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जुलाई स्पेशल (पार्ट 1): हैरी पॉटर की जादुई किताबों में क्या है जेके रॉलिंग का मैजिक?

हैरी पॉटर पढ़ने जा रहे हैं, तो बिना किसी पूर्वाग्रह के पढ़िए क्योंकि आप नई दुनिया में दाखिल होने जा रहे हैं...

Tulika Kushwaha Tulika Kushwaha Updated On: Jul 07, 2017 02:20 PM IST

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जुलाई स्पेशल (पार्ट 1): हैरी पॉटर की जादुई किताबों में क्या है जेके रॉलिंग का मैजिक?

(हैरी पॉटर सीरीज की पहली किताब को आए हुए 20 साल पूरे हो गए हैं. इसके साथ ही जेके रॉलिंग, हैरी पॉटर और डेनियल रैडक्लिफ के बर्थडे के लिए हमारी जुलाई स्पेशल सीरीज का ये पहला लेख है.)

भारत में आमतौर पर ये माना जाता है कि ब्रिटेन की एक औरत ने जादू की दुनिया पर कुछ किताबें लिखी हैं, जो बहुत बिकती हैं और उनपर फिल्में बनी हैं. हालांकि, कुछ लोग मेरे जैसे भी होंगे, जो ऐसे लोगों के लिए अफसोस करते होंगे कि वो अपनी जिंदगी में कुछ बहुत अलग मिस कर रहे हैं और हम इस बात को साबित करने के लिए सम्मोहन मंत्र 'सम्मोहितो' बोलने तक को तैयार हैं.

जेके रॉलिंग या हैरी पॉटर बच्चों की दुनिया के किरदार या शख्स नहीं हैं, न ही किताबें न उन्हें लिखने वाली जे. के. रॉलिंग. उन सातों किताबों को बच्चों की कहानियां कहकर खारिज नहीं किया जा सकता और इसकी बहुत सी वजहें हैं.

जे.के. रॉलिंग अब तक की सबसे ज्यादा बिकने वाली (वैसे, बाइबिल अब तक की सबसे ज्यादा बिकने वाली रचना कही जाती है) बुक सीरीज की लेखिका हैं. हालांकि, 21 जुलाई, 2007 को पब्लिश हुई हैरी पॉटर सीरीज की आखिरी किताब के 10 साल बाद भी बिक रही किताबों की वजह से अब इस बात कि बहस है कि क्या सीरीज की किताबें बाइबिल से ज्यादा बिक चुकी हैं?

खैर, हम इस बारे में इस सीरीज के अगले पार्ट में बाद करेंगे, फिलहाल इस लेख में रॉलिंग के राइटिंग स्टाइल पर बात करने की कोशिश की गई है अगर कहानी भटकती है तो पूरा दोष हैरी को दिया जाना चाहिए.

जादू अब भी बरकरार क्यों है?

एचपी सीरीज की किताबों को पढ़ने के बाद आप वो ही नहीं रह जाते, जो आप पढ़ने से पहले थे. इस बात की 100% गारंटी तो नहीं, लेकिन दुनिया के कई पॉटरहेड्स ∞% की गारंटी दे सकते हैं.

एचपी सीरीज की पहली किताब 'हैरी पॉटर एंड द फिलॉस्फर्स स्टोन' को आए हुए 20 साल हो गए हैं. लेकिन अब भी फैंस उस जादू से नहीं निकल पाए हैं. सारी दुनिया एक तरफ और हैरी पॉटर एक तरफ.

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रॉलिंग ने जो दुनिया रची, वो पूरी तरह सफल रही है. उन्होंने किरदार गढ़े, उनकी कहानियां रचीं, नए-नए शब्दों और टर्मिनोलॉजी से हमें परिचित कराया, हमें सोचने पर मजबूर किया कि ओ! ऐसे भी सोचा जा सकता है. इस सबके साथ ही उन्होंने हमें ये खूबसूरत सा (लेकिन अफसोस भरा) ख्याल दिया कि 11 साल की उम्र में आपके लिए भी हेडमास्टर एल्बस डम्बलडोर के ऑफिस से एडमिशन की चिट्ठियां निकली होंगी. लेकिन अफसोस कि आप तक नहीं पहुंचीं.

