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International Bikini Day: क्या आप बिकिनी और एटम बम का कनेक्शन जानते हैं?

क्या आप बिकिनी और एटम बम का कनेक्शन जानते हैं? हां दोनों ही काफी छोटे और पॉवरफुल हैं. लेकिन इसके पीछे एक कहानी है

FP Staff Updated On: Jul 05, 2018 05:33 PM IST

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International Bikini Day: क्या आप बिकिनी और एटम बम का कनेक्शन जानते हैं?

क्या आप यकीन करेंगे कि दुनिया में बिकिनी डे भी मनाया जाता है. औरतों के 'अंत:वस्त्र' का दिन?? अब जो है वो है. बिकिनी महिलाओं की अंत:वस्त्र नहीं और बहुत कुछ है. बिकिनी आज भी काफी स्कैंडलस ड्रेस के रूप में देखी जाती है. यानी बिकिन फिल्मों और दर्शकों में वो पैमाना है जिससे रोल के लिए हीरोइनें तय होती हैं.

खैर, बिकिनी की हिस्ट्री भी काफी कलरफुल रही है. हम आपको आज इंटरनेशनल बिकिनी डे पर बिकिनी से जुड़ी दिलचस्प बातें बता रहे हैं.

1. क्या आप बिकिनी और एटम बम का कनेक्शन जानते हैं? हां दोनों ही काफी छोटे और पॉवरफुल हैं. लेकिन इसके पीछे एक कहानी है. 1946 में आज के जमाने के स्विमसूट के डिजाइन की शुरुआत हुई थी. फ्रेंच डिजाइनर जैक हीम ने सबसे पहले आजकल के डिजाइन का, कह लें प्रोटोटाइप बनाया था- यानी छोटी और कम कपड़ों वाली. तब उन्होंने इसका नाम एटम रखा क्योंकि उस वक्त दुनिया भर में न्यूक्लियर फिजिक्स के प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ रही थी.

उसके बाद एक दूसरे फ्रेंच डिजाइनर लुई रियर्ड ने उससे भी ज्यादा छोटा स्विमसूट बनाया. उसी वक्त अमेरिका ने प्रशांत महासागर के बिकिनी एटोल द्वीप पर हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था- बम यानी छोटा लेकिन पॉवरफुल, इसी से प्रेरित होकर रियर्ड ने उस द्वीप के नाम पर उस स्विमसूट को नाम दिया- बिकिनी.

2. दुनिया में सबसे पहले बिकिनी का चलन रोमन साम्राज्य में देखा जाता है. 1700 साल पुराने एक रोमन मोजैक में बिकिनी पहनी हुई ढेर सारी महिलाओं को खेलते हुए देखा जा सकता है. इस मोजैक का नाम चैंबर ऑफ द टेन मेडेन्स है.

3. कुछ पुरानी सभ्याताओं जैसे, मिनोअन्स और सिसिलियन्स में बिकिनी से मिलता-जुलता टू-पीस स्विमसूट का जिक्र मिलता है.

4. बिकिनी हमेशा से स्कैंडलस इसलिए रही है क्योंकि इसमें शरीर के प्राइवेट पार्ट्स के कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरी बॉडी दिखती है और बॉडी दिखाना ही अपने आप में 'उत्तेजक' है. वैसे भी काफी वक्त तक शरीर के ऊपरी हिस्सों को दिखाना असभ्य समझा जाता था, चाहे पुरुष हों या महिलाएं.

5. बिकिनी को वेटिकन पोप ने पाप बताया था. जिसके बाद स्पेन, पुर्तगाल और बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इसे बैन कर दिया था.

6. बिकिनी को अमेरिका में कुछ राज्यों में बैन किया गया था लेकिन आज के वक्त में अमेरिका में स्विमसूट पर लोग कुछ देशों के जीडीपी के बराबर पैसे खर्च करते हैं. अमेरिका में हर साल स्विमसूट पर लगभग 400 मिलियन से ज्यादा खर्च करते हैं.

7. दुनिया भर में स्विमसूट का एक तिहाई बाजार बस और औरतों के बिकिनी पर चलता है. उसके बाद आदिमयों और बच्चों के स्विमसूट की बारी आती है.

8. बिकिनी का सबसे बड़ा निर्यातक चीन हैं. बिकिनी की ग्लोबल शिपमेंट में 70 प्रतिशत बाजार चीन का है.

9. जब लुई रियर्ड ने अपनी डिजाइन की हुई बिकिनी को प्रमोट करना चाहा, तो उनको इसके लिए कोई फैशन मॉडल नहीं मिली. कोई भी मॉडल बिकिनी का ऐड नहीं करना चाहती थी. इसके बाद उन्होंने मिशेलीन बर्नार्डिनी नाम की न्यूड मॉडल से संपर्क किया, जिसने कैमरे के सामने बिकिनी पहनना स्वीकार किया.

10. आज स्विमसूट की सबसे बड़ी कंपनी है स्पीडो. ये औरतों, आदमियों और बच्चों सभी के लिए स्विमसूट बनाती है.

11. 1993 में ओलंपिक कमेटी ने वुमंस बीच वॉलीबॉल गेम के लिए बिकिनी को ऑफिशियल ड्रेस घोषित किया था.

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