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chhath puja 2018: सरकारी ऐलान तो है लेकिन मदद नहीं-छठ समितियां

इस साल दिल्ली में जेनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी है ऐसे में बिजली आपूर्ति में समितियों को काफी दिक्कत हो रही है

Updated On: Nov 11, 2018 08:23 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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chhath puja 2018: सरकारी ऐलान तो है लेकिन मदद नहीं-छठ समितियां

आस्था का महापर्व छठ आज नहाय-खाय के साथ ही शुरू हो गया. छठ पूजा के लिए दिल्ली-एनसीआर के लगभग सभी छठ घाटों को सजाया-संवारा गया है. छोटी-छोटी सड़कों, गलियों और पार्कों से लेकर यमुना किनारे तक घाटों की मरम्मत और चमकाने का काम अंतिम चरण में है. छठ घाटों तक बिजली पहुंचाने से लेकर JCB मशीनों से जमीन को समतल करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है.

ITO  पर यमुना किनारे सभी घाटों का रंग-रोगन लगभग पूरा हो चुका है. प्रशासन की तरफ से सभी घाटों की बैरिकेडिंग का काम चल रहा है. यमुना किनारे और कई घाटों पर टेंट भी लगाया जा रहा है. यहां रात पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की भी तैयारी है. इसमें शामिल होने यूपी-बिहार से कई भोजपुरी लोक कलाकार आए हैं.

जोरशोर से चल रही हैं तैयारियां 

ITO के वेस्टर्न घाट पर भी टेंट लगाने का काम पूरा हो गया है. छठ करने वाली महिलाओं को कोई दिक्कत ना हो, इसका खास खयाल रखा जा रहा है. व्रत करने वाले कुछ स्त्री-पुरुष दंडवत होकर ही पूरा रास्ता पूरा करते हैं. इन्हें कोई दिक्कत ना हो, इसलिए उनके रास्ते को समतल रखते हुए साफ सफाई की जाती है. इस साल दिल्ली में जेनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी है. लिहाजा रास्ते में बिजली का इंतजाम करने में समितियों को दिक्कत हो रही है.

पूर्वांचलियों का छठ पर्व अब दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए भी लोक पर्व बन गया है. दिल्ली-एनसीआर में कई छठ पूजा समितियां पूजा का आयोजन करती हैं. इन्हें प्रशासन की तरफ से भी काफी सहयोग मिलता है.

क्या है सरकारी वादे की मुश्किल?

छठ समितियों की मुश्किल है कि सरकारें ऐलान करने के बाद भी मदद नहीं करती हैं. ऐसी ही एक समिति ने कहा, 'बिजली को ही लीजिए हमें बिजली में कोई छूट नहीं मिल रही है. हमलोगों से कनेक्शन के लिए 50 हजार रुपए जमा करा लिए गए हैं. उनमें से 24 हजार रुपए तो वापस भी नहीं आएंगे. पूरी दिल्ली में जेनरेटर बैन होने से परेशानी बढ़ गई है.

दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने दो दिन पहले ही रेवेन्यू एवं फ्लड डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ यमुना के छठ घाटों का मुआयना किया था. गोपाल राय ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि इस बार दिल्ली में 1 हजार घाटों पर छठ पर्व मनाया जाएगा. इसके लिए दिल्ली सरकार ने जबरदस्त बंदोबस्त किए हैं.

दिल्ली सरकार ने पिछले साल दिल्ली में 600 जगहों पर छठ पूजा का प्रबंध किया था. लेकिन इस बार भीड़ बढ़ने की वजह से एक हजार जगहों पर छठ पूजा के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी हिंडन नदी के किराने कई घाटों पर सफाई का काम चल रहा है. बीते शनिवार से ही गाजियाबाद नगर निगम ने घाटों की सफाई का काम शुरू किया है. निगम के आधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि अब तक 65 ट्रिप कचरा निकालकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जा चुका है. इस काम के लिए लगभग 250 निगम के कर्मचारियों के साथ 200 मालियों की भी तैनाती की गई है. अपनी सुविधा के अनुसार कुछ सोसायटी स्वीमिंग पूल में ही छठ पूजा की तैयारी शुरू हो गई है.

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