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27 देशों के बैंकों को चूना लगाने वाला 19 साल का 'महान' धोखेबाज

फ्रैंक जूनियर एबेग्नेल ने अमेरिका के 50 राज्यों और दुनिया के 26 देशों के बैंकों के साथ फ्रॉड किया. इसकी बराबरी शायद ही कोई कर सके

Updated On: Feb 20, 2018 10:26 AM IST

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee

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27 देशों के बैंकों को चूना लगाने वाला 19 साल का 'महान' धोखेबाज
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नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पीएनबी के साथ किए गए फ्रॉड को लेकर तमाम खबरें चल रही हैं. मोदी की कंपनी ने बैंक अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ कर फर्जी एलओयू का भुगतान करवा लिया. मगर दुनिया में एक आदमी ऐसा भी हुआ है जिसने बैंकों को धोखा देने में रिकॉर्ड बनाया. इसकी बराबरी शायद ही कोई कर सके. फ्रैंक जूनियर एबेग्नेल ने अमेरिका के 50 राज्यों और दुनिया के 26 देशों के बैंकों के साथ फ्रॉड किया. मुफ्त में सारी दुनिया घूमी, तमाम नौकरियां कीं. बेहद खूबसूरत महिलाओं के साथ घूमा. और ये सब जब खत्म हुआ तो फ्रैंक की उम्र 19 साल की थी.

फ्रैंक जूनियर ऐबेग्नेल पर स्टीवन स्पीलबर्ग ने 'कैच मी इफ यू कैन' नाम से फिल्म बनाई. इसमें लियोनार्डो डि कैप्रियो लीड रोल में थे. मगर फ्रैंक की असली कहानी फिल्म से थोड़ी अलग है. फिल्म में ड्रामा थोड़ा ज्यादा है. जब खिलजी और बाजीराव नाच सकते हैं तो स्पीलबर्ग को भी थोड़ी सी क्रिएटिव फ्रीडम दी जा सकती है. फिल्म की बात बाद में कभी, बात दुनिया के सबसे चर्चित कॉन आर्टिस्ट की. जिसकी चोरी से इंप्रेस होकर बैंक और एफबीआई उससे चोरी रोकने की सलाह लेने लगे.

फ्रैंक जूनियर एबेग्नेल

फ्रैंक जूनियर एबेग्नेल

15 साल में शुरुआत

1964 में फ्रैंक ने 15 साल की उम्र में पहला फ्रॉड किया. फ्रैंक के पिता ने उसे एक ट्रक और क्रेडिट कार्ड दिया. उसने इससे 3400 डॉलर का फ्रॉड किया. इसके बाद फ्रैंक ने चेक के जरिए कई फ्रॉड किए. वो कभी बाउंस होने वाले चेक देता. कभी किसी कंपनी की तन्ख्वाह का नकली चेक बनाता. फ्रैंक ने मैगनेटिक कोड छापना सीखा. वो दूसरों की चेक रिसिप्ट पर अपने अकाउंट का मैगनेटिक कोड डाल देता. बैंक की मशीन स्कैनिंग में पैसा एबेग्नेल के अकाउंट में जाता था.

इस बीच एबेग्नेल ने पायलट बनने का सोचा. बढ़िया यूनिफॉर्म और एक फर्जी एम्प्लॉई कार्ड पर उसने दुनिया भर में 25लाख किलोमीटर से ज्यादा का सफर किया. फ्रैंक जिस देश में जाता उसमें पायलट्स के लिए रिजर्व महंगे होटल में ठहरता, खाना खाता, एयर होस्टेस उस पर लट्टू रहतीं.

पायलट, वकील, डॉक्टर

पायलट बनने से मन भरने पर वो टीचर बन गया. इसके बाद कुछ समय तक एक हॉस्पिटल में डॉक्टर रहा. फिर फ्रैंक ने हार्वर्ड की फर्जी डिग्री बनाई और वकील बन गया. हालांकि वकालत करने का लाइसेंस फ्रैंक ने ईमानदारी से इंटरव्यू देकर लिया. फ्रैंक के बारे में एक और बात है. फ्रैंक ने कभी भी किसी छोटे दुकानदार, स्टोर वाले को धोखा नहीं दिया. फ्रैंक का फ्रॉड हमेशा कॉर्पोरेट्स के साथ होता था.

एबेग्नेल को 1969 में पकड़ लिया गया. उसकी एक पूर्व एयर होस्टेस प्रेमिका ने उसे पहचान कर पकड़वा दिया. इसके बाद वो लगातार भागने की कोशिश करता रहा और पकड़ा जाता रहा. मगर आखिरकार उसे 12 साल की जेल हुई. इस समय में फ्रैंक की उम्र कुल 19 साल थी.

पायलट की ड्रेस में फ्रैंक, 15 साल की उम्र में तस्वीर

पायलट की ड्रेस में फ्रैंक, 15 साल की उम्र में तस्वीर

1974 में फ्रैंक को रिहा कर दिया गया. एफबीआई उससे बैंक चोरों को पकड़ने में मदद चाहती थी. इसके बदले में एफबीआई उसे कोई पैसा भी नहीं देती थी. इसके बाद फ्रैंक ने ईमानदारी से काम करने की कई कोशिशें कीं. उसका इतिहास जानकर लोग उसे नौकरी से निकाल देते थे. इसके बाद उसने बैंक को एक ऑफर दिया. वो बैंक के कर्मचारियों को चोरी पकड़ने का एक लेक्चर देगा. अगर इससे फायदा होगा तो बैंक उसे 500 डॉलर देगा और दूसरी ब्रांच में लेक्चर देने का मौका. अगर लेक्चर फायदेमंद न हुआ तो कोई पैसा नहीं.

फ्रैंक की किताबें दुनिया में बेस्ट सेलर हैं

फ्रैंक की किताबें दुनिया में बेस्ट सेलर हैं

फ्रैंक का ये काम चल निकला इसके बाद उसके ऊपर कैच मी इफ यू कैन नाम की किताब लिखी गई. वो कई शो में आया. खुद फ्रैंक ने भी इसके बाद अपने हुनर से जुड़ी किताबें लिखीं. स्पीलबर्ग की फिल्म के बाद फ्रैंक का नाम दुनिया भर में मशहूर हुआ, फ्रैंक जूनियर एबेग्नेल अभी भी एक कंपनी चलाते हैं. इसका काम लोगों को फ्रॉड से बचाना है. और आज उन्हें फ्रॉड रोकने वालों की दुनिया में बहुत सम्मानिता माना जाता है.

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