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Out of the box: वजन घटाना है तो एक्सरसाइज छोड़िए

नए साल पर आप यह भ्रम दूर कर लीजिए कि एक्सरसाइज से वजन कम होगा...

Updated On: Jan 01, 2018 08:37 AM IST

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee

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Out of the box: वजन घटाना है तो एक्सरसाइज छोड़िए

दुनिया के तमाम देशों और भारत में मोटापा बड़ी समस्या है. इस समस्या से निपटने के लिए लोग अकसर नए साल पर रेज़ोल्यूशन लेते हैं कि जिम में खूब पसीना बहाएंगे, दौड़ लगाएंगे. मीडिया में भी समय-समय पर हीरो-हीरोइन्स के फिटनेस वीडियो भी वायरल होते हैं. अगर आप हर साल कसरत कर वजन घटाने का रेज़ोल्यूशन लेते हैं और हर साल वो टूट जाता है तो परेशान न हों. वजन कम करने के लिए कसरत करने की जरूरत नहीं होती. या कहें कि अगर आपको वेट लॉस करना है तो एक्सरसाइज़ करने की ज़हमत मत उठाइए. मगर इसका मतलब ये कतई नहीं कि कसरत करने के फायदे नहीं हैं.

आपके बैंक अकाउंट जैसा है आपका शरीर

आपके शरीर के काम करने का तरीका बिलकुल आपके बैंक अकाउंट जैसा है. और इसमें पैसे की जगह होती हैं कैलोरी. हर किसी की लंबाई, चौड़ाई, उम्र और दूसरे कारणों के हिसाब से उसे दिन में कुछ निश्चित कैलोरी चाहिए होती हैं. आप जो भी खाते हैं उसमें कैलोरी होती हैं. मान लीजिए कि अगर आपको दिन में 2000 कैलोरी की जरूरत पड़ती है और आप 2500 कैलोरी खा रहे हैं. ये अतिरिक्त 500 कैलोरी आपके शरीर में चर्बी के तौर पर जमा होने लगेगी. अगर आप अपनी कैलोरी जरूरत से कम खा रहे हैं तो आपका शरीर आपकी चर्बी को इस्तेमाल करने लगेगा और आपका वजन कम होगा.

कसरत क्यों खास असर नहीं करती

आप अगर लगभग डेढ़ घंटा लगातार तेज चलें तो 300 कैलोरी खर्च होती हैं. जबकि एक समोसा ही लगभग 300 कैलोरी का होता है. इसका मतलब हुआ कि अगर लंबी दौड़ या जिम में घंटों बिताकर आपने एक पैकेट नूडल्स खा लिए तो सब किया धरा बराबर.

Out Of Box how to lose weight without exercise

आसानी से समझिए कि वजन कम करने के लिए 80 प्रतिशत आपका खाना जिम्मेदार है और 20 प्रतिशत आपकी कसरत. मगर कसरत के कुछ ऐसे फायदे हैं जिनकी वजह से आपको कसरत करनी ही चाहिए. फिटनेस का मतलब सिर्फ दुबला पतला होना नहीं होता. स्टैमिना और लचीलापन भी जरूरी है. आप फिट हैं या नहीं जानने का एक आसान तरीका है. अपने हाथों को पीठ की तरफ नमस्कार की मुद्रा में लाइए. अगर आप सामने की तरह ही पीछे भी नमस्कार कर सकते हैं तो ठीक है. इसी तरह अगर आप बिना घुटने मोड़ें सामने झुक कर ज़मीन छू सकते हैं तो आप फिट हैं. अगर ये दोनों काम करने में आपको मुश्किल हो रही है तो अपनी दिनचर्या में फिटनेस के लिए समय तय कर लीजिए.

खाने का सुधार डायटिंग नहीं होता

कई लोग डायटिंग को नकारात्मक तरीके से लेते हैं. इसके साथ ही शिकायत करते हैं कि डायटिंग छोड़ते ही फिर सब पहले जैसा हो जाता है. दरअसल वजन कम करने के जो ‘प्लान’ आपको दिखाए जाते हैं वो अस्थाई सॉल्यूशन है जबकि फिट रहना जीवन भर की प्रक्रिया है.

वजन कम करने के लिए किसी को भी कोई ऐसी डाइट नहीं अपनानी चाहिए जो कुछ महीनों के लिए हो. क्योंकि उसके छोड़ते ही शरीर पहले से ज्यादा तेजी से चर्बी जमा करने लगेगा.

आदर्श स्थिति में आपके खाने में प्रोटीन की अच्छी खासी मात्रा होनी चाहिए. उससे कम कार्बोहाइड्रेट और उससे कम फैट. यहां दो बातें याद रखिए, फैट शरीर में बुरा है मगर खाने में जरूरी है. आपके वजन कम न होने का सबसे ज्यादा जिम्मेदार कार्बोहाइड्रेट है. ये कार्बोहाइड्रेट हम भारतीयों के खाने में सबसे बड़ा हिस्सा होता है. सारे जंक फूड खराब कार्बोहाइड्रेट का भंडार होता है.

