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देव आनंद: एक आशिक जिसकी मोहब्बत की कहानियां मुकम्मल न हो सकीं

जब वह व्हाइट शर्ट और काला कोट पहनते थे तो लड़कियां छत से कूदने के लिए भी तैयार हो जाती थीं

Updated On: Sep 26, 2018 02:16 PM IST

Rituraj Tripathi Rituraj Tripathi

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देव आनंद: एक आशिक जिसकी मोहब्बत की कहानियां मुकम्मल न हो सकीं

बॉलीवुड में करीब 6 दशक तक अपने अभिनय का जादू चलाने वाले सदाबहार अभिनेता देव आनंद का आज यानि 26 सितंबर को जन्मदिन है. वह अपने दौर के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक थे. उन्हें फैशन आइकन माना जाता था.

उनके बोलने का अंदाज सबसे अलग था, यही वजह थी कि लड़कियां उनकी एक मुस्कुराहट पर अपना दिल दे बैठती थीं. देव आनंद भी आशिकी के मामले में पीछे नहीं थे. अपने फिल्मी करियर के दौरान उनका नाम कई अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा.

हालांकि यह अलग बात है कि मोहब्बत के मामले में उनके दिल को कई बार जख्म मिले और इन जख्मों से उबरने में देव साहब को काफी समय लगा. कहा जाता है कि जब देव आनंद ने शादी करने का फैसला किया तो कई लड़कियों का दिल टूट गया था और उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था.

कवि कुमार विश्वास की एक लाइन यहां बिल्कुल सटीक बैठती है- अधूरा अनसुना ही रह गया ये प्यार का किस्सा, कभी तुम सुन नहीं पाए, कभी हम कह नहीं पाए.

जीनत अमान को प्रपोज करने के लिए रखी थी पार्टी

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देव आनंद की एक फिल्म आई थी 'हरे रामा हरे कृष्णा'. इस फिल्म में जीनत अमान को देव आनंद की बहन का किरदार निभाने का रोल मिला था लेकिन शूटिंग के दौरान देव आनंद को इस बात का एहसास हुआ कि वह जीनत से प्यार कर बैठे हैं.

फिर क्या था, उन्होंने जीनत को प्रपोज करने के लिए होटल ताज में एक पार्टी दे डाली. इस पार्टी में उनके करीबी लोग शामिल थे. जब पार्टी शुरू हुई तो देव आनंद ने अपने दिल की बात जीनत को बताई चाही लेकिन वह ऐसा कर पाते, इससे पहले ही उन्होंने जीनत को राजकपूर की बाहों में देख लिया, जीनत ने भी राज को कसकर पकड़ा हुआ था.

यह सब देखकर देव आनंद का दिल टूट गया और जीनत के साथ उनकी प्रेम कहानी अधूरी रह गई. देव आनंद ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'रोमांसिंग विद लाइफ' में इस बात का जिक्र करते हुए बताया है कि यह सब देखने के बाद वह पार्टी से बाहर चले गए.

दरअसल राज कपूर और जीनत के प्यार के चर्चे पहले भी मीडिया में सुर्खियां बन चुके थे. राज ने अपनी फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम में जीनत को लीड रोल दिया था. लेकिन उस वक्त देव आनंद को लगा कि यह सब अफवाह है.

सुरैया की इबादत के बाद भी पूरी न हो सकी यह प्रेम कहानी

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सुरैया अपनी फिल्मों के गीत खुद ही गाती थीं, उन्हें देखते ही देव आनंद को प्यार हो गया था. इसकी शुरुआत एक फिल्म से हुई. दरअसल दोनों को एक नाव में सीन फिल्माना था. लेकिन नाव पलटने से सुरैया नदी में गिर गईं.

अचानक हुए इस वाकये से सब हड़बड़ा गए. देव आनंद ने पानी में उतरकर सुरैया को बचाया जिसके बाद दोनों एक-दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करने लगे.देव आनंद अक्सर सुरैया के घर जाया करते थे और छत पर बैठकर घंटों बातें किया करते थे.

एक फिल्म 'जीत' के सेट पर दोनों ने असली में शादी करने का प्लान भी बनाया था लेकिन इस बात की खबर सुरैया की नानी को हो गई और वह सुरैया को जबरदस्ती फिल्म सेट से लेकर चली गईं.

धर्म अलग होने की वजह से दोनों कभी एक नहीं हो पाए. सुरैया ने भी देव आनंद की वजह से जिंदगीभर बिना शादी के रहने का फैसला किया.

देव आनंद के काले कोट पर मरती थीं लड़कियां

devanand madhubala

देव आनंद अपने जमाने के सबसे खूबसूरत एक्टर्स में एक थे. उनका स्टाइल सबसे जुदा था. जब वह व्हाइट शर्ट और काला कोट पहनते थे तो लड़कियां छत से कूदने के लिए भी तैयार हो जाती थीं.

लड़कियों की हद से बढ़ती दीवानगी की वजह से पब्लिक प्लेस में देव आनंद के काले कोट पहनने पर रोक लगा दी गई थी. उस दौर में ऐसे मामले सामने आए थे कि देव आनंद को काले कोट में देखकर कई लड़कियों ने सुसाइड कर ली थी.

देव आनंद ने 'हम एक हैं' से 1946 में फिल्मों में डेब्यू किया था. अपनी पहली ही फिल्म से वह दर्शकों के चहेते बन गए थे. इसके अलावा हमसफर, मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, बम्बई का बाबू, ज‍िद्दी, हरे रामा हरे कृष्णा, अमन के फरिश्ते उनकी बेहतरीन फिल्मों में से एक हैं.

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