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पोषण से जुड़ा है बहरापन, तो क्यों न रखें बच्चों के खानपान का खास खयाल

पूरी दुनिया में देखें तो हियरिंग लॉस विकलांगता का चौथा सबसे बड़ा कारण है

FP Staff Updated On: Feb 09, 2018 06:38 PM IST

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पोषण से जुड़ा है बहरापन, तो क्यों न रखें बच्चों के खानपान का खास खयाल

अगर स्कूली दिनों में बच्चों को सही आहार न मिले तो आगे चलकर उनमें कम या ऊंचा सुनने की समस्या आ सकती है. एक अध्ययन में यह बात सामने आई है.

क्या कहता है रिसर्च

स्टडी का रिजल्ट बताता है कि जिन लोगों की लंबाई कम थी उनमें हियरिंग लॉस की समस्या देखी गई. चूंकि लंबाई पोषण से जुड़ा है इसलिए कम पोषण ठिगने लोगों में भी देखी गई. लंबाई कम पड़ने की समस्या गर्भ में ही शुरू हो जाती है. इससे ऑडिटरी फंक्शन पर भी असर पड़ता है. गर्भ में ईनर ईयर का ठीक से विकास न होने पर जन्म के बाद हियरिंग लॉस की समस्या देखी जा सकती है.

बड़ी समस्या है हियरिंग लॉस

पूरी दुनिया में देखें तो हियरिंग लॉस विकलांगता का चौथा सबसे बड़ा कारण है. इस बीमारी के 80 परसेंट मरीज निम्न और मध्यम आय वाले देशों में पाए जाते हैं. जॉन हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की यह स्टडी नेपाल के 2200 लोगों पर आजमाई गई. इसमें 16 साल के बच्चों का पोषण स्तर भी देखा गया. स्टडी में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में अगर पोषण का स्तर सुधार दिया जाए तो हियरिंग लॉस से बचा जा सकता है.

हियरिंग लॉस का कारण

माना जाता है कि शोर से भरी इस दुनिया में हियरिंग लॉस एक आम समस्या है. हियरिंग लॉस या बहरापन आवाज सुनने की शक्ति कम होने की स्थिति को कहते हैं. इस बीमारी में सुनने की शक्ति ही कम नहीं होती, बल्कि व्यक्ति की सामाजिक और मानसिक परेशानी भी बढ़ जाती है क्योंकि वह लोगों से घुलने मिलने में असहज महसूस करता है. होता यह है कि जब भी कोई व्यक्ति बोलता है तो वह ध्वनी तरगों के द्वारा हवा में कंपन पैदा करता है. इसी से हमें सुनाई देती है. बहरापन वाले लोगों में यह क्षमता नामात्र की होती है या होती ही नहीं.

बहरापन का लक्षण

हियरिंग लॉस के बारे में हमें धीरे धीरे से पता चलता है. जिसके कारण इसका सही समय पर उपचार नहीं हो पाता. जबकि होना यह चाहिए कि जब भी इसके लक्षणों के बारे में पता चले, इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि डॉक्टर के पास जाकर इसका इलाज करवाना चाहिए. कुछ ऐसे हैं इसके लक्षण- -कानों में सिटी की आवाज सुनाई देना -कम सुनाई देना या ऊंचा सुनाई देना -किसी से फोन पर बात करने में परेशानी होना -तेज आवाज में सुनना -दूसरों से बात करने में परेशानी -दूसरों को जोर से बोलने को कहना

(एएनआई से भी इनपुट)

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