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रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा, 2 घंटे से ज्यादा न बैठें एक ही पोजीशन में, नहीं तो हो जाएगी ये गंभीर बीमारी

आराम करने के लिए बैठना अच्छी बात है लेकिन हर समय बैठे रहना सेहत लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, यदि काम के दौरान भी बैठना ही पड़े, तो बैठने के तरीके में थोड़ी थोड़ी देर में बदलाव करते रहिए नहीं तो आप बीमार हो सकते हैं

Updated On: Nov 15, 2018 05:30 PM IST

FP Staff

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रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा, 2 घंटे से ज्यादा न बैठें एक ही पोजीशन में, नहीं तो हो जाएगी ये गंभीर बीमारी

एक शोध में खुलासा हुआ है कि दो घंटे या उससे अधिक समय तक एक ही पोजीशन (मुद्रा) में बैठे रहने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है. सिर्फ इतना ही नहीं आपकी जान तक जा सकती है. आराम करने के लिए बैठना अच्छी बात है, लेकिन हर समय बैठे रहना सेहत लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. यदि काम के दौरान भी बैठना ही पड़े, तो बैठने के तरीके में थोड़ी थोड़ी देर में बदलाव करते रहिए नहीं तो आप बीमार हो सकते हैं.

लगातार 4 से 5 घंटे तक बैठे रहने से कमर दर्द की शिकायत हो सकती है

जीवनशैली में बदलाव के साथ-साथ हमारी कार्यशैली में भी बदलाव आया है. अब शारीरिक श्रम की जगह हम एसी दफ्तरों में बैठकर अपना ज्यादातर काम करते हैं. काम करने की यह शैली देखने में तो आरामदायक लगती है, लेकिन यह आराम आपको बीमार बना रहा है और आपको पता भी नहीं चल रहा. दफ्तर में कामकाज के दौरान गलत मुद्रा में लगातार 4 से 5 घंटे तक बैठे रहने से कमर दर्द की शिकायत हो सकती है. इसलिए बैठने की मुद्रा और शारीरिक गतिविधि पर पर्याप्त ध्यान देना जरूरी है. करीब 20 फीसदी युवाओं को 16 से 34 की उम्र में ही पीठ और रीढ़ की हड्डी की समस्याएं हो रही हैं.

लंबे समय तक बैठने से रीढ़ की हड्डी पर भारी दबाव पड़ सकता है

अमेरिका स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के एक शोध में पता चला है कि दो घंटे या उससे अधिक समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से असमय या कम उम्र में मौत का खतरा बढ़ रहा है. शोध के अनुसार लगातार कुर्सी पर बैठे रहने से अलग-अलग बीमारियों से मौत का खतरा 27 फीसदी और टेलीविजन देखने से होने वाली बीमारियों से मौत का खतरा 19 फीसदी तक होता है. एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठने से पीठ की मांसपेशियों व रीढ़ की हड्डी पर भारी दबाव पड़ सकता है. इसके अलावा, टेढ़े होकर बैठने से रीढ़ की हड्डी के जोड़ खराब हो सकते हैं और रीढ़ की हड्डी की डिस्क खिसकने से पीठ और गर्दन में दर्द का कारण बन सकती है. लंबे समय तक खड़े रहने से भी स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है.

लंबे समय तक बैठे रहने से हमारा ब्लडप्रेशर हाई होता है

शोध से जुड़े वैज्ञानिक कीथ डियाज ने बताया कि हम बैठने के तरीकों के बारे में सोचते हैं कि हमें प्रत्येक दिन कितना बैठना है लेकिन पिछले अध्ययनों में बैठने के तरीकों पर कई सुझाव दिए गए हैं. चाहे कोई व्यक्ति थोड़े-थोड़े समय के लिए बैठे अथवा लंबे समय तक बैठा रहे, उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. लंबे समय तक बैठे रहने से हमारी मांसपेशियां क्रियाशील नहीं रहती हैं, जिस कारण हमारे दिमाग को ताजा खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है. लंबे समय तक बैठे रहने से मांसपेशियों का वसा भी कम ही खर्च होता है, जिस कारण फैटी एसिड दिल की सामान्य गतिविधियों में रुकावट पैदा करता है. लंबे समय तक बैठे रहने से हमारा ब्लडप्रेशर हाई होता है और खराब कोलेस्ट्रोल के स्तर में वृद्धि तो होती है. साथ ही कई तरह के कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं.

पैर हवा में लटकते रहना बैठने की बहुत ही खतरनाक स्थिति है

इसके अलावा कुर्सी पर बैठते समय सीधे बैठें, साथ ही पैरों को जमीन पर रखें. कई बार कुर्सी पर बैठते समय लोग उसकी ऊंचाई बढ़ा देते हैं और पैर हवा में लटकते रहते हैं. यह बैठने की बहुत ही खतरनाक स्थिति है, क्योंकि हवा में पैर लटकने से कमर की हड्डी पर दबाव पड़ता है, जिससे घुटनों और पैरों में दर्द शुरू हो जाता है. इससे कमर और पैर के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी भी प्रभावित होती है. इसलिए कुर्सी पर बैठते समय पैरों को जमीन पर रखें. कभी भी आगे की तरफ झुककर न बैठें. अपना पूरा वजन कुर्सी के पिछले वाले हिस्से पर जोड़कर रखें. कुर्सी पर अपने सिस्टम को सीधे आंखों के सामने रखें, जिससे गर्दन को ज्यादा तकलीफ न हो. काम के वक्त पैरों को क्रॉस करके बैठना भी सही नहीं है, क्योंकि टांगों को क्रॉस करके बैठने से पेरोनोल नसें दब जाने का डर रहता है.

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