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ब्रूस ली: सिरदर्द की गोली ने ली थी इस महान फाइटर की जान

5 फीट 8 इंच के इस आदमी ने अपने जीवन में सिर्फ एक फाइट हारी

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee Updated On: Nov 27, 2017 11:04 AM IST

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ब्रूस ली: सिरदर्द की गोली ने ली थी इस महान फाइटर की जान

ब्रूस ली दुनिया भर में फुर्ती और मार्शल आर्ट का दूसरा नाम हैं. ठीक वैसे ही जैसे दारा सिंह ताकत का और मोहम्मद अली मुक्केबाजी का. मोहम्मद अली कहा करते थे कि वो इतने तेज हैं कि बिजली का स्विच बंद कर के वो अंधेरा होने से पहले बिस्तर में पहुंच जाते हैं. अली के लिए ये तेजी बड़बोलापन हो मगर ब्रूस ली के बारे में कहा जाता है कि वो हवा में चावल का दाना उछाल कर चॉपस्टिक से पकड़ लेते थे. ये बात कितनी सच है पता नहीं मगर ब्रूस ली ने अपनी आखिरी फाइट में 11 सेकेंड में 15 मुक्के और 1 लात मारी थी. इसके साथ ही उनके कई वीडियो हैं जिन्हें उनके तेज मूवमेंट के चलते स्लो मोशन में देखना पड़ता है.

हालांकि ब्रूस और मोहम्मद अली दोनों  में एक दुर्भाग्यपूर्ण समानता है. अली को अपने हाथों की ताकत पर बहुत गर्व था. ब्रूस को अपनी मजबूत और बेहद तेज़ देह. अली पार्किन्सन से पीड़ित हो गए. जिन बाजुओं से दुनिया भर के मुक्केबाज खौफ खाते थे वो 1996 के अटलांटा ओलंपिक में मशाल को कंधे तक नहीं उठा पाए थे. इसी तरह जिस ब्रूस ली के सामने लोग चाकू और दूसरे हथियार लेकर नहीं जीत पाते थे, उनकी मौत सरदर्द की गोली खाने से हो गई थी. ब्रूस ली की मौत से जुड़े मिथकों और सच से पहले बात करते हैं उनकी कला की.

मार्शल आर्ट का व्याकरण बदलने वाले

5 फुट 8 इंच का कद और 64 किलो वजन. सामान्य सी कद काठी के बाद भी ब्रूसली अपने अर्थों में दुनिया के सबसे तेज और ताकतवर फाइटर थे. उन्होंने विंगचुन कुंगफू की शुरुआत की जो तेजी से हमला करने के सिद्धांत पर बना था. इस बदलाव ने परंपरागत कला के प्रदर्शन वाले कुंगफू की जगह आक्रामक मार्शल आर्ट को सामने रखा. हॉलीवुड समेत दुनिया भर के सिनेमा में चाइनीज़ मार्शल आर्ट की लोकप्रियता के पीछे ये बड़ी वजह है. साल 1959 में उन्होंने मार्शल आर्ट का स्कूल भी खोला उसमें वो ‘जन फैन गंग फू’ (ब्रूस ली का कुंग-फू) सिखाते थे. ब्रूस ली ने मार्शल आर्ट सीखने वालों को कसरत और डाइट पर ध्यान देने की पुरजोर वकालत की. ब्रूस ने एक बेहद मुश्किल मैच में ‘सिफू वॉन्ग जैकमैन’ को भी हराया. ‘सीफू’ कुंग-फू के उन मास्टर्स को कहा जाता है जो कभी हार नहीं सकते हैं.

आधे जर्मन और आधे चाइनीज़ ब्रूस ली ने कुल 7 फिल्में कीं. इनमें से भी तीन ब्रूस ली की मौत के बाद रिलीज़ हुईं. इसके बाद भी ब्रूस ली अपनी मौत के आधे दशक बाद भी स्टार हैं. गेम ऑफ डेथ में पहना उनका पीला जम्प सूट किसी भी सिने प्रेमी के लिए ब्रूस की पहचान बना हुआ है. ब्रूस की सबसे हिट फिल्म एंटर द ड्रैगन है. जिसकी रिलीज़ से ठीक 6 दिन पहले ब्रूस की मौत हो गई. इसके बाद कई कॉन्सपिरेसी थेयोरी सामने आईं. किसी ने कहा ब्रूस को उनकी पत्नी ने जहर दे दिया था. किसी ने कहा कि चीन की गुप्त संस्था ने उनकी हत्या करवा दी. यहां तक कि कुंग फू से जुड़े श्राप की कहानी भी सामने आई. मगर सच इससे कहीं अलग और दुखद है.

ब्रूस ली की मौत के चालीस साल बाद लगी उनके निजी सामान की प्रदर्शनी

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दुखद मौत

‘ली’ को काफी समय से सरदर्द की शिकायत रहती थी. डॉक्टरों ने जांच में बताया कि वे ‘सेरेब्रल इडेमा’ से पीड़ित थे. सेरेब्रल इडेमा एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान के दिमाग में सूजन आ जाती है और इसके चलते पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत और अचानक बेहोश हो जाने की समस्याएं होती हैं. ब्रूस इस बीमारी के चलते अपनी फ़िल्मों के सेट पर बेहोश भी हुए.

20 जुलाई 1973 को ली हॉन्ग-कॉन्ग में दोपहर 4 बजे अपनी अगली फ़िल्म ‘गेम ऑफ डेथ ‘ की तैयारी के सिलसिले में प्रोड्यूसर रेमंड चो से मुलाकात करने गए. उसी शाम को ब्रूस ली को तेज़ सरदर्द हुआ. ली की एक्ट्रेस दोस्त ‘बेट्टी तिंग पेई‘ ने उन्हें दर्द के लिए एक एनालजेसिक दवा दी. एनालसेजिक दवा एस्प्रिन और मेप्रोबामेट नाम की दो दवाओं का कॉम्बिनेशन होती है. रात में जब ली डिनर के लिए नहीं उठे तो डॉक्टर को बुलाया गया. डॉक्टर ने 10 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की फिर क्वीन एलिज़ाबेथ हॉस्पिटल ले गए. जहां ली को मृत घोषित कर दिया गया.

ब्रूस ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि ‘ली’ की ‘सेरेब्रल इडेमा’ बीमारी में एस्प्रिन और मेप्रोबामेट ने रिएक्शन किया जिससे उनके दिमाग का साइज़ 13 परसेंट तक बढ़ गया और 32 की उम्र में मार्शल आर्ट का ये लेजेंड नींद में ही सांस रुकने से चल बसा.

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