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क्या है इंटरनेट पर बिना ब्लाउज़ की साड़ी का चैलेंज

इंस्टाग्राम पर लोकप्रिय हो रहे इस चैलेंज में काफी क्रिएटिविटी देखने को मिल रही है

FP Staff Updated On: Oct 18, 2017 02:06 PM IST

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क्या है इंटरनेट पर बिना ब्लाउज़ की साड़ी का चैलेंज

भारत में लंबे समय से बिना सिले हुए कपड़े को पवित्र मानने की एक परंपरा रही है. आज भी कई मंदिरों में पूजापाठ के समय इस तरह के परिधान पहन कर कर्मकांड किए जाते हैं. पुरुषों की धोती की तरह ही महिलाओं की साड़ी एक ऐसा भारतीय पहनावा है जिसे सिला नहीं जाता है.

आज से करीब 150 साल पहले कोलोनियल प्रभाव के चलते धीरे-धीरे साड़ी के साथ ब्लाउज़ और पेटीकोट पहनना अनिवार्य हो गया. उससे पहले महिलाओं के साड़ी पहनने का तरीका अलग था. उस तरीके में बिना ब्लाउज के साड़ी पहनी जाती थी. अगर आपने गौर किया हो को ब्लाउज और पेटीकोट दोनों ही अंग्रेजी शब्द हैं.

बहरहाल, इंस्टाग्राम पर साड़ीमैन नाम से मशहूर हिमांशु वर्मा वर्मा ने नो ब्लाउज़ चैलेंज शुरू किया है. आपको बता दें कि हिमांशु वर्मा का मानना है कि प्राचीन भारत में पुरुष भी अलग तरह से साड़ी पहनते थे. हिमांशु वर्मा देश भर में साड़ी फेस्टिवल का भी आयोजन करते हैं.

इस बिना ब्लाउज़ के साड़ी चैलेंज में हिस्सा लेने वाली महिलाएं अलग-अलग तरीके से, ड्रेस, गाउन या किसी और तरह से साड़ी पहन कर अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डाल रही हैं. आप भी देखिए इस अनोखे साड़ी चैलेज की कुछ तस्वीरें.

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