लेकिन आखिर इतने सालों तक भी रॉलिंग के लेखन में ऐसा क्या है, जो आपको उस दुनिया से बांधे रखता है, जिन्हें पढ़कर आप खुद को हॉगवर्ट्स के स्टूडेंट से कम नहीं समझते.

लिखने का स्टाइल: रॉलिंग बहुत आसान लिखती हैं लेकिन फिर भी आपको लगता है कि आप कुछ बहुत अलग पढ़ रहे हैं. 10 सालों के अंतराल में पब्लिश हुई सातों किताबों में आपको कहीं भी लय टूटती नहीं दिखती. अगर आप एक ही बार में सातों किताबें पढ़कर खत्म कर सकते हैं, तो आपको कोई बदलाव महसूस नहीं होगा.

रॉलिंग फ्लो के साथ लिखती हैं. लेकिन कुछ लोगों को कहीं-कहीं दोहराव लग सकता है. जब रॉलिंग लिखती हैं, ‘said Snape maliciously’ ‘said Ron glumly’ ‘said Harry furiously’. इन जगहों पर आपको लिखने के स्टाइल में दोहराव लग सकता है लेकिन इसके साथ एक प्लस प्वॉइंट ये है कि ये कमियां बड़ी आसानी से आंखों से बच निकलती हैं.

नैरेशन: हालांकि, पूरी कहानी ऑम्निशिएंट नैरेटिव (लेखक कहानी के हर पहलू, सीन और किरदार के नजरिए से लिखता है) में लिखी गई है. लेकिन रॉलिंग कहीं-कहीं प्रयोग करती हैं. जैसे हैरी के सपने और उसके दिमाग में चल रही उधेड़बुन. ऐसा लगता है कि सबकुछ आप हैरी के नजरिए से देख रहे हैं. ये प्रवृत्ति तब सबसे ज्यादा दिखाई देती है, जब 'हैरी पॉटर एंड द प्रिजनर ऑफ अज़्कबान' में हैरी हैग्रिड के घर के पीछे कद्दुओं के पीछे छुपा होता है, और उसपर कंकड़ आ लगता है, उसे बाद में पता चलता है कि उसके पीछे भी वही होता है.

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इसके अलावा क्लाइमेक्स में जब तमपिशाच सीरीयस की आत्मा खींच रहे होते हैं, तो यहां भी हैरी दूसरे वक्त से आकर खुद की और सीरीयस की जान बचाता है. टाइमट्रैवल का ये सीक्वेंस बहुत खूबसूरत है और सीरीज की तीसरी किताब का सबसे मजबूत पहलू है.

इसके अलावा लॉर्ड वॉल्डमॉर्ट की होरक्रक्स (आत्मा का हिस्सा) नागिन नजिनी की नजरों से हैरी के सपने देखना उसे उतना ही मनहूस और भयावह बना देता है, जितनी रॉलिंग ने कोशिश की है. अपने नैरेटिव स्टाइल के बावजूद रॉलिंग हैरी के सपनों और डम्बलडोर के स्मृति पात्र के जरिए पूरी कहानी पर पकड़ रखती हैं.

कहानी के साथ शब्द-चयन में बदलाव: कहानी के शब्द और भाव कहानी के साथ-साथ बढ़ते जाते हैं. साथ ही आप किरदारों के साथ-साथ जिंदगी के अलग-अलग पड़ावों के अलग-अलग पहलूओं को भी जीते हैं.

कहानी की शुरूआत हैरी के बचपन से होती है. हैरी को अबतक नहीं पता कि वो जादूगर है. उसके लिए सबसे बड़ी समस्या उसका मौसेरा भाई डडली ही है लेकिन धीरे-धीरे समस्या लॉर्ड वॉल्डमॉर्ट तक जाती है. शब्दों से ही आप हैरी के कैरेक्टर के डेवलपमेंट को महसूस करते हैं.

सेंस ऑफ ह्यूमर: रॉलिंग कहानी को कहीं बोरिंग नहीं होने देतीं. हर किरदार की एक परिभाषा है, एक पहलू है. चाहे वो थॉमस डीन हो या सीमस फिनिगन. किताब के ऐसे कई किरदार हैं, जो कहानी में मजाकिया पुट ले आते हैं. प्रोफेसर फ्लिटविक या प्रोफेसर ट्रीलॉनी की क्लास हो, आप हर सीक्वेंस का हिस्सा होते हैं और रॉन तो है ही. फ्रेड और जॉर्ज तो रॉलिंग के किंग ऑफ ह्यूमर हैं.