मसलन एक मीडियम साइज़ पिज्ज़ा में 3000-4000 तक कैलोरी होती हैं. मलतब एक पिज़्जा आपके तीन दिन के खाने के बराबर हो सकता है. जबकि पिज्जा और ऐसे दूसरे जंकफूड आपकी क्रेविंग को और बढ़ा देंगे. मतलब पिज्ज़ा के तुरंत बाद आपको कोल्ड्रिंक या चिप्स की तलब लगेगी.

कैसे करें डाइट को बैलेंस

खाने के बारे में एक बात गांठ बांध कर याद कर लीजिए कि जितना रिफाइन, प्रोसेस्ड किया खाना होगा उतना नुकसान देह होगा. उदाहरण के लिए चीनी गुड़ की तुलना में नुकसानदेह है, ब्रेड रोटी की तुलना में नुकसान देह है. बियर और विह्स्की में बियर कम टॉक्सिक होती है. रिफाइंड ऑयल घी या तेल की तुलना में खराब है.

इसलिए खाने में पैकेट बंद चीज़ों से दूरी बनाएं. उन चीज़ों से भी जिनको हेल्दी बताकर बेचा जाता है. उदाहरण के लिए कॉर्नफ्लेक्स, आप इसे वजन घटाने का तरीका मानकर खाते हैं. मगर इसमें ढेर सारा कॉर्न स्टार्च होता है. हेल्थ ड्रिंक्स में प्रोटीन की तुलना में कई गुना चीनी और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं. इसी तरह बिस्कुट में तीन चीज़े होती हैं, मैदा, चीनी और रिफाइंड ऑयल. कितना भी कथित हेल्दी बिस्कुट हो इनमें से कम से कम दो चीजें रहेंगी ही.

कुल मिलाकर वजन कम करने का पहला नियम है कि पैकेट बंद चीजों से जितना संभव दूरी बनाइए. इसके साथ ही दो बातों का ध्यान रखिए. एक तो आपको अपने कैलोरी बजट से कम खाना है और दूसरा हेल्दी खाना है. मसलन एक कैन कोल्ड ड्रिंक में एक सेब से कम कैलोरी होती है मगर आप किसे हेल्दी मानेंगे.

इसी तरह कसरत को लेकर भी एक मिथ है. लोगों को लगता है कि जिम की कसरत सिर्फ मसल बिल्डिंग के लिए होती है. कुछ लोग वजन घटाने के लिए योग और कार्डियो को ही सबकुछ मानते हैं. जबकि दोनों ही बातें आधी सच हैं.

जब आप भारी वजन उठाते हैं तो आपकी मांसपेशियां टूटती हैं. जब आप आराम कर करे होते हैं तो ये मांसपेशियां दोबारा बनती हैं. इस काम में ऊर्जा लगती है. इसलिए जिम में वजन उठाना आपको बेहतर शेप में लेकर आता है. साथ ही वेट ट्रेनिंग से आपका वजन उस समय भी कम हो रहा होता है जब आप कसरत नहीं कर रहे होते हैं. मगर कभी भी इतनी वेट ट्रेनिंग न करें कि आप थकान के कारण बाकी काम न कर पाएं या भूख से इतना खा लें कि सब कुछ बराबर हो जाए.

अगर आप चलने, योग, प्लैंक, दौड़ने या सायकिलिंग जैसी कार्डियो एक्सरसाइज़ करते हैं तो आपकी कैलोरी तभी खर्च होती हैं जब आप कसरत कर रहे होते हैं. मगर ये रोजमर्रा के काम के बीच करना आसान है.

बाज़ार को आपके फिट होने समस्या है

फिटनेस के साथ एक ही चीज़ है, आपको इसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना होगा. आज की तारीख में तमाम मोबाइल ऐप हैं जो आपकी दिनचर्या, हाइट, वेट और उम्र के हिसाब से आपकी कैलोरी की जरूरत बता देंगे. उनके हिसाब से अपने कैलोरी बजट में खाएं, और हेल्दी खाना खाएं. इसके साथ-साथ थोड़ी बहुत कसरत, चलना फिरना कर लिया करें. आपका वजन निश्चित सीमा में रहेगा और आप फिट रहेंगे.

ऐसा करने से बाज़ार को दो समस्याएं हैं. एक तो आप तमाम पैकेट वाला खाना खरीदना कम कर रहे हैं, दूसरा आप जिम, फिटनेस प्रोडक्ट से दूरी बना रहे हैं. ऐसे में बाज़ार के लिए ये दोहरा नुकसान है. इसीलिए जब भी किसी हीरो हीरोइन की फिटनेस, उसके कुछ महीनों में कायाकल्प करने की चर्चा होती है, तो सिर्फ और सिर्फ जिम की तस्वीरें और वीडियो ही पोस्ट किए जाते हैं. जबकि हकीकत इसके उलट है.

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