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लियोनार्डो डिकैप्रियो: 'रोज़' की वजह से किया था टाइटैनिक में जैक का रोल

लियोनार्डो इस फिल्म के ऑफर को काफी वक्त से ठुकराना चाहते थे लेकिन जेम्स कैमरून और केट विंसलेट के साथ काम करने की इच्छा ने उन्हें रोके रखा था.

Tulika Kushwaha Updated On: Nov 11, 2017 06:18 PM IST

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लियोनार्डो डिकैप्रियो: 'रोज़' की वजह से किया था टाइटैनिक में जैक का रोल

जब पिछले साल लियोनार्डो डिकैप्रियो को आखिरकार...आखिरकार... ऑस्कर मिला था, तब दुनिया भर में उनके प्रशंसकों ने चैन की सांस ली थी. हॉलीवुड एक्टर और प्रोड्यूसर लियोनार्डो अपनी जबरदस्त एक्टिंग और बेहतरीन किरदारों के लिए जाने जाते हैं. पूरी दुनिया में हजारों लोग उनकी अदाकारी के कायल हैं.

2015 में आई फिल्म रेवेनेंट में जब लियोनार्डो पर्दे पर दिखाई दिए थे, तब सबको उम्मीद थी कि आखिरकार इस परफॉरमेंस के लिए तो लियोनार्डो को ऑस्कर मिलेगा ही. अपनी हर फिल्म में हार्ड वर्क को एक ग्रेस के साथ लाने वाले लियोनार्डो ने द रेवेनेंट के लिए रुह कंपा देने वाली एक्टिंग की थी. उन्होंने इस फिल्म के हाइपोथर्मिया की कंडीशन में पहुंचा देने वाली ठंड में शूटिंग की, जानवरों के शवों के अंदर सोए और जंगली भैंसे का लीवर खाया. हॉलीवुड में 25 साल से ज्यादा वक्त गुजार लेने के बाद इस ब्रिलियंट एक्टर को वो मिला, जिसका वो हमेशा से हकदार था.

हालांकि, टाइटैनिक, रोमियो-जूलियट, कैच मी इफ यू कैन, वाट्स ईटिंग गिल्बर्ट ग्रेप, द ग्रेट गैट्सबी और द वुल्फ ऑफ वॉल स्ट्रीट जैसी फिल्मों में काम कर चुके लियोनार्डो के फैंस के लिए उनकी फिल्में ही एक अवॉर्ड हैं.

टाइटैनिक का थर्ड क्लास का जैक डॉसन

जिस फिल्म की वजह से लियोनार्डो को पहचान मिली, वो दूर-दराज के देशों में भी फेमस हुए, वो थी टाइटैनिक. टाइटैनिक ने हॉलीवुड और लियोनार्डो, दोनों के लिए बहुत बड़े बदलाव लेकर आई. टाइटैनिक दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी 2009 तक, जब तक टाइटैनिक के डायरेक्टर जेम्स कैमरून अपनी फिल्म अवतार लेकर नहीं आ गए.

टाइटैनिक के जैक डॉसन और रोज़ बकेटर अब भी प्रेमियों के लिए आदर्श जोड़े हैं. देखा जाए, तो ताजमहल के बाद अगर कोई दूसरा प्यार का प्रतीक है, तो टाइटैनिक के डेक पर जैक और रोज़ का वो आइकॉनिक पोज है.

लेकिन ये जानना कि लियोनार्डो और केट विंसलेट जैक और रोज़ कैसे बने थे, बहुत दिलचस्प है. लियोनार्डो इस फिल्म में काम करने के लिए बहुत उत्सुक नहीं थे.

केट विंसलेट की वजह से की फिल्म

लियोनार्डो डिकैप्रियो: द बायोग्राफी में लेखक डगलस वाइट लिखा है कि जेम्स कैमरन ने बताया था कि जब लियोनार्डो ने स्क्रिप्ट पढ़ा था तो उनका रिस्पॉन्स बहुत अच्छा नहीं था. उन्होंने अपने मैनेजर से कहा था कि ये फिल्म करने का कोई चांस नहीं है. 3 घंटे की रोमांटिक मूवी ने उनकी दिलचस्पी नहीं जगाई थी. उन्होंने कहा था, इसमें कुछ भी टर्मिनेटर जैसा नहीं है, कोई कार क्रैश नहीं, कोई धूम-धड़ाक नहीं. बस एक वजह थी जिसकी वजह से वो इस मूवी को सीधे ना नहीं कर पा रहे थे, वो थीं- केट विंसलेट.