रॉलिंग ने हर किरदार को स्थापित करने की कोशिश की है. जैसे प्रोफेसर अम्ब्रिज के लिए टोड जैसी औरत, भुलक्कड़ नेविल और झाड़ जैसे बालों में रौब जमाने वाली हरमाइनी अपने किरदार की एंट्री के साथ ही स्थापित हो जाते हैं. स्कूल की घटनाओं और स्टूडेंट्स की हरकतों, जादू की क्लासों को रॉलिंग खाली नहीं जाने देतीं. इनमें क्विडिच में ली जॉर्डन की कमेंटरी को भी शामिल कर सकते हैं.

रहस्य: सीरीज की एक खास बात है कि रॉलिंग लॉर्ड वॉल्डमॉर्ट के समानांतर एक और कहानी बुनती रहती हैं. ये घटनाएं-किरदार हैरी और वॉल्डमॉर्ट के रिश्तों और किरदार को बहुत मजबूती से गढ़ते रहते हैं. जैसे फिलॉस्फर्स स्टोन में रहस्यमयी डायरी और जिनी वीजली का कनेक्शन कहानी को दिशा देता रहता है, लेकिन आपको भी पता नहीं होता कि स्कूल में हो रही घटनाओं के पीछे जिनी या किसी डायरी का हाथ हो सकता है.

इसी तरह प्रोफेसर क्विरेल (फिलॉस्फर्स स्टोन), नेविल लॉन्गबॉटम (ऑर्डर ऑफ द फिनिक्स), ड्रेको मेल्फॉय (हाफ ब्लड प्रिंस) के किरदार भी हैरी के किरदार को एक दिशा देते रहते हैं. लेकिन इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि ये किरदार खुद भी डेवलप होते रहते हैं.

दूसरे किरदारों का इस्तेमाल: कहानी में लूना लवगुड, डॉबी ईल्फ, ल्यूसियस मेल्फॉय, पीटर वॉर्मटेल ऐसे किरदार हैं, जिन्हें रॉलिंग ने अच्छे से इस्तेमाल किया है. SPEW या डीए क्लास में दूसरे किरदारों की भागीदारी कहानी में बहुत से लिंक जोड़ती है.

साथ ही कई किरदारों में बदलाव भी कहानी को दिशा देते हैं. जैसे मिस्टर फिल्च या चो चैंग दोनों ही किरदार वक्त पर बदल जाते हैं. रॉलिंग की स्टाइल शीट पूरी सीरीज में एक जैसी है लेकिन आप नई-नई चीजों से दो-चार होते रहते हैं. आप पूरी सीरीज में बोर नहीं होते. रॉलिंग कहीं भटकती दिखाई नहीं देतीं, अपनी पकड़ बनाए रखती हैं.

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छोटी-छोटी डिटेल्स का इस्तेमाल: ये किताबें पढ़ते हुए आप कभी भी हैरत में पड़ सकते हैं. रॉलिंग छोटी-छोटी डिटेल्स पर पकड़ बनाकर रखती हैं. आप खुद कहानी में कुछ भूल सकते हैं, लेकिन अचानक रॉलिंग आपको चौंका देती हैं. वो किसी भी किरदार या चीज को अकेला नहीं छोड़तीं.

जैसे आप नहीं सोच सकते कि वो आखिरी किताब में उस गोल्डन स्निच को इतना अहम बना देंगी, जिसे पहली किताब में हैरी ने अपने पहले क्विडिच मैच में पकड़ा था. या पहली किताब में ग्रिंगॉट्स बैंक में हैरी को मिले ग्रिपहुक गॉब्लिन को रॉलिंग आखिरी किताब में ग्रिफिन्डॉर की तलवार के साथ जोड़ती हैं. या पहली किताब में हेडमास्टर डंबलडोर के भाई एबरफोर्थ डम्बलडोर के नाम को वो आखिरी किताब में इतना अहम किरदार बना देती हैं.

अगर आप पहली बार हैरी पॉटर पढ़ने जा रहे हैं, तो बिना किसी पूर्वाग्रह के पढ़िए. समझिए, आप नई दुनिया में दाखिल होने जा रहे हैं और आप कभी भी आश्चर्यचकित हो सकते हैं.

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