S M L

मस्ती से भरपूर होती है जेएनयू की 'चाट' वाली होली

इस होली का अपना संविधान है, घोषणाएं हैं और मस्ती है

Updated On: Mar 02, 2018 08:24 AM IST

Jainendra Kumar

0
मस्ती से भरपूर होती है जेएनयू की 'चाट' वाली होली

‘चाट सम्मलेन’ एक अजीब सा नाम है जो लोगों को चौंकाता है. यूं तो आजकल जेएनयू का सब कुछ चौंकाता है लेकिन चाट सम्मलेन की पुरानी परम्परा है. ‘चाट सम्मलेन’ मतलब ऐसा मंच जहां लोग अपनी बातों से लोगों मनोरंजन करते हैं, उनको हंसाते हैं. एक तरह से बौद्धिक लोगों का देशी कॉमेडी शो. कुल मिलाकर यह होली की पूर्व संध्या पर होने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है जिसमें व्यंग्य के सहारे देश-विदेश की बात की जाती है. नेताओं की चुटकी ली जाती है. गांव-जवार की बातें होती हैं. चैता, फगुआ, कजरी इत्यादि गाया जाता है. बहुत सारे कलाकार इसमें भाग लेते हैं. जो कलाकार जनता को ठीक से नहीं चाट पाते हैं उनको चाट दंडाधिकारी के इशारे पर चाट पुलिस मंच से उठा कर बाहर कर देती है. उनको पुरस्कार भी दिया जाता है. पुरस्कार जेएनयू कुलाधिपति और कुलपति के नाम पर दिया जाता है. पुरस्कार में खाली बोतलें पैक करके दी जाती है. जिसको दर्शकों के सामने खोला जाता है.

कैसे शुरू हुआ चाट सम्मेलन

jnu chaat sammelan holi (1)

चाट सम्मलेन जेएनयू के एलीट कल्चर के समांनातर ऐसे लोगों द्वारा शुरू किया गया जिनको अपने ‘भदेस’ चीजों से लगाव था. जो अपने आपको अपने जड़ों से जुड़ा पाते थे. चाट सम्मलेन के संविधान चाट कोड ऑफ़ कंडक्ट के (ख) १ में लिखा है- “चाट सम्मलेन लोकजीवन का उत्सव पर्व है न कि भदेस परंपरा के नाम पर जातिवादी-साम्प्रदायिक-नस्लवादी-पितृसत्तात्मक एवं अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव करने वालों का मंच. यहां कजरी, चैती, फगुआ, ख़याल, दादरा, ठुमरी, यक्षगान, बाउल, नौटंकी आदि लोककलाओं का स्वागत है. हम अपनी प्रेरणा के स्रोत शारदा सिन्हा की भोजपुरी में, भिखारी ठाकुर के बिदेसिया में, अदम गोंडवी की अवधी में, बुन्देली के आल्हों में, बंगाल की पार्वती बाउल में ढूंढते हैं न कि आजकल के फर्जी रितेश पाण्डेय और राधेश्याम रसिया के कानफोड़ू गानों और मर्यादातोड़ शब्दों में. जिन भी लोगों को रमपत हरामी (जी हां यही नाम चुना है उन्होंने अपने लिए) से लेकर गुड्डू रंगीला और यो-यो शहद सिंह तक को सुनने में दिलचस्पी हो वह अपनी तशरीफ़ का टोकरा यहां न लाएं.”

नब्बे के दशक के शुरूआती सालों में इसकी शुरुआत झेलम हॉस्टल से हुई. आज भी यही हॉस्टल इसको आयोजित कर रहा है. होली के एक दिन पहले रात को इसका आयोजन होता है. जो कहानी झेलम में सुनी-सुनाई जाती है उसके अनुसार होली के पर्व में कुछ बिहार-यूपी के लड़कों ने जोगीरा गाने का प्लान बनाया. जेएनयू के एलीट कल्चर में ऐसा पहली बार सोचा जा रहा था. मेस में आयोजित यह प्रयोग सफल रहा. अगले साल उन्हीं लड़कों ने एक छोटा सा पोस्टर लगा दिया. भीड़ बढ़ गयी. सबके अन्दर का देशीपन बाहर आने लगा जो कि दब गया था. हालत यह हो गयी कि मेस पूरा भर गया.

अगले साल इसको मेस से बाहर निकाल कर हॉस्टल के बीच के स्पेस में किया गया. अगले कुछ सालों में हालात और बेकाबू हुए और अंततः इसे चाट सम्मलेन नाम दिया गया और इसका आयोजन झेलम लॉन में किया जाने लगा जहाँ यह आज भी आयोजित हो रहा है. धीरे-धीरे यह हॉस्टल के कैलेन्डर में शामिल हो गया और इसका दायरा बढ़ गया. पोस्टर की संख्या बढ़ती गयी. इसमें शामिल लोगों को एक चाट नाम दिया जाने लगा. चाटों के प्रकार बनाये गए. चाट संविधान बनाया गया. हरेक छात्र राजनीतिक पार्टी को भी एक चाट नाम दिया गया. सारे हॉस्टल का मजाक बनाया गया. बाकी हॉस्टल ने पोस्टर बना कर जवाब दिया. यह परंपरा आज भी चल रही है.

jnu chaat sammelan holi (3)

एक झेल कुमारी की कल्पना भी इसमें शामिल हो गयी जो झेलम की बेटी मानी गयी. सबसे पहले ताप्ती हॉस्टल से उसकी बारात आयी थी. अब तो कई हॉस्टल से बारात आती है. इस साल सतलज हॉस्टल भी बारात लेकर आने वाली है. झेलम का प्रेसिडेंट हर साल जूते की माला और झाड़ू से झेलम हॉस्टल के गेट बाराती का स्वागत करता है. दूल्हे और बाराती भदेस गेटअप में रहते हैं. फिर बारात लॉन में बने मंच पर पहुंचती है. दूल्हा और दूल्हा के साथी मंच पर बैठते हैं और फिर शुरू होता है चाट सम्मलेन. सबसे पुराने चाट की समाधि भी मंच के नीचे बनायी जाती है. इस साल ओमप्रकाश साह की समाधि बनेगी.

jnu chaat sammelan holi

हर साल दूल्हे को खाली हाथ लौटना पड़ता है और झेल कुमारी की शादी अंततः नहीं होती है. पिछले कुछ सालों से अपने देशी तेवर की वजह से नीलोत्पल मृणाल की मांग चाट सम्मलेन में सबसे ज्यादा रही है. जिस झेलम लॉन में यह सम्मलेन होता है उसी में अगली सुबह भदेस होली भी खेली जाती है. पिछले साल से होली में डीजे भी शामिल हो गया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi