते हैं. एक तो 'दिल के अरमां आंसुओं में बह गए'. 'दूसरा चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाए हम दोनों'. हिंदुस्तान में कितने ही ऐसे होंगे जिन्होंने फ्रेंडजोन में जाने के बाद, वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन... दोहराकर खुद को समझाया होगा. वैसे इन सबके बीच 'अपनो पे सितम गैरों पे करम', 'किसी पत्थर की मूरत से' भी लिस्ट में हैं.

भजन

रवि ने कुछ बेहद खूबसूरत भजन दिए हैं. मसलन नीलकमल फिल्म का 'मेरे रोम-रोम में बसने वाले राम', 'दर्शन दो घनश्याम', और 'बड़ी देर भई नंदलाला'. वैसे रवि के खाते में 'गरीबों की सुनों' जैसा भजन भी है जो मांगने वालों की पहचान बन गया. इन सबके बीच 'तोरा मन दर्पण कहलाए' एक अलग ही सुकून देता है.

लोरियां

रवि ने 'चंदा मामा दूर के' और 'अम्मा रोटी दे' जैसी लोरियां भी दी हैं. इसके अलावा इस जॉनर में उनके खाते में टिमटिम करते तारे भी हैं.

रोमांस

रवि ने न सिर्फ रोमांस से भरपूर गाने बनाए बल्कि रोमांस में भी अलग-अलग मूड सेट किए. जैसे क्लासिक और नफासत भरा 'चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो'. जबकि खिलंदड़पन वाला 'बार-बार देखो, हजार बार देखो'. इसके अलावा 'शीशे से पी या पैमाने से पी'. 'C A T कैट, कैट माने बिल्ली' भी है.

रवि के गानों की लिस्ट बहुत लंबी है. 'आगे भी जाने न तू', 'जब चली ठंडी हवा'. 'नीले गगन के तले'. 'न मुंह छिपा के जिओ'. 'सौ बार जनम लेंगे' जैसे कई गाने बनाए. उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले, लेकिन पता नहीं क्यों उन्हें वो दर्जा नहीं मिला जो मिलना चाहिए.

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