आपको जानकर हैरानी होगी कि लियोनार्डो और केट दोनों ही ये मूवी एक दूसरे की वजह से करना चाहते थे. लियोनार्डो रोमियो-जूलियट के बाद से ही प्रशंसा बटोर रहे थे और केट हेवनली क्रेचर्स से सबकी नजरों में आ गई थीं, दोनों ही एक दूसरे के काम के कायल थे, इसलिए टाइटैनिक में हमें ये जैक और रोज़ के रूप में मिले.

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केट विंसलेट ने जब टाइटैनिक की स्क्रिप्ट पढ़ी थी, तो ये कहानी उन्हें बिल्कुल छू गई थी. उन्होंने तुरंत तय कर लिया कि उन्हें ये फिल्म करनी है. उन्होंने कहा था कि उन्हें ये कभी टाइटैनिक के डूबने की कहानी लगी ही नहीं, ये हमेशा से उनके लिए लव स्टोरी ही थी. उन्होंने जेम्स कैमरून से कई मिन्नतें कीं कि वो उन्हें इस फिल्म में ले लें. उन्होंने कैमरून को एक बार एक गुलाब भी भिजवाया, जिसपर लिखा था, तुम्हारी रोज़ की तरफ से. उनका कहना था कि वही रोज़ हैं.

जब केट को पता चला कि जैक के किरदार के लिए लियोनार्डो के नाम पर विचार किया जा रहा है, तो वो खुशी से उछलने लगीं, वो सच में ये फिल्म करना चाहती थीं. यहां तक कि जैक के किरदार में लियोनार्डो उन्हें इतने फिट लगे कि उन्होंने कैमरून से ये कहना शुरू कर दिया कि अगर वो केट को नहीं लेना चाहते तो कम से कम लियोनार्डो को जरूर ले लें.

यूं हुआ था ऑडिशन

खैर, लियोनार्डो खुद अपनी तरफ से बहुत दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे. यहां तक कि वो स्क्रीन टेस्ट इस अंदाज से देने गए, मानो ये तय करके गए हों कि उन्हें रिजेक्ट ही होना है.

बकौल, डेविड वाइट, जेम्स ने बताया कि लियोनार्डो को देखकर वो बिल्कुल भी कन्विंस नहीं थे. लियोनार्डो जब स्क्रीनटेस्ट के लिए आए, तो ऐसा लग रहा था, जैसे ये सबकुछ करने में उन्हें बहुत परेशानी हो रही हो, वो हाथ में सिगरेट थामे यूं ही बैठे थे. जेम्स को लग रहा था जैसे लियोनार्डो ध्यान भी नहीं दे रहे थे कि क्या हो रहा है. एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने काम रोक देने का सोचा लेकिन फिर जब लियोनार्डो उठे और उन्होंने जैक की लाइनें पढ़ीं, तो जेम्स समझ गए कि उन्हें उनका जैक मिल गया है और फिर बनी दुनिया की सबसे बड़ी लव स्टोरी.

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लियोनार्डो ने बाद में बताया था कि वो इस फिल्म के ऑफर को काफी वक्त से ठुकराना चाहते थे लेकिन जेम्स कैमरून और केट विंसलेट के साथ काम करने की इच्छा ने उन्हें रोके रखा था. पहले उन्हें जैक का किरदार भी बहुत पसंद नहीं था. लेकिन फिर वो बाद में जैक के अंदर के कलाकार के प्यार में पड़ गए.

क्लाइमेट चेंज और लियोनॉर्डो

फिल्मों के अलावा लियोनार्डो का एक और रूप इस दुनिया ने देखा है, वो है- एनवॉयर्नमेंटलिस्ट. 2014 में यूनाइटेड नेशन्स में क्लाइमेट चेंज पर उनके भाषण ने सुर्खियां बटोरी थीं और क्लाइमेट चेंज के खिलाफ चल रही बहस को तेज किया था. उन्होंने 1998 में लियोनार्डो डिकैप्रियो फाउंडेशन की नींव रखी.

ये संस्था मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करती है. उनकी संस्था क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वॉर्मिंग को लेकर लोगों को जागरूक करती है. फाउंडेशन ने दो डॉक्यूमेंट्री ग्लोबल वॉर्मिंग और वॉटर प्लैनेट भी बनाई हैं और वक्त-वक्त पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने के लिए फंड भी देती है.

(तस्वीरें: टाइटैनिक मूवी के फेसबुक पेज से साभार)

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