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  • किस्सागोई with Tom Alter: रेख्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो ग़ालिब...
  • किस्सागोई with Tom Alter: रेख्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो ग़ालिब...

    Published On: Dec 27, 2017 07:33 PM IST | Updated On: Dec 27, 2017 07:33 PM IST

    ग़ालिब की शायरी को जीने के लिए अगर थिएटर या रंगमंच से किसी का नाम लेना हो, तो उनमें सबसे आगे टॉम ऑल्टर का नाम होगा... टॉम साहब अब इस दुनिया में नहीं है... इंतकाल से चंद रोज पहले उन्होंने ग़ालिब की पुरानी दिल्ली से हिंदी फर्स्टपोस्ट के लिए शो किया था..

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