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राजनीति की अम्मा जैसी ही सुपरस्टार थीं हीरोइन जयललिता

जयललिता ने कई ऐसी फिल्मों और गानों में काम किया है जिनके हिंदी वर्जन आज भी क्लासिक माने जाते हैं

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee Updated On: Dec 05, 2017 11:45 AM IST

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राजनीति की अम्मा जैसी ही सुपरस्टार थीं हीरोइन जयललिता

जयललिता का नाम लेते ही दिमाग में सुनहरी किनारे की हरी साड़ी पहने एक राजनेता की तस्वीर दिमाग में आती है. ये बात लगभग सभी जानते हैं कि जयललिता तमिलनाडु की सियासत में आने और अम्मा की पदवी पाने से पहले तमिल फिल्म इंडस्ट्री का जाना माना नाम थीं. जयललिता ने कुल 300 फिल्मों में काम किया. इनमें से 140 में वो हीरोइन थीं और 125 फिल्में हिट रहीं. 140 फिल्मों में हीरोइन होने का करियर हिंदुस्तान में किसी अभिनेत्री के लिए बहुत बड़ा है. ऐसे समझिए कि सुपरस्टार श्रीदेवी ने हिंदी और दूसरी सभी भाषाओं में मिलाकर अबतक कुल 204 फिल्में की हैं.

जयललिता ने न सिर्फ अनगिनत फिल्में कीं बल्कि उनके खाते में हिट फिल्मों की संख्या भी सबसे ज्यादा है. 70 के दशक में एक समय जयललिता भारत की सबसे महंगी हीरोइन थीं. उन्होंने अपने करियर में 85 सिल्वर जुबली हिट दी हैं. जिसकी बराबरी कोई दूसरी हीरोइन नहीं कर पाई. इसके साथ ही उनके खाते में 2 फिल्मफेयर और 5 तमिलनाडु स्टेट अवॉर्ड भी हैं.

इस गाने को सुनकर आपको धर्मेंद्र आशा पारेख का 'कुछ कहता है ये सावन' और मीनाक्षी शेषाद्री के 'किस कारण नैया डोले' की याद आ सकती है.

चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर करियर शुरू करनेवाली जयललिता ने एक हिंदी और एक अंग्रेजी फिल्म में काम किया है. 1965 में उन्होंने दक्षिण के सुपरस्टार एमजी रामचंद्रन के साथ पहली बार काम किया. एमजीआर के साथ उनकी जोड़ी हिट हो गई. एमजीआर सिनेमा के साथ-साथ राजनीति के भी सुपरस्टार बने और जयलिता इसमें उनकी जोड़ीदार. 1970 आते-आते एमजीआर की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर जयललिता के संग अफेयर की छाया पड़ने लगी थी. एमजीआर की डिमांड होती थी कि उनकी हर फिल्म में जयललिता ही हीरोइन बनें. 1973 में 28 फिल्मों के बाद ये जोड़ी अलग हो गई. 'पट्टिकट्टु पोन्नया' इन दोनों की साथ में रिलीज़ हुई आखिरी फिल्म थी.

लता जी के सबसे हिट गानों में से एक 'लग जा गले' के तमिल वर्जन में हीरोइन जयललिता थीं. तमिल फिल्म 'यार नी' हिंदी फिल्म 'वो कौन थी' की गानों सहित हूबहू रीमेक थी.

1977 में एमजीआर मुख्यमंत्री बनें. 1980 में जयललिता ने फिल्मों को अलविदा कह दिया. 1982 में वो सक्रिय राजनीति में आ गई. 1983 में वो एआईएडीएमके की प्रोपोगैंडा सेक्रेटरी बनीं और 1984 में एमजीआर ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया. इसके बाद एक्ट्रेस जयललिता को पूरी तरह से भुलाकर राजनीतिज्ञ जयललिता आ गईं.

जयललिता को पार्टी में नापसंद करने वालों की कमी नहीं थी. इस बीच एमजीआर बीमार पड़े और उनकी अनुपस्थिति में जयललिता ने सारे विरोधों के बाद भी उनकी विरासत को अपने नाम कर लिया. 1987 में एमजीआर की मौत हुई और जयललिता को बिलकुल किनारे कर दिया गया था. मगर कांग्रेस गठबंधन के साथ 1991 में 234 सीटों की विधानसभा में 225 सीटें जीतकर वो मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद हम उस जयललिता को देखते हैं जिनकी छवि आज हमारे दिमाग में बनी हुई है. अगर आपको समझना हो कि वक्त के साथ किसी की इमेज कैसे बदली है तो जयललिता का ये गाना देखिए-

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